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मंत्री भारत भूषण आशू को किया जाए बर्खास्त: खैहरा
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मंत्री भारत भूषण आशू को किया जाए बर्खास्त: खैरा
ग्रेंड मेन्योर होम प्रोजेक्ट की जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का लगाया आरोप
कहा-कार्रवाई नहीं हुई तो पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस हाईकोर्ट में करेगा याचिका दायर
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाब एकता पार्टी (पीएपी) के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भूमि विवाद से जुड़े मामले में कथित रूप से शामिल राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री भारत भूषण आशू को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
खैरा ने कैप्टन को पत्र लिख कर मांग की है कि लुधियाना में आरके बिल्डर की ग्रेंड मेन्योर होम प्रोजेक्ट की जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़े में शामिल मंत्री आशू, निगम अधिकारियों और बिल्डर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर इसकी जांच सीबीआई या पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए। खैरा ने कहा कि सूचना का अधिकार कार्यकर्ता कुलदीप सिंह खैरा की शिकायत पर पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने नगर निगम लुधियाना के पुलिस उपाधीक्षक बलविंदर सिंह सेखों को लुधियाना के गिल रोड पर चल रहे निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए थे। इस जांच रिपोर्ट में निगम के 16 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त इसी मामले की जांच लुधियाना के एडीसी इकबाल सिंह संधू ने की थी, जिसमें उन्होंने जमीन की सेल डीड में फर्जीवाड़ा होने की रिपोर्ट पेश की थी। खैरा ने बताया कि डीएसपी बलविंदर सिंह ने पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को शिकायत दी थी कि घोटाले की जांच से हटने के लिए कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु और कमलजीत सिंह कडवल उन पर दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया रिपोर्ट पेश होने के 20 दिन बाद भी मुख्यमंत्री ने अभी तक मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही पुलिस महानिदेशक ने बलविंदर सिंह की शिकायत पर कोई कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दोषियों का बचाव कर रहे हैं। खैरा ने कहा कि 18 फरवरी को विधानसभा में कैप्टन ने आश्वासन दिया था कि वह कैबिनेट मंत्री सहित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर कैप्टन ने मंत्री आशु के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा। पीएपी का शिरोमणि अकाली दल टकसाली से गठजोड़ नहीं होने के संबंध में खैरा ने कहा कि गठजोड़ से पूर्व ही टकसाली ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी, इसलिए वैचारिक मतभेद होने के कारण गठजोड़ नहीं हो सका।
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ग्रेंड मेन्योर होम प्रोजेक्ट की जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़े का लगाया आरोप
कहा-कार्रवाई नहीं हुई तो पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस हाईकोर्ट में करेगा याचिका दायर
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाब एकता पार्टी (पीएपी) के अध्यक्ष सुखपाल सिंह खैरा ने बुधवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और राज्य के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से भूमि विवाद से जुड़े मामले में कथित रूप से शामिल राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले के मंत्री भारत भूषण आशू को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करने की मांग की है।
खैरा ने कैप्टन को पत्र लिख कर मांग की है कि लुधियाना में आरके बिल्डर की ग्रेंड मेन्योर होम प्रोजेक्ट की जमीन के दस्तावेजों में फर्जीवाड़े में शामिल मंत्री आशू, निगम अधिकारियों और बिल्डर के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कर इसकी जांच सीबीआई या पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश से कराई जाए। खैरा ने कहा कि सूचना का अधिकार कार्यकर्ता कुलदीप सिंह खैरा की शिकायत पर पंजाब के निकाय मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने नगर निगम लुधियाना के पुलिस उपाधीक्षक बलविंदर सिंह सेखों को लुधियाना के गिल रोड पर चल रहे निर्माण में भ्रष्टाचार की जांच के आदेश दिए थे। इस जांच रिपोर्ट में निगम के 16 अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई थी। उन्होंने बताया कि इसके अतिरिक्त इसी मामले की जांच लुधियाना के एडीसी इकबाल सिंह संधू ने की थी, जिसमें उन्होंने जमीन की सेल डीड में फर्जीवाड़ा होने की रिपोर्ट पेश की थी। खैरा ने बताया कि डीएसपी बलविंदर सिंह ने पुलिस महानिदेशक दिनकर गुप्ता को शिकायत दी थी कि घोटाले की जांच से हटने के लिए कैबिनेट मंत्री भारत भूषण आशु और कमलजीत सिंह कडवल उन पर दबाव बना रहे हैं और जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने बताया रिपोर्ट पेश होने के 20 दिन बाद भी मुख्यमंत्री ने अभी तक मंत्री के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही पुलिस महानिदेशक ने बलविंदर सिंह की शिकायत पर कोई कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री दोषियों का बचाव कर रहे हैं। खैरा ने कहा कि 18 फरवरी को विधानसभा में कैप्टन ने आश्वासन दिया था कि वह कैबिनेट मंत्री सहित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर कैप्टन ने मंत्री आशु के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की तो पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय में याचिका दायर करेगा। पीएपी का शिरोमणि अकाली दल टकसाली से गठजोड़ नहीं होने के संबंध में खैरा ने कहा कि गठजोड़ से पूर्व ही टकसाली ने अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी थी, इसलिए वैचारिक मतभेद होने के कारण गठजोड़ नहीं हो सका।
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