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दुबई में चावल एक्सपोर्ट का लाइसेंस दिलाने के नाम पर 25.50 लाख ठगे
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दुबई में चावल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी बनाने के नाम पर लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर 25.50 लाख रुपये ठगने और कार मांगकर तीन लाख में गिरवी रखने के मामले में थाना सदर की पुलिस ने एक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
अवतार सिंह निवासी गांव कोट करार खां ने एसएसपी सतिंदर सिंह को दी शिकायत में बताया था कि उसका राइस शैलर है। उसका संपर्क वर्ष-2018 में दुबई में रहने वाले गुरशरनजीत सिंह निवासी गांव जैनपुर थाना सुल्तानपुर लोधी से हुआ था। गुरशरनजीत सिंह ने बताया था कि उसका दुबई में कई शेखों से संपर्क है और वह उसको एक शेख से मिला सकता है। इसकी मदद से वह दुबई में चावल एक्सपोर्ट करके मोटी रकम कमा सकता है। इससे पहले उसे वहां की कंपनी का लाइसेंस बनवाना होगा। गुरशरनजीत सिंह दुबई के एक व्यक्ति को शेख बताते हुए उसके बेटे से मिला और जल्द से जल्द चावल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी बनाने के लिए लाइसेंस बनाने का झांसा दिया। उसने गुरशरनजीत सिंह की बातों में आकर 2018 में 7.50 लाख रुपये की रकम एडवांस में उसको दे दी। इसके बाद लाइसेंस के नाम पर 6.50 लाख रुपये ले गया। वर्ष-2019 में उसने उससे कहा कि उसकी कंपनी का लाइसेंस बन गया है। उसे 11.50 लाख रुपये और देने होंगे। उसने वह भी दे दिए। इस दौरान आरोपी उससे उसकी स्विफ्ट कार भी मांग कर ले गया। उसने कार जालंधर के एक व्यक्ति के पास 3 लाख रुपये में गिरवी रख दी। जब गुरशरनजीत सिंह ने उससे 25.50 लाख रुपये की रकम लेकर भी लाइसेंस नहीं दिलाया तो उसने रकम वापसी का दबाव बनाया लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा। वह किसी प्रकार जालंधर के व्यक्ति से कार लेकर आया और एसएसपी से गुहार लगाई। जांच में गुरशरनजीत सिंह पर लगे आरोप सहीं पाए गए।
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अवतार सिंह निवासी गांव कोट करार खां ने एसएसपी सतिंदर सिंह को दी शिकायत में बताया था कि उसका राइस शैलर है। उसका संपर्क वर्ष-2018 में दुबई में रहने वाले गुरशरनजीत सिंह निवासी गांव जैनपुर थाना सुल्तानपुर लोधी से हुआ था। गुरशरनजीत सिंह ने बताया था कि उसका दुबई में कई शेखों से संपर्क है और वह उसको एक शेख से मिला सकता है। इसकी मदद से वह दुबई में चावल एक्सपोर्ट करके मोटी रकम कमा सकता है। इससे पहले उसे वहां की कंपनी का लाइसेंस बनवाना होगा। गुरशरनजीत सिंह दुबई के एक व्यक्ति को शेख बताते हुए उसके बेटे से मिला और जल्द से जल्द चावल एक्सपोर्ट करने वाली कंपनी बनाने के लिए लाइसेंस बनाने का झांसा दिया। उसने गुरशरनजीत सिंह की बातों में आकर 2018 में 7.50 लाख रुपये की रकम एडवांस में उसको दे दी। इसके बाद लाइसेंस के नाम पर 6.50 लाख रुपये ले गया। वर्ष-2019 में उसने उससे कहा कि उसकी कंपनी का लाइसेंस बन गया है। उसे 11.50 लाख रुपये और देने होंगे। उसने वह भी दे दिए। इस दौरान आरोपी उससे उसकी स्विफ्ट कार भी मांग कर ले गया। उसने कार जालंधर के एक व्यक्ति के पास 3 लाख रुपये में गिरवी रख दी। जब गुरशरनजीत सिंह ने उससे 25.50 लाख रुपये की रकम लेकर भी लाइसेंस नहीं दिलाया तो उसने रकम वापसी का दबाव बनाया लेकिन वह टाल-मटोल करता रहा। वह किसी प्रकार जालंधर के व्यक्ति से कार लेकर आया और एसएसपी से गुहार लगाई। जांच में गुरशरनजीत सिंह पर लगे आरोप सहीं पाए गए।
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