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संत निरंकारी मिशन द्वारा निर्मित सबसे बड़ी रोशन मीनार की मानवाकृती गिनीज बुक में दर्ज
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‘रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति’ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज
नवंबर-2018 में मिशन के आध्यात्मिक स्थल समालखा में बनाई गई थी ‘रोशन मीनार की मानव आकृति’
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। संत निरंकारी मिशन द्वारा नवंबर-2018को आध्यात्मिक स्थल, जीटी रोड समालखा (हरियाणा) में बनाई गई ‘रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति’ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गई है। जिसका उद्घोष निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा ने मुंबई स्थित खारघर के सिडको के मैदान पर सम्पन्न हुए विशाल संत समागम कार्यक्रम के दौरान किया। इससे देश-विदेशों में मिशन के लाखों अनुयायियों में खुशी की लहर है। यह जानकारी मुंबई के मीडिया प्रभारी प्रवीण छाबड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
बता दें कि संत निरंकारी मिशन ने नवंबर-2018 को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, जीटी रोड समालखा, हरियाणा में ‘रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति’ बनाकर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने का प्रयास किया था। निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा के नेतृत्व में आकृति उसी स्थल पर बनाई गई थी, जहां मिशन का तीन दिवसीय 71वां वार्षिक निरंकारी संत समागम हुआ था। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न भागों और विदेशों से आए लगभग 20 हजार पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया। हर सदस्य को प्रबंधकों की ओर से भिन्न-भिन्न रंग की पोशाक दी गई, जो उसके स्थान के अनुसार निर्धारित की गई थी। इस मानव आकृति में इस्तेमाल पोशाक के कुल 5 रंग थे। बता दें कि माता सुदीक्षा ने इस मानव आकृति को माता सविंदर हरदेव जी को समर्पित किया था। जिन्होंने 13 मई 2016 से लेकर 5 अगस्त 2018 तक सतगुरु रूप में मिशन का मार्ग-दर्शन किया। इसे बनाने के लिए लगभग 5 घंटे का समय लगा था। माता सविंदर हरदेव चाहते थे कि मिशन का हर अनुयायी प्रेम, नम्रता, शांति एवं एकता पर आधारित जीवन यापन करे एवं एक रोशन मीनार बने और ब्रह्मज्ञान के इस उजाले को संसार के कोने-कोने तक फैलाए।
पंजाब में निरंकारी अनुयायियों में खुशी की लहर
रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की सूचना मिलते ही पंजाब में निरंकारी अनुयायियों में खुशी की लहर है। इस संबंध में संत निरंकारी मंडल एवं पंजाब के मीडिया सहायक नरिंद्र चावला व प्रेम कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ व जिला पठानकोट सहित राज्य के सभी जिलों के निरंकारी अनुयायियों ने एक दूसरे को इस उपलब्धि के लिए बधाइयां दी हैं। वहीं माता सविंदर हरदेव के सपने को साकार करने के लिए प्रेम, नम्रता, शांति और एकता बनाए रखने के लिए प्रण लिया है।
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फोटो:-5-इसी आकृति को मिला लार्जेस्ट ह्यूमन इमेज ऑफ लाइट हाउस का खिताब।
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‘रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति’ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज
नवंबर-2018 में मिशन के आध्यात्मिक स्थल समालखा में बनाई गई थी ‘रोशन मीनार की मानव आकृति’
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। संत निरंकारी मिशन द्वारा नवंबर-2018को आध्यात्मिक स्थल, जीटी रोड समालखा (हरियाणा) में बनाई गई ‘रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति’ गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो गई है। जिसका उद्घोष निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा ने मुंबई स्थित खारघर के सिडको के मैदान पर सम्पन्न हुए विशाल संत समागम कार्यक्रम के दौरान किया। इससे देश-विदेशों में मिशन के लाखों अनुयायियों में खुशी की लहर है। यह जानकारी मुंबई के मीडिया प्रभारी प्रवीण छाबड़ा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
बता दें कि संत निरंकारी मिशन ने नवंबर-2018 को संत निरंकारी आध्यात्मिक स्थल, जीटी रोड समालखा, हरियाणा में ‘रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति’ बनाकर अपना नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने का प्रयास किया था। निरंकारी सतगुरु माता सुदीक्षा के नेतृत्व में आकृति उसी स्थल पर बनाई गई थी, जहां मिशन का तीन दिवसीय 71वां वार्षिक निरंकारी संत समागम हुआ था। कार्यक्रम में भारत के विभिन्न भागों और विदेशों से आए लगभग 20 हजार पुरुषों और महिलाओं ने भाग लिया। हर सदस्य को प्रबंधकों की ओर से भिन्न-भिन्न रंग की पोशाक दी गई, जो उसके स्थान के अनुसार निर्धारित की गई थी। इस मानव आकृति में इस्तेमाल पोशाक के कुल 5 रंग थे। बता दें कि माता सुदीक्षा ने इस मानव आकृति को माता सविंदर हरदेव जी को समर्पित किया था। जिन्होंने 13 मई 2016 से लेकर 5 अगस्त 2018 तक सतगुरु रूप में मिशन का मार्ग-दर्शन किया। इसे बनाने के लिए लगभग 5 घंटे का समय लगा था। माता सविंदर हरदेव चाहते थे कि मिशन का हर अनुयायी प्रेम, नम्रता, शांति एवं एकता पर आधारित जीवन यापन करे एवं एक रोशन मीनार बने और ब्रह्मज्ञान के इस उजाले को संसार के कोने-कोने तक फैलाए।
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पंजाब में निरंकारी अनुयायियों में खुशी की लहर
रोशन मीनार की सबसे बड़ी मानव आकृति गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज होने की सूचना मिलते ही पंजाब में निरंकारी अनुयायियों में खुशी की लहर है। इस संबंध में संत निरंकारी मंडल एवं पंजाब के मीडिया सहायक नरिंद्र चावला व प्रेम कुमार ने बताया कि चंडीगढ़ व जिला पठानकोट सहित राज्य के सभी जिलों के निरंकारी अनुयायियों ने एक दूसरे को इस उपलब्धि के लिए बधाइयां दी हैं। वहीं माता सविंदर हरदेव के सपने को साकार करने के लिए प्रेम, नम्रता, शांति और एकता बनाए रखने के लिए प्रण लिया है।
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फोटो:-5-इसी आकृति को मिला लार्जेस्ट ह्यूमन इमेज ऑफ लाइट हाउस का खिताब।