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शिअद उम्मीदवार को दिखाए काले झंडे
अमर उजाला, सादिक (फरीदकोट)
Updated Tue, 18 Mar 2014 10:16 PM IST
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गांव दीप सिंह वाला में शिअद उम्मीदवार परमजीत कौर गुलशन को काले झंडे दिखाए गए। इस गांव में एक बुजुर्ग किसान की जमीन हड़प करने के मामले में नौजवान व किसान संगठनों ने शिअद नेताओं के विरोध का ऐलान किया हुआ था।
विधानसभा क्षेत्र फरीदकोट के गांवों का दौरा करते हुए मंगलवार को शिअद उम्मीदवार परमजीत कौर गुलशन का काफिला जैसे ही गांव दीप सिंह वाला में पहुंचा तो नौजवान भारत सभा, पंजाब स्टूडेंट यूनियन और किरती किसान यूनियन के सदस्यों ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया।
उन्होंने उन्हें काले झंडे दिखाने शुरू कर दिए। काफिले में उनके साथ विधायक दीप मल्होत्रा समेत कई सीनियर नेता शामिल थे। संगठनों के विरोध के कारण शिअद नेता गांव में चुनावी जनसभा नहीं कर सके।
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बाद में उन्होंने पुलिस के पहरे में गांव के पंचायत घर में चुनावी बैठक का आयोजन किया। इस दौरान भी इन सदस्यों ने शिअद नेताओं के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
इसके कारण यह बैठक कुछ समय बाद ही खत्म करनी पड़ी। राजिंदर सिंह ने कहा कि कुछ शिअद नेताओं ने गांव के बुजुर्ग जरनैल सिंह की जमीन धोखे से अपने नाम करवा ली थी।
संगठनों के संघर्ष करने पर पुलिस ने मामला भी दर्ज किया लेकिन शिअद नेताओं के दबाव में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों ने पहले से ही घोषणा की हुई थी कि इस गांव में आने वाले शिअद नेताओं का घेराव किया जाएगा।
विधायक दीप मल्होत्रा व सीनियर नेता अवतार सिंह खोसा ने दावा किया है कि विरोध करने वाले कांग्रेस के एजेंट है। जमीन हड़प करने के मामले में पार्टी के किसी भी नेता ने आरोपियों की मदद नहीं की है।
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विधानसभा क्षेत्र फरीदकोट के गांवों का दौरा करते हुए मंगलवार को शिअद उम्मीदवार परमजीत कौर गुलशन का काफिला जैसे ही गांव दीप सिंह वाला में पहुंचा तो नौजवान भारत सभा, पंजाब स्टूडेंट यूनियन और किरती किसान यूनियन के सदस्यों ने उनकी गाड़ियों को घेर लिया।
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उन्होंने उन्हें काले झंडे दिखाने शुरू कर दिए। काफिले में उनके साथ विधायक दीप मल्होत्रा समेत कई सीनियर नेता शामिल थे। संगठनों के विरोध के कारण शिअद नेता गांव में चुनावी जनसभा नहीं कर सके।
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बाद में उन्होंने पुलिस के पहरे में गांव के पंचायत घर में चुनावी बैठक का आयोजन किया। इस दौरान भी इन सदस्यों ने शिअद नेताओं के खिलाफ नारेबाजी जारी रखी।
इसके कारण यह बैठक कुछ समय बाद ही खत्म करनी पड़ी। राजिंदर सिंह ने कहा कि कुछ शिअद नेताओं ने गांव के बुजुर्ग जरनैल सिंह की जमीन धोखे से अपने नाम करवा ली थी।
संगठनों के संघर्ष करने पर पुलिस ने मामला भी दर्ज किया लेकिन शिअद नेताओं के दबाव में उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई। संगठनों ने पहले से ही घोषणा की हुई थी कि इस गांव में आने वाले शिअद नेताओं का घेराव किया जाएगा।
विधायक दीप मल्होत्रा व सीनियर नेता अवतार सिंह खोसा ने दावा किया है कि विरोध करने वाले कांग्रेस के एजेंट है। जमीन हड़प करने के मामले में पार्टी के किसी भी नेता ने आरोपियों की मदद नहीं की है।