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आईएएस लद्दड़ ब्याज सहित किसानों को वापस करेंगे डेढ़ करोड़
चंडीगढ़/अमर उजाला।
Updated Sat, 12 Oct 2013 01:55 AM IST
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पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में शुक्रवार को चीफ जस्टिस संजय किशन कौल की खंडपीठ ने पंजाब के आईएएस एसआर लद्दड़ को आर्बिटेशन फीस के तौर पर वसूले गए डेढ़ करोड़ रुपये ब्याज सहित एक माह के अंदर किसानों को वापस करने का आदेश दिया है।
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लद् दड़ के रवैये पर नाराजगी जताते हुए अदालत ने उन पर बीस हजार रुपये जुर्माना भी लगया है। जालंधर में बतौर डिविजनल कमिश्नर रहते हुए लद्दड़ ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी और किसानों के बीच जमीन अधिग्रहण विवाद को निपटाने के लिए 1.5 करोड़ रुपये आर्बिटेशन फीस वसूली थी।
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एडवोकेट एससी अरोड़ा ने हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में आरोप लगाया था कि लद्दड़ ने गलत तरीेके से आर्बिटेशन फीस वसूली है। उन्होंने अदालत से मांग की थी कि यह राशि लद्दड़ से वापस ली जाए।
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इससे पहले सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को यह स्पष्ट करने केनिर्देश दिए थे कि सरकारी पद पर रहते हुए क्या अधिकारी आर्बिटेशन फीस वसूल सकता है। हाईकोर्ट में दायर जवाब में केंद्र ने कहा कि लद्दड़ यह फीस वसूलने के हकदार नहीं हैं।
क्या था मामला
गौरतलब है कि जालंधर में बतौर डिविजनल कमिश्नर रहते हुए आईएएस लद्दड़ ने नेशनल हाईवे अथारिटी और किसानों केबीच जमीन अधिग्रहण विवाद को निपटाने के लिए डेढ़ करोड़ रुपये बतौर आर्बिटेशन फीस वसूली थी।
हाईकोर्ट में याचिका दायर होने के बाद लद्दड़ पर सरकार का दबाव बढ़ गया था। सरकार की ओर से इस मामले की जांच के बाद उन पर वसूली गई रकम वापस करने के लिए सरकार ने दबाव बनाया था लेकिन लद्दड़ नहीं माने और इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंच गए थे।
उनके रूख को देखते हुए राज्य सरकार ने उनका तबादला प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी विभाग में बतौर सचिव कर दिया था।