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मानसा: एक साथ हुआ तीन महिला किसानों का अंतिम संस्कार, गांव में पसरा मातम, नहीं चले चूल्हे
Fri, 29 Oct 2021 08:46 PM IST
ajay kumar
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मानसा (पंजाब)
Published by: ajay kumar
Updated Fri, 29 Oct 2021 08:46 PM IST
सार
हरियाणा के बहादुरगढ़ में गुरुवार को पंजाब के मानसा जिले की तीन महिला किसानों की डंपर से कुचलने से मौत हो गई थी। तीनों का अंतिम संस्कार उनके गांव में शुक्रवार को किया गया। गांव में माहौल गमगीन है। किसी भी घर में चूल्हा नहीं चला। हजारों की भीड़ ने नम आंखों से तीनों महिला किसानों की आखिरी विदाई दी।
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शवों को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते पारिवारिक सदस्य व किसान नेता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
दिल्ली के टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन से वापस लौटते वक्त टिप्पर चढ़ने से दम तोड़ने वाली भारती किसान यूनियन एकता की तीन मृतक महिलाओं अमरजीत कौर, सुखविंदर कौर व गुरमेल कौर का उनके गांव खीवा दयालुवाला में शुक्रवार शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ने काफिल में महिलाओं के पार्थिव शरीर को गांव तक पहुंचाया। सलामी देने के बाद सभी का अंतिम संस्कार किया गया है। किसान नेता, आसपास गांव के लोग व राजनेता अंतिम संस्कार में पहुंचे। इस गमगीन माहौल में किसानों ने शहीदों के नारे लगाए व मृतक महिलाओं को दिल्ली मोर्चे का शहीद करार दिया। इस घटना को लेकर पूरे गांव में मातम का माहौल है और किसी घर में चूल्हे नहीं जले। तीनों का गांव के ही श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया है।
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राज्य सचिव किसान नेता शिंगारा सिंह मान और जिला अध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा ने कहा कि केंद्र की सरकार इन महिलाओं के साथ 700 से अधिक किसानों की मौत की जिम्मेदार है, जो किसानों की जमीन छीन कर बड़े परिवारों के हवाले करना चाहती है। किसान पिछले 11 माह से दिल्ली मोर्चो में डटे हैं। किसानों का संघर्ष कृषि कानून रद्द करने तक जारी रहेगा।
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किसान और भी बड़ी संख्या में मोर्चा में शामिल होंगे। अंतिम संस्कार से पहले तीनों महिलाओं के शव एक साथ श्मशान घाट में लाए गए और इस समय किसानों ने कृषि कानूनों के खिलाफ नारेबाजी की। संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुरनाम सिंह चढूनी, रूलदू सिंह मानसा, विधायक नाजर सिंह मानशाहिया, अकाली नेता प्रेम अरोड़ा, गुरमेल सिंह फफड़े, माइकल गागोवाल, डॉ. विजय सिंगला, विक्रम मोफर, चुशपिंदर वीर चहल व प्रशासनिक अधिकारी भी अंतिम संस्कार में पहुंचे।