{"_id":"f889e644b47bec0bd5865ea570b3bf55","slug":"jaat-resarvation-captan-amrinder-singh-punjab-taal-katora-conference","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानिए, जाट आरक्षण पर क्या बोले कैप्टन?","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानिए, जाट आरक्षण पर क्या बोले कैप्टन?
अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Fri, 07 Mar 2014 10:53 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व सीएम और आल इंडिया जाट महासभा के प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राज्य सरकार द्वारा जाटों को आरक्षण देने के फैसले को छलावा बताया है।
उन्होंने कहा कि सभा ने सभी विधानसभा हलकों में कंवीनर नियुक्त किए हैं। जो गांव-गांव में जाकर लोगों को सरकार के झूठ के बारे में बताएंगे।
कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 28 दिसंबर-13 और 12 फरवरी-14 को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिख कर आगाह किया था।
उन्हें आरक्षण की सारी प्रक्रिया के बारे में लिखित रूप से बताया था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।
नौ राज्यों में आरक्षण का फैसला होने के बाद बादल ने केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को फोन किया था।
जिन्होंने बताया कि पहले राज्य सरकार को प्रस्ताव पास करना होगा, केंद्र तभी कुछ कर सकता है।
कोड लगने से ऐन पहले बादल ने जाटों को आरक्षण देने का दिखावा किया है।
पर नोटीफिकेशन न होने से यह लागू नहीं हो सकता। यह बात चार-पांच महीने आगे बढ़ गई, जिससे गरीब किसानों का नुकसान होगा।
मनप्रीत पर फैसला सबको मंजूर होगा
पीपीपी सुप्रीमो मनप्रीत बादल के साथ समझौते पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह फैसला करना पार्टी प्रधान का काम है। उनका जो भी फैसला होगा, सबको मंजूर होगा।
साथ ही इशारों में यह भी कह गए कि पिछले विधानसभा चुनाव में पीपीपी को 5.2 फीसदी वोट मिले थे, जिनमें उनके दो फीसदी ही थे। अब वह आधा फीसदी ही रह गया है।
चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें स्टेट पॉलिटिक्स ही पसंद है। विधानसभा सत्र में न जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां जाने का क्या फायदा।
हम कुछ पूछते हैं तो वे (सत्तापक्ष) शोर मचाने लगते हैं, किसी को बोलने नहीं देते। हाईकोर्ट द्वारा ड्रग रैकेट की जांच पंजाब पुलिस को ही देने के फैसले पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने देना चाहिए।
विज्ञापन
केंद्रीय एजेंसियां भी इसमें हैं, सबकी नजर है, किसी दोषी को बचाना संभव नहीं होगा। कैप्टन ने उम्मीद जताई कि पिछली बार से ज्यादा सीटें कांग्रेस जीतेगी।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि सभा ने सभी विधानसभा हलकों में कंवीनर नियुक्त किए हैं। जो गांव-गांव में जाकर लोगों को सरकार के झूठ के बारे में बताएंगे।
कैप्टन ने कहा कि उन्होंने 28 दिसंबर-13 और 12 फरवरी-14 को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को पत्र लिख कर आगाह किया था।
उन्हें आरक्षण की सारी प्रक्रिया के बारे में लिखित रूप से बताया था, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं किया।
नौ राज्यों में आरक्षण का फैसला होने के बाद बादल ने केंद्रीय मंत्री कुमारी सैलजा को फोन किया था।
जिन्होंने बताया कि पहले राज्य सरकार को प्रस्ताव पास करना होगा, केंद्र तभी कुछ कर सकता है।
कोड लगने से ऐन पहले बादल ने जाटों को आरक्षण देने का दिखावा किया है।
पर नोटीफिकेशन न होने से यह लागू नहीं हो सकता। यह बात चार-पांच महीने आगे बढ़ गई, जिससे गरीब किसानों का नुकसान होगा।
मनप्रीत पर फैसला सबको मंजूर होगा
पीपीपी सुप्रीमो मनप्रीत बादल के साथ समझौते पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि यह फैसला करना पार्टी प्रधान का काम है। उनका जो भी फैसला होगा, सबको मंजूर होगा।
साथ ही इशारों में यह भी कह गए कि पिछले विधानसभा चुनाव में पीपीपी को 5.2 फीसदी वोट मिले थे, जिनमें उनके दो फीसदी ही थे। अब वह आधा फीसदी ही रह गया है।
चुनाव लड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्हें स्टेट पॉलिटिक्स ही पसंद है। विधानसभा सत्र में न जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वहां जाने का क्या फायदा।
विज्ञापन
हम कुछ पूछते हैं तो वे (सत्तापक्ष) शोर मचाने लगते हैं, किसी को बोलने नहीं देते। हाईकोर्ट द्वारा ड्रग रैकेट की जांच पंजाब पुलिस को ही देने के फैसले पर उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने देना चाहिए।
विज्ञापन
केंद्रीय एजेंसियां भी इसमें हैं, सबकी नजर है, किसी दोषी को बचाना संभव नहीं होगा। कैप्टन ने उम्मीद जताई कि पिछली बार से ज्यादा सीटें कांग्रेस जीतेगी।