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10 महीने से वेतन नहीं, मेयर दफ्तर के बाहर भूख हड़ताल शुरू
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मेयर कार्यालय के बाहर भूख हड़ताल पर बैठे
स्वच्छ भारत ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन ने दस माह से वेतन न मिलने पर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। स्वच्छ भारत ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन सदस्यों ने 10 महीने से वेतन न मिलने पर शुक्रवार से मेयर अनिल वासुदेवा के दफ्तर के समक्ष भूख हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी की निगम अधिकारियों को कोसा।
अगुवाई कर रहे प्रधान ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि 10 महीने पहले निगम अफसरों ने नए शामिल हुए 17 वार्डों की जल सप्लाइयों पर नए 28 युवकों को तैनात किया। हर महीने के अंत में टेंडर डालने का आश्वासन मेयर और पार्षद देते रहे। अब 10 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें वेतन नहीं दिया गया, मेयर अनिल वासुदेवा को कई बार अपील की पर कोई सुनवाई नहीं की गई, उल्टा मेयर ने कर्मचारियों के वेतन का टेंडर वाटर सप्लाई मोटरों की मेंटीनेंस के साथ ओपन कर दिया।
कोई ठेकेदार टेंडर लेने का इच्छुक नहीं है, क्योंकि निगम पर पहले ही मेंटीनेंस का लाखों रुपया ठेकेदारों का बकाया है। धर्मेंद्र ने कहा कि मेयर समेत अन्य अफसर शहर के कुत्तों की नसबंदी के लिए लाखों रुपया खर्च करने को तैयार हैं पर जल सप्लाई पर ड्यूटी देने वाले मुलाजिमों को देने के लिए पैसा नहीं। ठाकुर ने कहा कि र 2 दिन के अंदर सभी 28 मुलाजिमों को 10 महीने का वेतन नहीं दिया तो कर्मचारी मेयर के घर के बाहर भूख हड़ताल करेंगे। वेतन मिलने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। भूख हड़ताल पर जगदीश राज, विशाल, पवन, रिशु, विशाल और पवन बैठे।
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स्वच्छ भारत ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन ने दस माह से वेतन न मिलने पर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। स्वच्छ भारत ट्यूबवेल ऑपरेटर यूनियन सदस्यों ने 10 महीने से वेतन न मिलने पर शुक्रवार से मेयर अनिल वासुदेवा के दफ्तर के समक्ष भूख हड़ताल शुरू कर दी। कर्मचारियों ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी की निगम अधिकारियों को कोसा।
अगुवाई कर रहे प्रधान ठाकुर धर्मेंद्र सिंह ठाकुर ने कहा कि 10 महीने पहले निगम अफसरों ने नए शामिल हुए 17 वार्डों की जल सप्लाइयों पर नए 28 युवकों को तैनात किया। हर महीने के अंत में टेंडर डालने का आश्वासन मेयर और पार्षद देते रहे। अब 10 महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें वेतन नहीं दिया गया, मेयर अनिल वासुदेवा को कई बार अपील की पर कोई सुनवाई नहीं की गई, उल्टा मेयर ने कर्मचारियों के वेतन का टेंडर वाटर सप्लाई मोटरों की मेंटीनेंस के साथ ओपन कर दिया।
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कोई ठेकेदार टेंडर लेने का इच्छुक नहीं है, क्योंकि निगम पर पहले ही मेंटीनेंस का लाखों रुपया ठेकेदारों का बकाया है। धर्मेंद्र ने कहा कि मेयर समेत अन्य अफसर शहर के कुत्तों की नसबंदी के लिए लाखों रुपया खर्च करने को तैयार हैं पर जल सप्लाई पर ड्यूटी देने वाले मुलाजिमों को देने के लिए पैसा नहीं। ठाकुर ने कहा कि र 2 दिन के अंदर सभी 28 मुलाजिमों को 10 महीने का वेतन नहीं दिया तो कर्मचारी मेयर के घर के बाहर भूख हड़ताल करेंगे। वेतन मिलने तक भूख हड़ताल जारी रहेगी। भूख हड़ताल पर जगदीश राज, विशाल, पवन, रिशु, विशाल और पवन बैठे।
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