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धान की फसल को फायदा तो मक्की के लिए नुकसानदायक होगी बारिश
Updated Fri, 13 Jul 2018 10:32 PM IST
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धान के लिए फायदेमंद तो मक्की के लिए नुकसानदायक होगी बारिश
तेज गर्मी से सूख रही फसलों को संजीवनी मिली
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। दो दिन से बदले मौसम के मिजाज को देख खासकर धान के सिंचाई कार्य में लगे किसानों के चेहरे खिले नजर आए। मानो तेज गर्मी से सूख रही फसलों को संजीवनी मिल गयी। जालंधर में वीरवार को थोड़े समय के लिए आधे शहर में बारिश हुई थी, लेकिन शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई। किसानों के अनुसार धान की फसल को सिंचाई के लिए अधिक मात्रा में पानी की जरूरत होती है। मौजूदा समय में किसान धान की निलाई व सिंचाई कार्य में लगे हैं, ऐसे वक्त में बारिश फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। वहीं यह बारिश मक्की की फसल के लिए लाभदायक नहीं है। कई किसानों ने मक्की की फसल लगाना शुरू कर दिया है। खेतों में लगी मक्की के पौधे छोटे होने से यह बारिश उनके लिए सही नहीं हैं, क्योंकि अगर पौधों में पानी भर गया तो फसल खराब होने के आसार होंगे।
खेतीबाड़ी विकास अवसर डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि यह बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन मक्की की फसल के लिए नुकसानदायक हैं। धान की फसल को पानी की जरूरत होती है, इसलिए बारिश का होना बेहतरीन है। उन्होंने कहा कि एक लाख 69 हजार हेक्टेयर में धान की बुआई की गई हैं। करीब 90 फीसदी तक बुआई का काम पूरा हो चुका है, जबकि 10 फीसदी तक बुआई का काम मजदूरों की कमी के कारण लेट हुआ हैं। डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि धान की फसल के पौध तैयार होने लगे हैं, उनके लिए दो-चार दिन तक होने वाली बारिश का पानी लाभदायक हैं। लेकिन अगर बारिश लगातार कई दिनों तक हुई तो यह फसल के लिए अच्छी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मक्की की फसल की बुआई हो चुकी हैं। यह बारिश मक्की के लिए बेहतर नहीं है, क्योंकि अभी फसल के पौधे छोटे हैं उनमें बारिश का पानी भर गया तो फसल खराब हो सकती हैं।
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तेज गर्मी से सूख रही फसलों को संजीवनी मिली
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। दो दिन से बदले मौसम के मिजाज को देख खासकर धान के सिंचाई कार्य में लगे किसानों के चेहरे खिले नजर आए। मानो तेज गर्मी से सूख रही फसलों को संजीवनी मिल गयी। जालंधर में वीरवार को थोड़े समय के लिए आधे शहर में बारिश हुई थी, लेकिन शुक्रवार को झमाझम बारिश हुई। किसानों के अनुसार धान की फसल को सिंचाई के लिए अधिक मात्रा में पानी की जरूरत होती है। मौजूदा समय में किसान धान की निलाई व सिंचाई कार्य में लगे हैं, ऐसे वक्त में बारिश फसल के लिए काफी फायदेमंद साबित होगी। वहीं यह बारिश मक्की की फसल के लिए लाभदायक नहीं है। कई किसानों ने मक्की की फसल लगाना शुरू कर दिया है। खेतों में लगी मक्की के पौधे छोटे होने से यह बारिश उनके लिए सही नहीं हैं, क्योंकि अगर पौधों में पानी भर गया तो फसल खराब होने के आसार होंगे।
खेतीबाड़ी विकास अवसर डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि यह बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद हैं, लेकिन मक्की की फसल के लिए नुकसानदायक हैं। धान की फसल को पानी की जरूरत होती है, इसलिए बारिश का होना बेहतरीन है। उन्होंने कहा कि एक लाख 69 हजार हेक्टेयर में धान की बुआई की गई हैं। करीब 90 फीसदी तक बुआई का काम पूरा हो चुका है, जबकि 10 फीसदी तक बुआई का काम मजदूरों की कमी के कारण लेट हुआ हैं। डॉ. जसविंदर सिंह ने कहा कि धान की फसल के पौध तैयार होने लगे हैं, उनके लिए दो-चार दिन तक होने वाली बारिश का पानी लाभदायक हैं। लेकिन अगर बारिश लगातार कई दिनों तक हुई तो यह फसल के लिए अच्छी नहीं होगी। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर मक्की की फसल की बुआई हो चुकी हैं। यह बारिश मक्की के लिए बेहतर नहीं है, क्योंकि अभी फसल के पौधे छोटे हैं उनमें बारिश का पानी भर गया तो फसल खराब हो सकती हैं।
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