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Faridkot Farmers Protest: प्रशासन के रवैये से नाराज किसानों ने बंद किए मिनी सचिवालय के गेट, 38 दिन से दे रहे थे धरना
Mon, 18 Jul 2022 04:09 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदकोट (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Mon, 18 Jul 2022 04:09 PM IST
सार
किसान नेता बोहड़ सिंह रूपयांवाला ने कहा कि पिछले 38 दिनों के दौरान उनकी प्रशासन के साथ कई बार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन प्रशासन सिर्फ भरोसा ही दे रहा है। जब राज्य के बाकी जिलों में किसानों के परिवारों को मुआवजा मिल चुका है तो फरीदकोट जिले का प्रशासन मुआवजा जारी क्यों नहीं करवा रहा।
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फरीदकोट में प्रदर्शन करते किसान यूनियन के नेता।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
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विस्तार
दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को पंजाब सरकार ने मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का एलान किया हुआ है लेकिन फरीदकोट जिले से संबंधित 34 किसानों में से किसी के भी परिवार को मुआवजा जारी नहीं किया गया।
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इसके रोष में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की तरफ से 10 जून से मिनी सचिवालय में दिन रात धरना दिया जा रहा है। धरने के पहले दिन ही जिला प्रशासन ने एक सप्ताह में मुआवजा देने का भरोसा दिया था लेकिन 38 दिन बीत जाने पर अभी तक सिर्फ एक ही किसान के परिवार को मुआवजा जारी किया गया है। इसके विरोध में सोमवार को किसानों ने मिनी सचिवालय के सभी गेट बंद कर दिए। किसानों के इस कदम के बाद मिनी सचिवालय के विभिन्न दफ्तरों के अधिकारी, कर्मचारी समेत कामकाज करवाने आए लोग खासे परेशान हुए।
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किसान नेता बोहड़ सिंह रूपयांवाला ने कहा कि पिछले 38 दिनों के दौरान उनकी प्रशासन के साथ कई बार बैठकें हो चुकी हैं लेकिन प्रशासन सिर्फ भरोसा ही दे रहा है। उन्होंने कहा कि जब राज्य के बाकी जिलों में किसानों के परिवारों को मुआवजा मिल चुका है तो फरीदकोट जिले का प्रशासन मुआवजा जारी क्यों नहीं करवा रहा।
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