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सियौड़ा में डायरिया, बच्चे सहित चार की मौत

Sun, 06 Jul 2014 09:52 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना Updated Sun, 06 Jul 2014 09:52 PM IST
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four, died, diahorrea
पायल के गांव सियौड़ा में डायरिया फैलने से एक बच्चे सहित चार की मौत हो गई। पांच हजार की आबादी वाले गांव में करीब 450 लोग डायरिया की चपेट में हैं। डायरिया की सूचना मिलते ही सेहत विभाग की टीमें गांव पहुंची और पूरे गांव में जगह-जगह पर कैंप लगाए गए।
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रविवार को डीसी रजत अग्रवाल और सिविल सर्जन डॉ. सुभाष बत्ता ने गांव का दौरा किया। सिविल सर्जन डॉ. सुभाष बत्ता ने कहा कि डायरिया से इलाके में एक की मौत हुई है, जबकि तीन लोगों की मौत कुदरती हुई है। इस दौरान गांव में पानी के कुछ कनेक्शन भी काटे गए।
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शुक्रवार को पानी में मिक्सिंग होने के कारण इलाके में डायरिया फैल गया। इससे गांव के लोग बीमार होना शुरू हो गए। गांव के सरपंच शमिंदर सिंह के मुताबिक शनिवार को गांव की अमरजीत कौर (70), भानों (70), महिंदर कौर और एक आठ दिन के बच्चे की मौत हो गई। शनिवार को सेहत विभाग की तरफ से भी अपनी टीम को गांव में रवाना कर दिया गया था। करीब 18 नए मरीजों को भी अस्पताल में दाखिल करवाया गया।
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रविवार को गांव सियौड़ा में डीसी रजत अग्रवाल व सिविल सर्जन ने गांव का दौरा कर बीमारी से लड़ने के लिए किए गए कार्यों का जायजा लिया और जरूरी हिदायतें भी जारी की। डीसी ने विभागीय अधिकारियों और ग्रामीणों की तरफ से जानकारी के बाद सिविल सर्जन डॉ. बत्ता को हिदायत दी कि गांव में जब तक इस बीमारी का पूरा खात्मा नहीं हो जाता तब तक प्राइमरी हेल्थ सेंटर को 24 घंटे खुला रखा जाए और डॉक्टरों व अन्य स्टाफ की रोटेशन वाइज ड्यूटियां लगाई जाए। डायरिया से प्रभावित सभी मरीजों को खुद अस्पताल या कैंप में लाकर चेक किया जाए और उन्होंने जरूरत की दवाई मुफ्त दी जाए। बीमारी पर पूरी तरह काबू पाने तक कैंप को जारी रखा जाए। सीनियर मेडिकल अफसर अपने स्टाफ सहित स्टेशन पर हाजिर रहे।




उन्होंने कहा कि सेहत विभाग की तरफ से बाकायदा कैंप लगाकर लोगों की सेहत जांच की जा रही है। विभाग की तरफ से किसी भी हालात से निपटने और मरीजों की सहूलियत के लिए दो एंबुलेंस गांव में तैनात कर दी गई है। जबकि आठ टीमों मल्टीपर्पज हेल्थ वर्करों की ड्यूटी दे रही हैं। प्राइमरी हेल्थ सेंटर में बेड की संख्या बढ़ा दी गई हैं। मरीजों को छुट्टी उनके पूरी तरह से ठीक होने के बाद ही दी जाएगी। उन्होंने कहा कि अब तक 18 मरीज अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। डीसी ने वाटर सप्लाई और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों को हिदायत दी कि गांव के सारे पानी वाले कनेक्शन चेक किए जाएं। जो भी कनेक्शन विभाग की बिना मंजूरी से लगाए गए हैं, उन्हें काट दिया जाए। ग्रामीणों को तब तक आरओ का साफ पानी टैंकर के जरिए मुहैया करवाया जाए जब तक पानी के प्रदूषित होने के कारणों का पता नहीं लग जाता। गांव में पीने वाले पाने के तीन टैंकर मुहैया करवाए जाएं। पीने वाले पानी की सरकारी टंकी से सप्लाई बंद कर दी गई है और सभी वाटर सप्लाई पाइप चेक की जा रही हैं। डीसी रजत अग्रवाल ने गांव के लोगों को आश्वासन दिया कि बीमारी को जल्द ही काबू में कर लिया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वह अपने तौर पर पानी के कनेक्शन न लगाएं।

तीन मौत कुदरती
शनिवार को गांव में हुई तीन अन्य मौतों के पीछे डायरिया के लक्षण नहीं पाए गए हैं। सिर्फ एक मरीज की मौत डायरिया के कारण हुई है। बाकी तीन कुदरती हैं।
डॉ. सुभाष बत्ता, सिविल सर्जन
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