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कपूरथला के किसान की बेटी जसमीन सूबे में सैकिंड
Updated Tue, 08 May 2018 10:36 PM IST
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किसान की बेटी जसमीन सूबे में द्वितीय
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर परिवार का नाम रोशन करने का सपना
सब-डिवीजन भुलत्थ के शिशु माडल स्कूल की छात्रा है जसमीन
महेश कुमार
कपूरथला।
एनआरआई बेल्ट से मशहूर सब डिवीजन भुलत्थ के गांव मेतला के छोटे किसान सुखवीर सिंह के घर दीवाली सा माहौल है। हर किसी की जुबां पर किसान की बेटी जसमीन कौर की उपलब्धि की गाथा है। जसमीन ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं के घोषित परिणाम में 636 अंक हासिल करके सूबे में दूसरा स्थान ासिल किया है। पोती की उपलब्धि से बूढ़ी दादी निंदर कौर भी गौरवान्वित महसूस कर रही है। वहीं किसान पिता सुखवीर सिंह और माता बख्शीश कौर अपनी लाडो पर वारे जा रही थी।
गांव मेतला की जसमीन कौर ने 97.85 प्रतिशत अंक हासिल करके सूबे में दूसरा स्थान पाया। भुलत्थ के शिशु माडल हाई स्कूल की छात्रा जसमीन कौर को यह खुशी सुनाने प्रिंसिपल सुनील शर्मा भुलत्थ से करीब दो किलोमीटर दूर गांव मेतला पहुंचे। जब उन्होंने जसमीन को टॉप करने के बारे में बताया तो वह उछल पड़ी। पूरा परिवार जसमीन को बधाई देने लगा और उसका मुंह मीठा कराया गया। धीरे-धीरे पूरा गांव जसमीन की इस उपलब्धि का हिस्सा बनने के लिए सुखवीर सिंह के घर की ओर बढ़ने लगा।
जसमीन कौर ने कहा कि उसे पूरा भरोसा था कि वह टॉप जरूर करेगी।शिशु माडल स्कूल के प्रिंसिपल सुनील शर्मा, क्लास इंचार्ज मैडम रमन और सभी विषयों के अध्यापकों को उन्हें ऐसे तरीके से पढ़ाया था कि टॉप तो होना ही था। उसने इस उपलब्धि का श्रेय वाहेगुरु, स्कूल प्रबंधन और माता-पिता को दिया। उसने बताया कि जहां खुद उसने घर पर 3-4 घंटे रेगुलर पढ़ाई की, वहीं पिछले समर वैकेशन में शिक्षकों ने भी प्री-बोर्ड एग्जाम लिए। कभी एक्स्ट्रा क्लास तो कभी संडे को भी शिक्षकों ने क्लास लगाकर मेंटली पूरी तरह से टॉप करने के लिए तैयार कर दिया था।
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सबसे अहम था टाइम टेबल। यह टाइमटेबल प्रिंसिपल सुनील शर्मा और क्लास इंचार्ज की ओर से तैैयार करके दिया गया, जिसका उसने पूरा पालन किया और परिणाम आपके सामने हैं। बाकी समय-समय पर शिक्षकों की ओर से मोटीवेट भी किया गया। उसने कहा कि उसका सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करने का है। सातवीं कक्षा की हरवीन कौर और गुरबीर कौर की बड़ी बहन जसमीन ने कहा कि अब वह 11वीं में नॉन मेडिकल स्ट्रीम लेकर अपने सपने को साकार करने की तरफ कदम बढाएगी। 12वीं पास किसान पिता सुखवीर सिंह ने बताया कि उनके पास केवल डेढ़ कनाल जमीन हैं और उस पर भी करीब साढ़े चार लाख रुपये का लोन है। वह बचपन में पढ़ाई के साथ-साथ काम करते थे। घर की जिम्मेदारियों की वजह से ज्यादा नहीं पढ़ पाए। बेटी ने उसका सपना साकार किया है। जहां तक जसमीन पढ़ना चाहेगी, उसे जरूर पढ़ाऊंगा। खुद तो नहीं पढ़ सका, लेकिन अपना सपना उसमें पूरा करूंगा। सुखवीर सिंह ने कहा कि यह उनकी बेटी नहीं, बल्कि बेटा है, जिसने उसका नाम रोशन किया है। जसमीन की दसवीं पास मां बख्शीश कौर ने कहा कि बेटी ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है।
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सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर परिवार का नाम रोशन करने का सपना
सब-डिवीजन भुलत्थ के शिशु माडल स्कूल की छात्रा है जसमीन
महेश कुमार
कपूरथला।
एनआरआई बेल्ट से मशहूर सब डिवीजन भुलत्थ के गांव मेतला के छोटे किसान सुखवीर सिंह के घर दीवाली सा माहौल है। हर किसी की जुबां पर किसान की बेटी जसमीन कौर की उपलब्धि की गाथा है। जसमीन ने पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के दसवीं के घोषित परिणाम में 636 अंक हासिल करके सूबे में दूसरा स्थान ासिल किया है। पोती की उपलब्धि से बूढ़ी दादी निंदर कौर भी गौरवान्वित महसूस कर रही है। वहीं किसान पिता सुखवीर सिंह और माता बख्शीश कौर अपनी लाडो पर वारे जा रही थी।
गांव मेतला की जसमीन कौर ने 97.85 प्रतिशत अंक हासिल करके सूबे में दूसरा स्थान पाया। भुलत्थ के शिशु माडल हाई स्कूल की छात्रा जसमीन कौर को यह खुशी सुनाने प्रिंसिपल सुनील शर्मा भुलत्थ से करीब दो किलोमीटर दूर गांव मेतला पहुंचे। जब उन्होंने जसमीन को टॉप करने के बारे में बताया तो वह उछल पड़ी। पूरा परिवार जसमीन को बधाई देने लगा और उसका मुंह मीठा कराया गया। धीरे-धीरे पूरा गांव जसमीन की इस उपलब्धि का हिस्सा बनने के लिए सुखवीर सिंह के घर की ओर बढ़ने लगा।
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जसमीन कौर ने कहा कि उसे पूरा भरोसा था कि वह टॉप जरूर करेगी।शिशु माडल स्कूल के प्रिंसिपल सुनील शर्मा, क्लास इंचार्ज मैडम रमन और सभी विषयों के अध्यापकों को उन्हें ऐसे तरीके से पढ़ाया था कि टॉप तो होना ही था। उसने इस उपलब्धि का श्रेय वाहेगुरु, स्कूल प्रबंधन और माता-पिता को दिया। उसने बताया कि जहां खुद उसने घर पर 3-4 घंटे रेगुलर पढ़ाई की, वहीं पिछले समर वैकेशन में शिक्षकों ने भी प्री-बोर्ड एग्जाम लिए। कभी एक्स्ट्रा क्लास तो कभी संडे को भी शिक्षकों ने क्लास लगाकर मेंटली पूरी तरह से टॉप करने के लिए तैयार कर दिया था।
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सबसे अहम था टाइम टेबल। यह टाइमटेबल प्रिंसिपल सुनील शर्मा और क्लास इंचार्ज की ओर से तैैयार करके दिया गया, जिसका उसने पूरा पालन किया और परिणाम आपके सामने हैं। बाकी समय-समय पर शिक्षकों की ओर से मोटीवेट भी किया गया। उसने कहा कि उसका सपना सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनकर अपने माता-पिता का नाम रोशन करने का है। सातवीं कक्षा की हरवीन कौर और गुरबीर कौर की बड़ी बहन जसमीन ने कहा कि अब वह 11वीं में नॉन मेडिकल स्ट्रीम लेकर अपने सपने को साकार करने की तरफ कदम बढाएगी। 12वीं पास किसान पिता सुखवीर सिंह ने बताया कि उनके पास केवल डेढ़ कनाल जमीन हैं और उस पर भी करीब साढ़े चार लाख रुपये का लोन है। वह बचपन में पढ़ाई के साथ-साथ काम करते थे। घर की जिम्मेदारियों की वजह से ज्यादा नहीं पढ़ पाए। बेटी ने उसका सपना साकार किया है। जहां तक जसमीन पढ़ना चाहेगी, उसे जरूर पढ़ाऊंगा। खुद तो नहीं पढ़ सका, लेकिन अपना सपना उसमें पूरा करूंगा। सुखवीर सिंह ने कहा कि यह उनकी बेटी नहीं, बल्कि बेटा है, जिसने उसका नाम रोशन किया है। जसमीन की दसवीं पास मां बख्शीश कौर ने कहा कि बेटी ने पूरे परिवार का मान बढ़ाया है।