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‘मुआवजा में पक्षपात की जांच विस कमेटी से हो’
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Fri, 30 Oct 2015 09:55 PM IST
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प्रतिपक्ष नेता नेता सुनील जाखड़ ने कहा कि राज्य में नए निवेश लाने से अकाली-भाजपा गठबंधन सरकार को फुरसत मिल गई हो तो वह पंजाब के उजड़े किसानों की भी सुध ले। अबोहर विधानसभा क्षेत्र में कपास उत्पादक किसानों को मुआवजा राशि बांटने के लिए सरकार ने 85 करोड़ रुपये जारी किए थे। अधिकारियों की लापरवाही के कारण किसानों को मुआवजा नहीं बांटा जा सका।
जाखड़ ने बताया कि कपास उत्पादक किसानों को मुआवजा देने के नाम पर बांटे जा रहे 640 करोड़ रुपये में हो रही बंदरबांट की जांच विधानसभा की कमेटी से कराई जाए। अधिकारियों व जत्थेदारों की सांठगांठ के चलते ऐसे लोगों को पैसा बांटा जा रहा है, जिन्होंने पिछले कई सालों में कपास की पैदावार तक नहीं की। दूसरी और सफेद मक्खी से प्रभावित किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। एक माह बीत जाने के बाद भी अभी तक किसान मुआवजे के लिए भटक रहे है।
जाखड़ ने कहा है कि पंजाब में बीज व नकली कीटनाशकों के कारण बर्बाद हुए कपास उत्पादक किसान हर-रोज आत्महत्याएं कर रहे हैं। इसके बावजूद भी पंजाब सरकार प्रभावित किसानों तक मुआवजा राशि पहुंचाने में नाकाम सिद्ध हो रही है। इससे साबित होता है कि पंजाब सरकार का अधिकारियों पर कण्ट्रोल खत्म हो चुका है।
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जाखड़ ने बताया कि कपास उत्पादक किसानों को मुआवजा देने के नाम पर बांटे जा रहे 640 करोड़ रुपये में हो रही बंदरबांट की जांच विधानसभा की कमेटी से कराई जाए। अधिकारियों व जत्थेदारों की सांठगांठ के चलते ऐसे लोगों को पैसा बांटा जा रहा है, जिन्होंने पिछले कई सालों में कपास की पैदावार तक नहीं की। दूसरी और सफेद मक्खी से प्रभावित किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिला। एक माह बीत जाने के बाद भी अभी तक किसान मुआवजे के लिए भटक रहे है।
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जाखड़ ने कहा है कि पंजाब में बीज व नकली कीटनाशकों के कारण बर्बाद हुए कपास उत्पादक किसान हर-रोज आत्महत्याएं कर रहे हैं। इसके बावजूद भी पंजाब सरकार प्रभावित किसानों तक मुआवजा राशि पहुंचाने में नाकाम सिद्ध हो रही है। इससे साबित होता है कि पंजाब सरकार का अधिकारियों पर कण्ट्रोल खत्म हो चुका है।
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