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डॉक्टर के बेटे रचित ने पाया 57वां रैंक
Updated Fri, 23 Jun 2017 10:07 PM IST
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डॉक्टर के बेटे रचित को नीट में 57वीं रैंक
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। डॉक्टर के बेटे रचिन सगर ने नेशनल एलिजीबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में एआईआर 57वीं रैंक हासिल की है। रचित के पिता डॉ. राजेश सगर हड्डियों के स्पेशलिस्ट हैं और माता डॉ. अनुपम सगर भी डॉक्टर हैं। रचित ने कहा कि वह भी अपने पिता की तरह ही हड्डियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनकी तमन्ना है कि वह दिल्ली के कॉलेज से ही ग्रेजुएशन पूरी करें।
जालंधर की रहने वाली रागिनी शर्मा ने एआईआर 144वीं रैंक, भवनूर सिंह ने एआईआर 303 रैंक व रिधिमा ने एआईआर 490वीं रैक हासिल किया। एमजीएन स्कूल से बारहवीं करने वाली रिधिमा के पिता सुधीर मित्तल और माता कविता मित्तल डेंटिस्ट हैं। पिता खुदा का क्लीनिक चलाते हैं और माता जालंधर के पिम्स अस्पताल में तैनात हैं। रिधिमा अपने ग्रेजुएशन दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में पूरी करना चाहती हैं। अगर वहां एडमिशन नहीं मिलता तो वे दिल्ली के ही किसी कॉलेज में दाखिला लेने को प्राथमिकता देगी। इसके अलावा मेरिटोरियस स्कूलों के कुल 62 विद्यार्थियों ने एंट्रेंस टेस्ट में हिस्सा लिया था, जिसमें 37 विद्यार्थियों को सफलता मिली है।
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। डॉक्टर के बेटे रचिन सगर ने नेशनल एलिजीबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट) में एआईआर 57वीं रैंक हासिल की है। रचित के पिता डॉ. राजेश सगर हड्डियों के स्पेशलिस्ट हैं और माता डॉ. अनुपम सगर भी डॉक्टर हैं। रचित ने कहा कि वह भी अपने पिता की तरह ही हड्डियों के स्पेशलिस्ट डॉक्टर बनना चाहते हैं। उनकी तमन्ना है कि वह दिल्ली के कॉलेज से ही ग्रेजुएशन पूरी करें।
जालंधर की रहने वाली रागिनी शर्मा ने एआईआर 144वीं रैंक, भवनूर सिंह ने एआईआर 303 रैंक व रिधिमा ने एआईआर 490वीं रैक हासिल किया। एमजीएन स्कूल से बारहवीं करने वाली रिधिमा के पिता सुधीर मित्तल और माता कविता मित्तल डेंटिस्ट हैं। पिता खुदा का क्लीनिक चलाते हैं और माता जालंधर के पिम्स अस्पताल में तैनात हैं। रिधिमा अपने ग्रेजुएशन दिल्ली के ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) में पूरी करना चाहती हैं। अगर वहां एडमिशन नहीं मिलता तो वे दिल्ली के ही किसी कॉलेज में दाखिला लेने को प्राथमिकता देगी। इसके अलावा मेरिटोरियस स्कूलों के कुल 62 विद्यार्थियों ने एंट्रेंस टेस्ट में हिस्सा लिया था, जिसमें 37 विद्यार्थियों को सफलता मिली है।
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