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नरमा उत्पादन का रकबा बढ़ाना ही मुख्य लक्ष्य-काहन सिंह पन्नू

Sat, 04 May 2019 09:59 PM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Sat, 04 May 2019 09:59 PM IST
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नरमा उत्पादन का रकबा बढ़ाना ही मुख्य लक्ष्य-काहन सिंह पन्नू

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अबोहर। कृषि विभाग के मुख्य सचिव डा. केएस पन्नू ने कहा कि किसी समय सर्वाधिक और सर्वश्रेष्ठ कपास उत्पादन के विख्यात अबोहर और मुक्तसर क्षेत्र में करीब 20 लाख हेक्टेयर जमीन पर नरमा की पैदावार की जाती थी। बीते 20-25 वर्षों से इस इलाके के किसान सेम का संताप झेल रहे हैं और 6-7 वर्ष तक अमेरिकन सुंडी के हमले ने किसानों को आर्थिक बदहाली की ओर धकेल दिया। पन्नू शनिवार को इंडियन कॉटन एसोसिएशन के सेमिनार को संबोधित कर रहे थे।
पन्नू ने कहा कि अबोहर के गांव खुईखेड़ा व फाजिल्का का गांव सजराना सेम के कारण पूरी तरह से तबाह हो गए थे। सरकार ने तीन वर्ष तक निरंतर प्रयास करके इस इलाके को सेम से राहत दिलाई है। अब हमारा प्रयास है कि नरमा पैदावार में इस इलाके की पुरानी आभा फिर से बहाल की जाए। उन्होंने कहा कि नरमा की बिजाई का समय शुरू हो चुका है। अगले 15 दिन में कृषि विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी इस इलाके में किसानों को बढ़िया नरमा पैदावार के बारे में सलाह देंगे।
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पन्नू ने कहा कि किसानों को अहसास करना होगा कि पराली जलाने पर जमीन में जैविक तत्व नष्ट होते जा रहे हैं। सरकार ने मिट्टी की परख करवाने के लिये निशुल्क सेवाएं देने की पेशकश पहले ही किसानों को दी है। अच्छी तकनीक का सहारा नहीं लिया जाता तो कृषि को लाभदायक धंधा बनाने रखना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने बताया नरमा की पैदावार बढ़ाने के लिए चीन व अन्य देशों में नवीनतम किस्मों पर अध्ययन के लिये विशेषज्ञों को भेजने का निवेदन प्रदेश सरकार से किया जा रहा है।
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कृषि विशेषज्ञ डा. जोगिंद्र सिंह ने कहा कि मौसम विभाग की भविष्यवाणी के अनुसार नरमा पर इस बार सफेद सुंडी का हमला होने की प्रबल आशंका है। इसके प्रति किसानों को सावधान रहना होगा। कृषि विभाग के निर्देशक डा. एस के ऐरी ने बताया इस बार कम से कम 4 लाख हेक्टेयर रकबे में कपास की पैदावार का लक्ष्य रखा गया है। एसोसिएशन के प्रधान महेश शारदा ने कहा कि चीन व आस्ट्रेलिया के मुकाबले भारत के कपास की गुणवता कम है इसमें सुधार लाने के लिये सरकार को कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों की सेवाएं लेनी चाहिये। उन्होंने नरमा पर पर मार्केट फीस समाप्त करने की मांग की। इस मौके पर एसोसिएशन के पूर्व प्रधान राकेश राठी, सुरेश सतीजा, अश्विनी झांब, विजय बांसल, केएम चर्तुवेदी, राकेश राठी, भोला सिंह, सुरेन्द्र कुमार, सुनील पेड़ीवाल, जगत पेड़ीवाल, संजय गुप्ता, अनिल नागौरी, रविंद्र गोयल, नरेश बहल मौजूद थे।
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