फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   पुलवामा शहीद मनिन्द्र के पिता बोले, वक्त आया तो दूसरा बेटा भी कर दूंगा देश पर कुर्बान

पुलवामा शहीद मनिन्द्र के पिता बोले, वक्त आया तो दूसरा बेटा भी कर दूंगा देश पर कुर्बान

Mon, 25 Feb 2019 10:23 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 25 Feb 2019 10:23 PM IST
विज्ञापन
पुलवामा शहीद मनिन्द्र के पिता बोले, वक्त आया तो दूसरा बेटा भी कर दूंगा देश पर कुर्बान
सभी केंद्र
विज्ञापन


शहीद मनिंद्र के पिता बोले, वक्त आया तो दूसरा बेटा भी कर दूंगा देश पर कुर्बान
21 शहीद परिवारों ने अपने लाडलों को स्मरण करते हुए नम आंखों से 21 कुंडों में डाली आहुतियां
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट। मुझे गर्व है कि बेटा देश पर कुर्बान हो गया, दुख है कि कायरों ने बेटे पर पीठ पीछे वार किया। अगर सामने आते तो वह कइयों पर भारी पड़ता। मेरा बेटा मुझे अपनी वर्दी दे कर गया है, अगर देश को जरूरत हुई तो मैं भी सरहद पर जाने को तैयार हूं। मेरा दूसरा बेटा भी सीआरपीएफ में है, वक्त आया तो उसे भी वतन पर कुर्बान कर दूंगा। यह बात पुलवामा हमले में शहीद हुए दीनानगर निवासी कांस्टेबल मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्री ने पठानकोट में कही। उन्होंने कहा कि पाक की ऐसी कायराना हरकत एक शहीद के पिता के हौसलों को परास्त नहीं कर सकती। वह पठानकोट में पुलवामा फिदायीन हमले व देश के अन्य शहीदों की आत्मिक शांति के लिए आचार्य करुण शर्मा की अध्यक्षता में रघुनाथ मंदिर की रामलीला ग्राउंड में आठ दिनों से चल रहे 21 कुंडीय लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के समापन पर पहुंचे थे। अंतिम दिन 21 सब एरिया के कर्नल वी रविशंकर और पुलवामा हमले में शहादत का जाम पीने वाले दीनानगर निवासी कांस्टेबल मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्री सहित 20 अन्य शहीदों के परिवारों ने विशेष तौर पर शामिल होकर अपने लाडलों को याद कर नम आंखों से 21 कुंडों में आहुतियां डालीं। हवन की पूर्णाहुति के बाद एक श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन भी किया गया। इसमें स्कूली छात्रों के अलावा शहर के गणमान्य लोगों ने शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। कर्नल वी रविशंकर ने कहा कि शहीदों के सम्मान में इस महायज्ञ में हिस्सा लेकर वह खुद को गौरवान्वित महसूस कर हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से जहां सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ता है। वहीं शहीद परिवारों को भी आत्मबल मिलता है कि इस दुख की घड़ी में देशवासी उनके साथ हैं।


अब भी सरकार ने ढुलमुल नीति अपनाई तो माफ नहीं करेंगे
परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र विक्की ने कहा कि आतंक के पनाहगार पाकिस्तान की इस कायराना हरकत का करारा जवाब ही इन शहीदों के परिवारों के जख्मों पर मरहम है, मगर अब भी सरकार ने ढुलमुल नीति अपनाई तो यह देश व शहीद परिवार उसे कभी माफ नहीं करेंगे। परिषद के अध्यक्ष कर्नल सागर सिंह ने कहा कि पाक को लेकर सरकार को कड़ा रुख अख्तियार करना होगा। ताकि आने वाले दिनों में इस्लामाबाद में ऐसे महायज्ञ आयोजित किए जाएं। इस अवसर पर आयोजकों ने 21 शहीद परिवारों को सम्मानित किया। इस अवसर पर शहीद कैप्टन अरुण जसरोटिया अशोक चक्र के पिता कर्नल प्रभात जसरोटिया, शहीद ले. त्रिवेणी सिंह अशोक चक्र विजेता के पिता कै. जनमेज सिंह, शहीद ले. नवदीप सिंह अशोक चक्र विजेता के पिता कैप्टन जोगिंद्र सिंह, शहीद मेजर विवेक भंदराल सेना मैडल के पिता कर्नल पीएस भंदराल, पूर्व विधायक अशोक शर्मा, कथा ब्यास कार्षिण मनोहर लाल शास्त्री, गगनदीप, कैप्टन रछपाल सिंह, हंसराज, आचार्य देव दत्त गौरव, बनारस से विलोक दत्त नागर, उज्जैन से पवन रैना, जम्मू से शुभम शर्मा, हिमाचल से इंद्रजीत शर्मा, मुनीष ब्यास, राजेश कुमार, ठाकुर जीवन सिंह चिबव अन्य उपस्थित थे।
विज्ञापन


फोटो:-6-कार्यक्रम में उपस्थित शहीद सैनिक परिवारों के सदस्य।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed