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Punjab: कई दिन बासी खाना खाया, यातनाएं भी झेली... लीबिया से घर लौटे गुरप्रीत ने बयां की दास्तां

Wed, 15 Feb 2023 12:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, कपूरथला (पंजाब) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Wed, 15 Feb 2023 12:02 PM IST
सार

घर वापस पहुंचे गुरप्रीत ने बताया कि यह उनके लिए किसी नए जीवन से कम नहीं और उन्होंने पंजाबी युवाओं से अपील की है कि वह किसी भी देश का रुख करने से पहले जांच परख अच्छे ढंग से कर लें।

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Gurpreet of Kapurthala returns home who was taken hostage in Libya
लीबिया से सकुशल घर लौटा गुरप्रीत सिंह दास्तां बयां करते हुए। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

लीबिया की एक सीमेंट फैक्टरी में बंधक बनाए गए कपूरथला के समीपवर्ती गांव नूरपुर राजपूतां के गुरप्रीत सिंह को भारत व पंजाब सरकार के संयुक्त प्रयास से सकुशल घर पहुंचाया गया है। गुरप्रीत सिंह ने अपनी दुख भरी दास्तां बयां करते हुए कहा कि वह अपने बच्चों के अच्छे भविष्य की खातिर पिछले साल दिसंबर में दुबई में ड्राइवर की नौकरी के लिए गया था।

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जैसे ही वह दुबई पहुंचा तो उसे उसके साथियों समेत लीबिया में एक सीमेंट फैक्टरी में भेज दिया गया। जहां पहुंचते ही सीमेंट फैक्टरी के हालात देख कर उनके पैरों तले से जमीन खिसक गई। वहां रहने के लिए न तो खास ठिकाना था और न ही खाने को। कुछ दिन बाद जैसे-तैसे काटने के बाद उन्हें फैक्टरी प्रबंधन से जो कुछ पैसे मिले, इससे उन्होंने खाना बनाने के बर्तन और राशन ले लिया।
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कई दिनों तक बासा खाना खाया। यहीं बस नहीं, जब दोबारा पैसे की मांग की तो उन्हें बताया गया कि उनको खाने के लिए दिए जाने वाले पैसे अब अगले महीने मिलेंगे, जिस पर उन्होंने कई दिन भूखे भी काटे। उसने बताया कि उनसे करीब 18 घंटे काम लिया जाता था और अगर कोई भी इसका विरोध करता तो उससे मारपीट की जाती।
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गुरप्रीत के अनुसार जब उसके साथियों ने फैक्टरी के प्रबंधकों से भारत वापस जाने की गुजारिश की तो उन्होंने कहा कि वह 3000 डॉलर का प्रति व्यक्ति इंतजाम कर लें, क्योंकि उनको उन्होंने 3000 डॉलर में उम्र भर के लिए खरीदा है, जिसे सुनकर कुछ साथियों ने आत्मदाह करने की भी कोशिश की।

गुरप्रीत के मुताबिक एक बार तो वह हिम्मत हार गए, पर जैसे-तैसे कर उन्होंने अपने हालात पर एक वीडियो बना उसे वायरल किया और जिसके बाद उनका भारत सरकार से राबता करके सहायता व रिहाई की गुहार लगाई।


घर वापस पहुंचे गुरप्रीत ने बताया कि यह उनके लिए किसी नए जीवन से कम नहीं और उन्होंने पंजाबी युवाओं से अपील की है कि वह किसी भी देश का रुख करने से पहले जांच परख अच्छे ढंग से कर लें और उस देश में कभी ना जाएं, जहां भारत का राजदूत न हो। गुरप्रीत के पारिवारिक सदस्यों ने भी गुरप्रीत की वापसी पर खुशी जाहिर करते हुए सरकार की कारगुजारी पर संतोष जताया है।

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