{"_id":"5c7c099ebdec2273635527da","slug":"151551632798-jalandhar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल उतम होने की उम्मीद, गेहूं के दाने का आकार बढ़ सकता है","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल उतम होने की उम्मीद, गेहूं के दाने का आकार बढ़ सकता है
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बेमौसमी बारिश से गेहूं की फसल उत्तम होने की उम्मीद
गेहूं के दाने का आकार बढ़ सकता है, पंजाब में सरसों की खेती को जबरदस्त नुकसान
बारिश के करण किसानों को फायदा हुआ
सुरिंदर पाल
जालंधर। पंजाब में हुई बेमौसमी बारिश रबी की सबसे प्रमुख फसल गेहूं के लिए वरदान साबित हो रही है। कीटों का प्रभाव खत्म होगा। इससे उत्पादन बढ़ने और गेहूं के दाने का आकार बढ़ने की उम्मीद है। पंजाब में जहां गेहूं की खेती को फायदा मिल रहा है वहीं सरसों की फसल तबाह होने लगी है।
पंजाब में रबी की मुख्य फसल गेहूं का रकबा 35 लाख हेक्टेयर है। हल्की और मध्यम बारिश इस समय गेहूं के लिए सबसे फायदेमंद है। बारिश से पत्तों पर जमी धूल-मिट्टी साफ हो गई है। पंजाब में कुछ जगह से गेहूं पर पीली कुंगी (येलो रस्ट) के हमले की भी रिपोर्ट आई थीं। बारिश से उससे भी छुटकारा मिल गया है। इसके साथ ही किसानों को आर्थिक फायदा भी होगा, बारिश के चलते उनकी एक सिंचाई बच जाएगी। गेहूं के लिए ठंड और बारिश वरदान होती है लेकिन जब गेहूं का दाना खिल जाता है तो उसको सख्त धूप की जरूरत होती है। पंजाब में अभी गेहूं की खेती में दाना नहीं उपजा है, जिस कारण बारिश और ठंड किसानों के लिए वरदान बन रही है।
पिछले साल फरवरी में जहां 20.5 एमएम बारिश हुई थी, वहीं इस वर्ष 20 फरवरी तक दो गुणा अधिक बारिश हो चुकी है।कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में नमी बनी हुई है।किसानों के लिए राहत की बात यह है कि उनको सिंचाई के लिए कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी और पंजाब में बिजली की भी बचत हुई।
विज्ञापन
माहिरों का कहना है कि गेहूं का झाड़ ज्यादा होगा और क्वालिटी भी बढ़ेगी। इससे किसानों के चेहरों पर रौनक दिखाई दे रही है। किसानों ने कहा कि नए साल में मौसम ने एकदम करवट बदल ली थी। ऐसा लग रहा था कि फरवरी से ही गर्मी शुरू हो जाएगी। जबकि, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए अभी ठंडक का होना बेहद जरूरी है। यदि गर्माहट रहती तो गेहूं की फसल बर्बाद हो जाती। किसानों का कहना था कि इन दिनों में गेहूं की फसल को एक बार फिर पानी लगाने की जरूरत होती है, ताकि फसल में तापमान गिरा रहा। बारिश से पानी लगाने की भी जरूरत महसूस नहीं होगी। आने वाले दिनों में भी दो-तीन बार बारिश हो जाती है, तो वह गेहूं के लिए बहुत ही फायदेमंद है।
कृषि विभाग के डायरेक्टर केके ऐरी का कहना है कि बारिश व ठंड गेहूं अभी फिलहाल गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। लेकिन आगे गेहूं की फसल को धूप की जरूरत है ताकि गेहूं की फसल पूरी तरह से पक जाए।
विज्ञापन
गेहूं के दाने का आकार बढ़ सकता है, पंजाब में सरसों की खेती को जबरदस्त नुकसान
बारिश के करण किसानों को फायदा हुआ
सुरिंदर पाल
जालंधर। पंजाब में हुई बेमौसमी बारिश रबी की सबसे प्रमुख फसल गेहूं के लिए वरदान साबित हो रही है। कीटों का प्रभाव खत्म होगा। इससे उत्पादन बढ़ने और गेहूं के दाने का आकार बढ़ने की उम्मीद है। पंजाब में जहां गेहूं की खेती को फायदा मिल रहा है वहीं सरसों की फसल तबाह होने लगी है।
पंजाब में रबी की मुख्य फसल गेहूं का रकबा 35 लाख हेक्टेयर है। हल्की और मध्यम बारिश इस समय गेहूं के लिए सबसे फायदेमंद है। बारिश से पत्तों पर जमी धूल-मिट्टी साफ हो गई है। पंजाब में कुछ जगह से गेहूं पर पीली कुंगी (येलो रस्ट) के हमले की भी रिपोर्ट आई थीं। बारिश से उससे भी छुटकारा मिल गया है। इसके साथ ही किसानों को आर्थिक फायदा भी होगा, बारिश के चलते उनकी एक सिंचाई बच जाएगी। गेहूं के लिए ठंड और बारिश वरदान होती है लेकिन जब गेहूं का दाना खिल जाता है तो उसको सख्त धूप की जरूरत होती है। पंजाब में अभी गेहूं की खेती में दाना नहीं उपजा है, जिस कारण बारिश और ठंड किसानों के लिए वरदान बन रही है।
विज्ञापन
पिछले साल फरवरी में जहां 20.5 एमएम बारिश हुई थी, वहीं इस वर्ष 20 फरवरी तक दो गुणा अधिक बारिश हो चुकी है।कई दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में नमी बनी हुई है।किसानों के लिए राहत की बात यह है कि उनको सिंचाई के लिए कोई मेहनत नहीं करनी पड़ी और पंजाब में बिजली की भी बचत हुई।
विज्ञापन
माहिरों का कहना है कि गेहूं का झाड़ ज्यादा होगा और क्वालिटी भी बढ़ेगी। इससे किसानों के चेहरों पर रौनक दिखाई दे रही है। किसानों ने कहा कि नए साल में मौसम ने एकदम करवट बदल ली थी। ऐसा लग रहा था कि फरवरी से ही गर्मी शुरू हो जाएगी। जबकि, खेतों में खड़ी गेहूं की फसल के लिए अभी ठंडक का होना बेहद जरूरी है। यदि गर्माहट रहती तो गेहूं की फसल बर्बाद हो जाती। किसानों का कहना था कि इन दिनों में गेहूं की फसल को एक बार फिर पानी लगाने की जरूरत होती है, ताकि फसल में तापमान गिरा रहा। बारिश से पानी लगाने की भी जरूरत महसूस नहीं होगी। आने वाले दिनों में भी दो-तीन बार बारिश हो जाती है, तो वह गेहूं के लिए बहुत ही फायदेमंद है।
कृषि विभाग के डायरेक्टर केके ऐरी का कहना है कि बारिश व ठंड गेहूं अभी फिलहाल गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद है। लेकिन आगे गेहूं की फसल को धूप की जरूरत है ताकि गेहूं की फसल पूरी तरह से पक जाए।