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तीन साल पहले बेअदबी मामले में पकड़े बेकसूर भाईयों ने दर्ज करवाए ब्यान
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:37 PM IST
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बेअदबी मामले में पकड़े बेकसूर भाइयों ने दर्ज करवाए बयान
दो सप्ताह बाद पुलिस ने किया था रूपिंदर और जसविंदर को बिना शर्त रिहा
एसआईटी ने सेहत विभाग से दोनों घटनाओं में घायलों का रिकार्ड मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। तीन साल पुराने बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने अपनी जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है और इन घटनाओं से जुड़े पीड़ितों व गवाहों के बयान लिखे जा रहे हैं। इसके तहत मंगलवार को गांव पंजगराईं खुर्द (मोगा) निवासी उन दो भाईयों रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह ने एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह के पास अपना बयान दर्ज करवाया जिन्हें तीन साल पहले पंजाब पुलिस की तत्कालीन एसआईटी ने बरगाड़ी बेअदबी मामले में बतौर आरोपी गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ किसी तरह का कोई सुबूत न मिलने पर उन्हें 14 दिन के बाद बिना शर्त रिहा करना पड़ा था।
मंगलवार को एसआईटी के पास दोनों भाईयों के अलावा पंजाब राज बिजली बोर्ड के पूर्व चेयरमैन एचएस बराड़ समेत कुल 8 व्यक्तियों ने अपने बयान लिखवाए और घटनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एसआईटी ने जिला सेहत विभाग से इन दोनों घटनाओं के बाद अस्पताल में दाखिल होने वाले तमाम घायलों का रिकार्ड तलब किया है।
रुपिंदर और जसविंदर सिंह ने बताया कि बरगाड़ी बेअदबी मामले की पहली घटना एक जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब में हुई थी। उस दिन ही यहां से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके बाद 25 सितंबर 2015 को गांव बुर्ज जवाहर वाला में पोस्टर लगाने और 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी करने की घटनाएं सामने आई जिसको लेकर सिख संगत की तरफ से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में भी वह शामिल होते रहे। 14 अक्तूबर को कोटकपूरा में सिख संगत पर गोलीकांड मामले के समय वह मौजूद थे, जिसमें उन्हें चोटें भी लगी थी। पंजाब पुलिस ने 16-17 अक्तूबर 2015 की रात को उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया और 20 अक्तूबर को उन्हें अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया गया। करीब 14 दिन के बाद उन्हें बिना शर्त रिहा कर दिया गया।
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फोटो 23एफआरडीपी01
फरीदकोट में जांच के दौरान गवाहों के ब्यान दर्ज करते आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह
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दो सप्ताह बाद पुलिस ने किया था रूपिंदर और जसविंदर को बिना शर्त रिहा
एसआईटी ने सेहत विभाग से दोनों घटनाओं में घायलों का रिकार्ड मांगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदकोट। तीन साल पुराने बहिबल कलां और कोटकपूरा गोलीकांड मामले की जांच कर रही पंजाब पुलिस की एसआईटी ने अपनी जांच प्रक्रिया को तेज कर दिया है और इन घटनाओं से जुड़े पीड़ितों व गवाहों के बयान लिखे जा रहे हैं। इसके तहत मंगलवार को गांव पंजगराईं खुर्द (मोगा) निवासी उन दो भाईयों रूपिंदर सिंह व जसविंदर सिंह ने एसआईटी के सदस्य व आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह के पास अपना बयान दर्ज करवाया जिन्हें तीन साल पहले पंजाब पुलिस की तत्कालीन एसआईटी ने बरगाड़ी बेअदबी मामले में बतौर आरोपी गिरफ्तार किया था। उनके खिलाफ किसी तरह का कोई सुबूत न मिलने पर उन्हें 14 दिन के बाद बिना शर्त रिहा करना पड़ा था।
मंगलवार को एसआईटी के पास दोनों भाईयों के अलावा पंजाब राज बिजली बोर्ड के पूर्व चेयरमैन एचएस बराड़ समेत कुल 8 व्यक्तियों ने अपने बयान लिखवाए और घटनाओं के बारे में जानकारी दी। इस दौरान एसआईटी ने जिला सेहत विभाग से इन दोनों घटनाओं के बाद अस्पताल में दाखिल होने वाले तमाम घायलों का रिकार्ड तलब किया है।
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रुपिंदर और जसविंदर सिंह ने बताया कि बरगाड़ी बेअदबी मामले की पहली घटना एक जून 2015 को गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला के गुरुद्वारा साहिब में हुई थी। उस दिन ही यहां से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी होने का मामला सामने आया था। इसके बाद 25 सितंबर 2015 को गांव बुर्ज जवाहर वाला में पोस्टर लगाने और 12 अक्तूबर 2015 को बरगाड़ी में पावन ग्रंथ की बेअदबी करने की घटनाएं सामने आई जिसको लेकर सिख संगत की तरफ से किए जा रहे विरोध प्रदर्शनों में भी वह शामिल होते रहे। 14 अक्तूबर को कोटकपूरा में सिख संगत पर गोलीकांड मामले के समय वह मौजूद थे, जिसमें उन्हें चोटें भी लगी थी। पंजाब पुलिस ने 16-17 अक्तूबर 2015 की रात को उन्हें अपनी हिरासत में ले लिया और 20 अक्तूबर को उन्हें अदालत में पेश करके रिमांड पर लिया गया। करीब 14 दिन के बाद उन्हें बिना शर्त रिहा कर दिया गया।
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फोटो 23एफआरडीपी01
फरीदकोट में जांच के दौरान गवाहों के ब्यान दर्ज करते आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह
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