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खेत मजदूरों का तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरु
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खेत मजदूरों का धरना प्रदर्शन शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर। राज्य सरकार से मजदूरों के साथ किए वादे पूरे करवाने और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को एडीसी दफ्तर के सामने देहाती मजदूर सभा की ओर से तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। दफ्तर में महाशिवरात्रि की सरकारी छुट्टी होने के बावजूद प्रदर्शनकारी धरने पर डटे रहे।
इस दौरान प्रदेश महासचिव गुरनाम सिंह दाउद, ज्वाइंट सचिव जगजीत सिंह जस्सेआणा, जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह मदरस्सा, वित्त सचिव जसविंदर सिंह संगूधौण ने कहा कि राज्य सरकार ने मजदूरों के साथ जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा। उन्होंने देहाती खेत मजदूरों को दस-दस मरले के रिहायशी प्लाट अलॉट करने, घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये की ग्रांट देने, मनरेगा योजना के तहत पूरे परिवार को वर्ष भर काम देने, छह सौ रुपये दिहाड़ी देने, काम न देने की हालत में बेरोजगारी भत्ता देने, बुढ़ापा, विधवा व अंगहीन पेंशन तीन हजार रुपये देने, देहाती खेत मजदूरों के बिजली बिल माफ करने, मजदूरों के समूचे सरकारी व गैर सरकारी कर्ज माफ करने, यही नहीं आगे से सस्ते दर पर कर्ज देने, राशन डिपो पर रोजमर्रा की वस्तुएं आधे दामों पर देने की मांग दोहराई।
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अमर उजाला ब्यूरो
मुक्तसर। राज्य सरकार से मजदूरों के साथ किए वादे पूरे करवाने और अन्य मांगों को लेकर सोमवार को एडीसी दफ्तर के सामने देहाती मजदूर सभा की ओर से तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन शुरू किया गया। दफ्तर में महाशिवरात्रि की सरकारी छुट्टी होने के बावजूद प्रदर्शनकारी धरने पर डटे रहे।
इस दौरान प्रदेश महासचिव गुरनाम सिंह दाउद, ज्वाइंट सचिव जगजीत सिंह जस्सेआणा, जिला अध्यक्ष हरजीत सिंह मदरस्सा, वित्त सचिव जसविंदर सिंह संगूधौण ने कहा कि राज्य सरकार ने मजदूरों के साथ जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया जा रहा। उन्होंने देहाती खेत मजदूरों को दस-दस मरले के रिहायशी प्लाट अलॉट करने, घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये की ग्रांट देने, मनरेगा योजना के तहत पूरे परिवार को वर्ष भर काम देने, छह सौ रुपये दिहाड़ी देने, काम न देने की हालत में बेरोजगारी भत्ता देने, बुढ़ापा, विधवा व अंगहीन पेंशन तीन हजार रुपये देने, देहाती खेत मजदूरों के बिजली बिल माफ करने, मजदूरों के समूचे सरकारी व गैर सरकारी कर्ज माफ करने, यही नहीं आगे से सस्ते दर पर कर्ज देने, राशन डिपो पर रोजमर्रा की वस्तुएं आधे दामों पर देने की मांग दोहराई।
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