Gurdaspur: पुलिस ने बिना मामला दर्ज दो नौजवानों को दी थर्ड डिग्री, विरोध के बाद तीन एएसआई सस्पेंड, एसआईटी गठन का एलान
एसपी नवजोत सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से एक एसआईटी का गठन किया जाएगा। एसआईटी की ओर से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाएगी। जिसके घर में जाकर युवकों के साथ मारपीट की गई है उस पर भी एक्शन लिया जाएगा।
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गुरदासपुर में पुलिस कर्मचारियों ने बिना मामला दर्ज किए दो नौजवानों को उठा लिया और उन पर थर्ड डिग्री का इस्तेमाल किया। इसका पता चलते ही लोगों का आक्रोश फूट पड़ा और पीड़ित परिवार को साथ लेकर थाना सिटी का घेराव कर दिया गया।
इसके बाद उच्च अधिकारियों ने तीन एएसआई को सस्पेंड कर दिया और मामले में लिप्त पुलिस कर्मचारियों के खिलाफ एसआईटी बनाने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। शनिवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे धरने को इस शर्त पर उठाया गया कि यदि रविवार दोपहर 12 बजे तक संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज न की गई तो सोमवार से शहर को बंद करके अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया जाएगा।
नए फोन की पार्टी कर रहे युवक को उठा ले गए थे पुलिसकर्मी
पुलिस मारपीट का शिकार हुए कौशल कुमार पुत्र सुलक्खन सिंह निवासी संत नगर और मुकेश कुमार पुत्र राकेश कुमार निवासी बहरामपुर रोड को स्थानीय सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया था। घायल कौशल कुमार ने बताया कि 13 जुलाई को उसने नया फोन लिया था। शाम को अपने दोस्त के घर गांव हल्ला में इसकी पार्टी कर रहे थे। सिटी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज गुरमीत सिंह सहित एएसआई कश्मीर सिंह, सतपाल और हरजीत सिंह आए और उसे घर से बाहर निकालकर मारपीट शुरू कर दी। उसे एक गाड़ी में बैठा लिया। जब उसे पुलिस गाड़ी में बैठाकर ले जा रही थी तो रास्ते में मुकेश कुमार को भी उसकी दुकान के पास से उठा लिया। पीड़ित नौजवान ने बताया कि तीनों एएसआई उन्हें किसी सरकारी क्वार्टर में ले गए और उनके साथ बुरी तरह से मारपीट की गई।
10 दिन बाद कौशल को जाना है विदेश
धरने पर बैठे कौशल कुमार के पिता सुलक्खन सिंह ने बताया कि उन्हें उस दिन रात करीब 10-11 बजे के बीच पुलिस स्टेशन सिटी से फोन आया कि आप अपने लड़के को पुलिस स्टेशन से आकर ले जाएं। वह शहर से बाहर था जिस कारण उसने अपनी पत्नी से कहा कि वह पुलिस स्टेशन जाकर कौशल को घर लेकर आए। कौशल के पिता ने बताया कि उसके बेटे ने 10 दिनों बाद विदेश जाना था। कोई कसूर न होने के बावजूद पुलिस ने उसके साथ मारपीट की। कौशल की माता ने बताया कि वह रात किसी परिचित के साथ पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने बेटे को साथ लेकर पुलिस से पूछा कि आपने हमारे लड़के को क्यों उठाया। पुलिस कर्मियों ने उन्हें कहा कि हमने किसी केस की जांच में आपके बेटे को हिरासत में लिया था।
वहीं शुक्रवार देर शाम मामले की जानकारी विभिन्न संगठन के लोगों को मिली। जिसके बाद सभी ने मिल कर पीड़ित परिवार के पक्ष में पूरी रात पुलिस स्टेशन के बाहर धरना लगाकर मांग की कि आरोपी पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज की जाए। देर रात एएसआई कश्मीर सिंह, एएसआई हरजीत सिंह तथा एएसआई सतपाल सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए तीनों को सस्पेंड कर दिया गया। लेकिन प्रदर्शनकारी सभी आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
हालात काबू में न आते देख शनिवार सुबह एसपी (हेड) नवजोत सिंह खुद मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार से बातचीत की। एसपी नवजोत सिंह ने बताया कि पुलिस की तरफ से एक एसआईटी का गठन किया जाएगा। एसआईटी की ओर से पूरे मामले की गंभीरता से जांच करवाई जाएगी। जिसके घर में जाकर युवकों के साथ मारपीट की गई है उस पर भी एक्शन लिया जाएगा। यह पूरी कार्रवाई एसआईटी की ओर से जांच के बाद ही अमल में लाई जाएगी। आरोपी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा।