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स्वच्छता सर्वेक्षण समाप्त, शहर में ज्यों के त्यों लगे कचरे के ढ़ेर
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स्वच्छता सर्वे पूरा, लगे कचरे के ढेर
अबोहर का स्वच्छता सूची में नीचे आ सकता है नाम
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। केंद्रीय शहरी आवास मंत्री हरिंद्र सिंह पुरी के निर्देशों पर जनवरी के आरंभ में शुरू किया गया स्वच्छता सर्वेक्षण 31 जनवरी को समाप्त हो गया। शहर के कई स्थानों पर ज्यों के त्यों कचरे के ढेर लगे है। इससे स्वच्छता की सूची में इस बार अबोहर शहर का ग्राफ और नीचे जा सकता है।
इस वर्ष भी केन्द्रीय शहरी आवास मंत्रालय ने सभी शहरों का स्वच्छता सर्वेक्षण कराया। अबोहर में सर्वे 4 जनवरी से शुरू हुआ था। इस बार न तो नगर परिषद ने सफाई के बारे में कोई ध्यान दिया और न ही शहर की समाजसेवी संस्थाओं ने परिषद का सहयोग किया। इससे शहर के विभिन्न स्थानों पर कचरे के पहले की तरह लगे रहे। हालांकि शहर की अधिकतर सड़कें और गलियां अमृत योजना के तहत खोदी हुई पड़ी हैं। इसके बाद भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शहर को साफ शहरों की श्रेणी में शामिल करने का पूरा प्रयास नहीं किया गया।
फाजिल्का रोड टीवी टावर के सामने आज भी कचरे के ढेर लगे हैं। इसके अलावा गीता मंदिर के पास, अजीमगढ़ रोड मुरारी लाल भट्टे के निकट, कंधवाला रोड़ पीरखाना के पास, तारा स्टेट के नजदीक तथा महाराजा अग्रसैन नगर, पुरानी फाजिल्का रोड सेतिया कालोनी के नजदीक कचरे के ढेर लगे हैं। नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर अश्विनी मिगलानी का कहना है यथासंभव शहर को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास किया गया। पिछले वर्ष की तरह इस बार समाजसेवी संस्थाओं ने सहयोग नहीं किया। इससे हम सफाई में पीछे रह गए। उन्होंने लोगों से शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
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अबोहर का स्वच्छता सूची में नीचे आ सकता है नाम
अमर उजाला ब्यूरो
अबोहर। केंद्रीय शहरी आवास मंत्री हरिंद्र सिंह पुरी के निर्देशों पर जनवरी के आरंभ में शुरू किया गया स्वच्छता सर्वेक्षण 31 जनवरी को समाप्त हो गया। शहर के कई स्थानों पर ज्यों के त्यों कचरे के ढेर लगे है। इससे स्वच्छता की सूची में इस बार अबोहर शहर का ग्राफ और नीचे जा सकता है।
इस वर्ष भी केन्द्रीय शहरी आवास मंत्रालय ने सभी शहरों का स्वच्छता सर्वेक्षण कराया। अबोहर में सर्वे 4 जनवरी से शुरू हुआ था। इस बार न तो नगर परिषद ने सफाई के बारे में कोई ध्यान दिया और न ही शहर की समाजसेवी संस्थाओं ने परिषद का सहयोग किया। इससे शहर के विभिन्न स्थानों पर कचरे के पहले की तरह लगे रहे। हालांकि शहर की अधिकतर सड़कें और गलियां अमृत योजना के तहत खोदी हुई पड़ी हैं। इसके बाद भी पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष शहर को साफ शहरों की श्रेणी में शामिल करने का पूरा प्रयास नहीं किया गया।
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फाजिल्का रोड टीवी टावर के सामने आज भी कचरे के ढेर लगे हैं। इसके अलावा गीता मंदिर के पास, अजीमगढ़ रोड मुरारी लाल भट्टे के निकट, कंधवाला रोड़ पीरखाना के पास, तारा स्टेट के नजदीक तथा महाराजा अग्रसैन नगर, पुरानी फाजिल्का रोड सेतिया कालोनी के नजदीक कचरे के ढेर लगे हैं। नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर अश्विनी मिगलानी का कहना है यथासंभव शहर को साफ-सुथरा बनाने का प्रयास किया गया। पिछले वर्ष की तरह इस बार समाजसेवी संस्थाओं ने सहयोग नहीं किया। इससे हम सफाई में पीछे रह गए। उन्होंने लोगों से शहर की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
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