{"_id":"3b2b53c9482624b74533f4661231d166","slug":"generic-medicine-doctors-action-patient","type":"story","status":"publish","title_hn":"मरीजों को जेनेरिक दवा न लिखी तो होगी कार्रवाई ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मरीजों को जेनेरिक दवा न लिखी तो होगी कार्रवाई
अमर उजाला, संगरूर
Updated Fri, 10 Jan 2014 09:50 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सेहत मंत्री सुरजीत कुमार ज्याणी ने कहा है कि मरीजों को जेनेरिक दवा न लिखने वाले सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
किसी खास कंपनी या नाम वाली दवा लिखने या दवाओं में किसी तरह का कमीशन खाने की कार्रवाई रोकने के लिए विभाग द्वारा पंजाब के आठ जोन बनाकर सभी जिलों को शामिल किया गया है ताकि डॉक्टरों को इस बारे जागरूक किया जाए। इसके बाद ऐसा करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ज्याणी शुक्रवार को सिविल अस्पताल में पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए अत्याधुनिक नर्सिंग सिखलाई स्कूल और हॉस्टल का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
पत्रकारों से बातचीत में सेहत मंत्री ने बताया कि सरकारी डॉक्टरों कोे जेनेरिक दवा या उनके साल्ट लिखने के लिए कहा गया ताकि मरीजों को सस्ती दवा मिल सके। ऐसा न करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवा मुफ्त मुहैया करवाने के फैसले तहत ढाई सौ दवाओं की सूची बनाकर यह दवाएं मुफ्त उपलब्ध करवानी शुरू कर दी गई हैं।
डॉक्टरों द्वारा निजी प्रेक्टिस करने के मुद्दे पर पूछे सवाल पर ज्याणी ने कहा कि इस मसले का समाधान निकालने के लिए मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के नेतृत्व में एक दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसके द्वारा दिए गए सुझाव को मुख्यमंत्री की प्रवानगी देने पर यह मसला हल कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
डॉक्टरों की कमी पर उन्होंने सरकार द्वारा 330 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी जबकि 280 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती भी एक साल के भीतर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सेहत विभाग द्वारा आम लोगों को किसी भी बीमारी बारे घर बैठे पता लगाने के लिए 104 नंबर का एक कॉल सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस नंबर पर फोन करने के साथ किसी भी बीमारी के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल और डॉक्टर के बारे में जानकारी प्रदान करने और इमरजेंसी बीमारी के इलाज की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, पंजाब सेहत सिस्टम निगम के एमडी हुसन लाल, डीसी डॉ. इंदु मल्होत्रा, एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, डॉ. करनजीत सिंह, एसडीएम पूनमदीप कौर, रविंदर सिंह चीमा, सहकारी बैंक के जिला मैनेजर विशाल गर्ग, भाजपा के जिलाध्यक्ष जोगी राम साहनी, सिविल सर्जन डॉ. सुबोध गुप्ता, प्रिंसिपल गुलशनबीर कौर, सतवंत सिंह पूनिया, जतिंदर कालड़ा, सरजीवन जिंदल, केके मौदगिल और नीरू तुली मौजूद थे।
विज्ञापन
किसी खास कंपनी या नाम वाली दवा लिखने या दवाओं में किसी तरह का कमीशन खाने की कार्रवाई रोकने के लिए विभाग द्वारा पंजाब के आठ जोन बनाकर सभी जिलों को शामिल किया गया है ताकि डॉक्टरों को इस बारे जागरूक किया जाए। इसके बाद ऐसा करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ज्याणी शुक्रवार को सिविल अस्पताल में पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाए गए अत्याधुनिक नर्सिंग सिखलाई स्कूल और हॉस्टल का उद्घाटन करने पहुंचे थे।
पत्रकारों से बातचीत में सेहत मंत्री ने बताया कि सरकारी डॉक्टरों कोे जेनेरिक दवा या उनके साल्ट लिखने के लिए कहा गया ताकि मरीजों को सस्ती दवा मिल सके। ऐसा न करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। सरकार द्वारा सरकारी अस्पतालों में जीवन रक्षक दवा मुफ्त मुहैया करवाने के फैसले तहत ढाई सौ दवाओं की सूची बनाकर यह दवाएं मुफ्त उपलब्ध करवानी शुरू कर दी गई हैं।
विज्ञापन
डॉक्टरों द्वारा निजी प्रेक्टिस करने के मुद्दे पर पूछे सवाल पर ज्याणी ने कहा कि इस मसले का समाधान निकालने के लिए मुख्य संसदीय सचिव डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के नेतृत्व में एक दस सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है जिसके द्वारा दिए गए सुझाव को मुख्यमंत्री की प्रवानगी देने पर यह मसला हल कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
डॉक्टरों की कमी पर उन्होंने सरकार द्वारा 330 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती करने के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही डॉक्टरों की कमी दूर हो जाएगी जबकि 280 स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती भी एक साल के भीतर की जाएगी।
उन्होंने बताया कि सेहत विभाग द्वारा आम लोगों को किसी भी बीमारी बारे घर बैठे पता लगाने के लिए 104 नंबर का एक कॉल सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस नंबर पर फोन करने के साथ किसी भी बीमारी के बेहतर इलाज के लिए अस्पताल और डॉक्टर के बारे में जानकारी प्रदान करने और इमरजेंसी बीमारी के इलाज की सुविधा मिलेगी।
इस अवसर पर मुख्य संसदीय सचिव प्रकाश चंद गर्ग, पंजाब सेहत सिस्टम निगम के एमडी हुसन लाल, डीसी डॉ. इंदु मल्होत्रा, एसएसपी मनदीप सिंह सिद्धू, डॉ. करनजीत सिंह, एसडीएम पूनमदीप कौर, रविंदर सिंह चीमा, सहकारी बैंक के जिला मैनेजर विशाल गर्ग, भाजपा के जिलाध्यक्ष जोगी राम साहनी, सिविल सर्जन डॉ. सुबोध गुप्ता, प्रिंसिपल गुलशनबीर कौर, सतवंत सिंह पूनिया, जतिंदर कालड़ा, सरजीवन जिंदल, केके मौदगिल और नीरू तुली मौजूद थे।