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धान की रिकार्ड पैदावार के अब गेहूं कर रकबा बढ़ाने में जुटा प्रशासन
Updated Fri, 24 Nov 2017 10:26 PM IST
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गेहूं की पैदावार और रकबा बढ़ाने पर जिला प्रशासन केंद्रित
जिला कृषि उत्पादन समिति की बैठक में विचार-चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
जिले में धान की रिकार्ड पैदावार से गदगद जिला प्रशासन ने अब पूरा ध्यान गेहूं की पैदावार और रकबा बढ़ाने पर लगा दिया है। धान की तरह गेहूं में रिकार्ड बनाने को लालायित जिला प्रशासन ने जिला कृषि उत्पादन समिति की बैठक में विशेषज्ञों के साथ गहन चर्चा की। इसमें रबी की 2017-18 में गेहूं के अधीन 1,09,000 हेक्टेयर और 5,30,000 मीट्रिक टन पैदावार का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय योजना भवन में डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद तैय्यब ने जिला कृषि उत्पादन समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि इस तरह तेल बीज के अधीन 800 हेक्टेयर, मटर के अधीन 500 हेक्टेयर और अन्य दालों के अधीन 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल लाया जाएगा। अब तक गेहूं की 75 प्रतिशत (82500 हेक्टेयर) बिजाई हो चुकी है। साल 2017-18 के दौरान जिले में 1,12,350 हेक्टेयर में धान की फसल और 6250 हेक्टेयर में बासमती की बिजाई की गई। इससे 8,30,000 मीट्रिक टन धान की पैदावार हुई है। खरीफ के सीजन के दौरान अनुकूल मौसम, खेती इनपुट्स की बेरोकटोक सप्लाई और किसानों में तकनीकी जानकारी के पसार की बदौलत धान का औसत झाड़ 28 क्विंटल प्रति एकड़ आ रहा है, जो अब तक का रिकार्ड है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा मिशन (गेहूं और दालों) के अधीन 2017 -18 के दौरान जिले में कृषि विभाग की ओर से किसानों को गेहूं का 5000 क्विंटल और दालों का 60 क्विंटल बीज सब्सिडी पर दिया जा रहा है। सायल हेल्थ कार्ड स्कीम के अंतर्गत ग्रिड व्यवस्था की ओर से साल 2017-18 के दौरान मिट्टी के 23210 सैंपल इकट्ठा करने का लक्ष्य है। डीसी ने कृषि और दूसरे संबंधित विभागों मछली पालन, पशु पालन, डेरी विकास, बागबानी, भूमि संभाल, सहकारिता, वन्य और जल निकासी की कारगुजारी का जायजा लिया। इस दौरान एडीसी (विकास) अवतार सिंह भुल्लर, एसडीएम सुल्तानपुर लोधी डा. चारुमिता, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रवेल सिंह औलख और अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के अलावा समिति से संबंधित गैर सरकारी सदस्य मौजूद थे।
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जिला कृषि उत्पादन समिति की बैठक में विचार-चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला।
जिले में धान की रिकार्ड पैदावार से गदगद जिला प्रशासन ने अब पूरा ध्यान गेहूं की पैदावार और रकबा बढ़ाने पर लगा दिया है। धान की तरह गेहूं में रिकार्ड बनाने को लालायित जिला प्रशासन ने जिला कृषि उत्पादन समिति की बैठक में विशेषज्ञों के साथ गहन चर्चा की। इसमें रबी की 2017-18 में गेहूं के अधीन 1,09,000 हेक्टेयर और 5,30,000 मीट्रिक टन पैदावार का लक्ष्य रखा गया है।
स्थानीय योजना भवन में डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद तैय्यब ने जिला कृषि उत्पादन समिति की बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि इस तरह तेल बीज के अधीन 800 हेक्टेयर, मटर के अधीन 500 हेक्टेयर और अन्य दालों के अधीन 50 हेक्टेयर क्षेत्रफल लाया जाएगा। अब तक गेहूं की 75 प्रतिशत (82500 हेक्टेयर) बिजाई हो चुकी है। साल 2017-18 के दौरान जिले में 1,12,350 हेक्टेयर में धान की फसल और 6250 हेक्टेयर में बासमती की बिजाई की गई। इससे 8,30,000 मीट्रिक टन धान की पैदावार हुई है। खरीफ के सीजन के दौरान अनुकूल मौसम, खेती इनपुट्स की बेरोकटोक सप्लाई और किसानों में तकनीकी जानकारी के पसार की बदौलत धान का औसत झाड़ 28 क्विंटल प्रति एकड़ आ रहा है, जो अब तक का रिकार्ड है।
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उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अन्न सुरक्षा मिशन (गेहूं और दालों) के अधीन 2017 -18 के दौरान जिले में कृषि विभाग की ओर से किसानों को गेहूं का 5000 क्विंटल और दालों का 60 क्विंटल बीज सब्सिडी पर दिया जा रहा है। सायल हेल्थ कार्ड स्कीम के अंतर्गत ग्रिड व्यवस्था की ओर से साल 2017-18 के दौरान मिट्टी के 23210 सैंपल इकट्ठा करने का लक्ष्य है। डीसी ने कृषि और दूसरे संबंधित विभागों मछली पालन, पशु पालन, डेरी विकास, बागबानी, भूमि संभाल, सहकारिता, वन्य और जल निकासी की कारगुजारी का जायजा लिया। इस दौरान एडीसी (विकास) अवतार सिंह भुल्लर, एसडीएम सुल्तानपुर लोधी डा. चारुमिता, मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. रवेल सिंह औलख और अलग-अलग विभागों के अधिकारियों के अलावा समिति से संबंधित गैर सरकारी सदस्य मौजूद थे।
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