पंजाब में भी प्रदर्शन: उत्तर प्रदेश में बवाल के विरोध में प्रदर्शन, लखीमपुर जाएगा शिअद प्रतिनिधिमंडल
अमृतसर में किसानों ने सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग के घर का घेराव किया। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की
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उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे के साथ किसानों की झड़प में किसानों की मौत के बाद पंजाब में उबाल आ गया है। पंजाब के कई जिलो में किसान संगठनों ने घटना के विरोध में प्रदर्शन किया है और कई जिलों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पुतले भी फूंके गए। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अबोहर में भाजपा के विधायक निवास की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है।
अबोहर में भाजपा विधायक अरुण नारंग के निवास से कुछ दूरी पर दो घंटे तक धरना लगाया गया। इस दौरान भारी पुलिस बल तैनात होने की वजह से किसान विधायक निवास तक नहीं पहुंच सके। बड़ी संख्या में किसान विधायक के घर के नजदीक पहुंच गए। पहले से तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक लिया।
संयुक्त किसान मोर्चा के नेता गुणवंत सिंह ने कहा कि वह किसानों की शहादत को बेकार नहीं जाने देंगे। गुणवंत सिंह ने सरेआम धमकी दी कि विधायक नारंग शाम तक भाजपा से त्याग पत्र दे दें वरना अपने घर से बाहर न निकलें। गुणवंत ने कहा कि विधायक नारंग जहां भी बाजार में मिल गए वहीं उनके साथ बदला लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे अबकी बार कपड़े नहीं फाडे़ंगे बल्कि सीधा दिल्ली भेजेंगे। अबोहर में किसान सीधे तहसील परिसर पहुंचे और एसडीएम कार्यालय का घेराव किया।
बठिंडा में भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहा के बैनर तले सोमवार को किसानों ने डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के समीप धरना लगाकर नारेबाजी की। यूनियन नेता शिंगारा सिंह मान ने मांग की है कि लखीमपुर खीरी की घटना के सभी आरोपियों पर हत्या का केस दर्ज कर किया जाए और जल्द गिरफ्तार किया जाए। किसानों ने मांग उठाई कि केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री योगी नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दें।
जालंधर में भी गुस्साए किसानों ने जालंधर का डीसी ऑफिस घेर लिया और टेंट लगाकर धरने पर बैठ गए। इसके कारण कचहरी रोड के एक हिस्से को पूरी तरह बंद कर दिया गया। मौके की नजाकत को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से डीसी ऑफिस के एक गेट को बंद कर दिया गया और आवाजाही के लिए दूसरे गेट खोल दिए गए। भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) के प्रवक्ता कश्मीर सिंह जंडियाला और यूथ प्रधान अमरजोत सिंह ने कहा कि भाजपा सरकार के किसान विरोधी रवैये को कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।
लुधियाना में भी संयुक्त किसान मोर्चा के किसान नेताओं ने केंद्र और यूपी सरकार को तानाशाह करार देते तुरंत कार्रवाई की मांग की है। वहीं संयुक्त मोर्चा की अगली कॉल पर किसानों को तैयार रहने के लिए कहा गया है। भारतीय किसान यूनियन उगराहां जिला प्रधान गुरप्रीत सिंह ने कहा कि इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। जिससे आरोपियों को जल्द सजा मिल सके। भाजपा नेता चाहते है कि किसानों को किसी तरह भड़काया जाए।
कृषि कानूनों के खिलाफ रोष प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचलने के मामले को लेकर सोमवार को अमृतसर में भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ के घर का घेराव किया गया। मोर्चा के प्रवक्ता सरवन सिंह पंधेर के नेतृत्व में किसानों ने रेलवे स्टेशन से रोष मार्च निकाला और पहले भाजपा दफ्तर के बाहर पहुंच कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इसके बाद भाजपा नेता तरुण चुघ के घर के बाहर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों का पुतला फूंका।
पठानकोट कांग्रेस ने भी मेयर पन्ना लाल भाटिया के नेतृत्व में केंद्र सरकार, यूपी सरकार और उत्तर प्रदेश के गृह मंत्री का पुतला जलाया। इस दौरान वाल्मीकि चौक से रोष मार्च निकाला गया। कांग्रेस नेता राकेश बबली ने कहा कि यह दुर्घटना नहीं, योगी सरकार की बदमाशी है। आरोपियों पर हत्या की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर सजा दिलवानी चाहिए। यहां जोगिंदर पाल, जुगल किशोर, टेक चंदसैनी, रोशन लाल सोनी, सुरिंदर बिल्ला, गुलशन कुमार, गणेश महाजन उपस्थित रहे।
फिरोजपुर/जलालाबाद में भी किसान संगठनों ने डीसी दफ्तर के सामने धरना देकर नारेबाजी की गई और पुतले फूंके गए। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर और सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि लखीमपुर में शहीद किसानों के परिजनों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाए। किसानों ने जीरा, मल्लांवाला, गुरुहरसहाए व ममदोट में धरना दिया। जलालाबाद में भी लाइटों वाले चौक पर किसानों ने धरना देकर मोदी और योगी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। किसान नेता दविंदर सिंह, सुरजीत सिंह, दर्शन सिंह के अलावा अन्य किसान उपस्थित रहे।
हरियाणा के डिप्टी सीएम को गोली मारने की धमकी
अबोहर में विधायक नारंग के निवास के बाहर किसान नेता गुणवंत सिंह ने सरेआम पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी कि सात अक्तूबर को हरियाणा के डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला अबोहर के गांव पंजकोसी में आ रहे हैं जिन्हें वह जिंदा वापस नहीं जाने देंगे। गुणवंत ने कहा कि इसके लिए चाहे उन्हें खुद गोली क्यों न खानी पड़े लेकिन वे दुष्यंत को जिंदा वापस नहीं लौटने देंगे।
ज्ञात हो कि गांव पंजकोसी निवासी आदलाल जाखड़ और ओम प्रकाश चौटाला आपस में रिश्तेदार हैं। इसी के चलते चौटाला के पौत्र दुष्यंत चौटाला सात अक्तूबर को अपनी रिश्तेदारी आ रहे हैं। जिसका किसानों ने कड़ा विरोध करते हुए यहां आने पर दुष्यंत को जान से मारने की धमकी दी है। हरियाणा में भाजपा और जजपा के बीच गठबंधन सरकार है जिसमें दुष्यंत चौटाला हरियाणा के उप मुख्यमंत्री है। किसानों की इस धमकी के बाद पुलिस प्रशासन ने डिप्टी सीएम की सुरक्षा और कड़ी कर दी है।
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लखीमपुर जाएगा अकाली दल का प्रतिनिधिमंडल
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने सोमवार को घोषणा की कि वरिष्ठ नेता प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा के नेतृत्व में पार्टी का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भाजपा नेता द्वारा कुचले गए किसानों के परिवारों से मिलने लखीमपुर खीरी का दौरा करेगा। उन्होंने किसानों पर हुए बर्बर हमले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की।
शिअद अध्यक्ष ने कहा कि पार्टी का प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी के लिए रवाना हो गया है। पार्टी प्रतिनिधिमंडल की रिपोर्ट सुनने के बाद अपनी अगली कार्रवाई को अंतिम रूप देने के लिए पार्टी मंगलवार को अपनी कोर कमेटी की आपात बैठक बुला रही है।
सुखबीर बादल ने उत्तर प्रदेश सरकार से राजनीतिक मजबूरियों से ऊपर उठकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा के खिलाफ धारा 302 के तहत हत्या का मामला दर्ज करने की भी अपील की। उत्तर प्रदेश सरकार को इस मुद्दे पर अस्पष्ट मामले दर्ज करके दोषियों को बचाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। किसानों के खिलाफ हिंसा करने के आरोपी आशीष मिश्रा और अन्य सभी भाजपा नेताओं को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए और लखीमपुर खीरी में तीन कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे चार किसानों की हत्या के लिए कार्रवाई की जानी चाहिए।
बादल ने पूरी घटना की स्वतंत्र और निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा कि ऐसा लगता है कि केंद्रीय मंत्री अजय मिश्रा ने उसी दिन किसानों के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए भड़काऊ भाषण दिए थे। इस मुद्दे पर अलग से कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने लखीमपुर खीरी की यात्रा पर लगाए जा रहे प्रतिबंधों की भी निंदा की।