{"_id":"6763f5ec7c7bf6cf8b9429bf82b05bdb","slug":"drug-racket-in-case-of-charjsheet-manipulation-jagdish-bhola-jagjit-chahal","type":"story","status":"publish","title_hn":"ड्रग रैकेट मामले में चार्जशीट में गड़बड़ी का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ड्रग रैकेट मामले में चार्जशीट में गड़बड़ी का आरोप
सुरजीत सिंह सत्ती/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 28 May 2014 12:24 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब में ड्रग्स रैकेट का भंडाफोड़ कर पूर्व पहलवान जगदीश भोला को मुख्य सरगना बताकर इस मामले में सहअभियुक्त बनाए गए अमृतसर के उद्योगपति जगजीत सिंह चहल ने अपने वकील विक्रम चौधरी के जरिए हाईकोर्ट में रिज्वायंडर दाखिल कर पुलिस की चार्जशीट में गड़बड़ी करने का आरोप लगाया है।
पंजाब सरकार के जवाब पर रिज्वाइंडर दाखिल करते हुए चहल के वकील ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की तारीख कुछ और बताई गई थी जबकि चहल को एक दिन पहले हिरासत में ले लिया गया था और हाईकोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी में गिरफ्तारी अगले दिन दिखाए जाने का तथ्य उजागर करने केबाद पुलिस ने पिछली तारीख में गिरफ्तारी दिखाने के लिए रिकार्ड में काटछांट कर तिथि बदल दी।
रिज्वायंडर में यह आरोप भी लगाया गया है कि बद्दी में चहल की फैक्ट्री में छापेमारी की पूर्व सूचना किसी भी विभाग को नहीं दी गई।
चहल के वकील ने हाईकोर्ट को अवगत कराया है कि इस छापेमारी की सूचना पुलिस अथवा अन्य संबंधित विभाग को देना जरूरी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश के इन विभागों से आरटीआई के तहत जानकारी हासिल की गई तो पता चला कि छापेमारी की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
कुछ ऐसे और तथ्यों के आधार पर जांच सही ना होने का आरोप रिज्वायंडर में लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि चहल अपनी जमानत अर्जी में पहले ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर चुके हैं।
रंगदारी न देने पर झूठे मामले में फंसाया!
जगदीश भोला मामले में पुलिस ने चहल को सह अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार किया था।
उनके बद्दी स्थित फार्मासियूटिकल युनिट में छापेमारी कर ड्रग तैयार करने का पाउडर बरामद किया गया था।
इस मामले में जमानत अर्जी दाखिल करते वक्त चहल ने आरोप लगाया था कि उसका इस मामले में कोई लेना देना नहीं है और उसे दुर्भावनापूर्ण फंसाया गया है।
चहल ने आरोप लगाया था कि उनका अमृतसर में कारोबार था और एक पूर्व अकाली विधायक को यह नागवार गुजरा और यह नेता कारोबार से होने वाले लाभ में रंगदारी मांगने लगा।
इसी वजह से उसने अपना कारोबार बद्दी शिफ्ट कर लिया था, लेकिन इसके बाद भी उससे रंगदारी मांगी जाती रही। जब उसने रंगदारी देने से इनकार कर दिया तो राजनीतिक प्रभाव के कारण इस मामले में झूठा फंसा दिया गया है।
विज्ञापन
पंजाब सरकार के जवाब पर रिज्वाइंडर दाखिल करते हुए चहल के वकील ने कहा कि पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की तारीख कुछ और बताई गई थी जबकि चहल को एक दिन पहले हिरासत में ले लिया गया था और हाईकोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी में गिरफ्तारी अगले दिन दिखाए जाने का तथ्य उजागर करने केबाद पुलिस ने पिछली तारीख में गिरफ्तारी दिखाने के लिए रिकार्ड में काटछांट कर तिथि बदल दी।
विज्ञापन
रिज्वायंडर में यह आरोप भी लगाया गया है कि बद्दी में चहल की फैक्ट्री में छापेमारी की पूर्व सूचना किसी भी विभाग को नहीं दी गई।
चहल के वकील ने हाईकोर्ट को अवगत कराया है कि इस छापेमारी की सूचना पुलिस अथवा अन्य संबंधित विभाग को देना जरूरी है, लेकिन हिमाचल प्रदेश के इन विभागों से आरटीआई के तहत जानकारी हासिल की गई तो पता चला कि छापेमारी की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
विज्ञापन
कुछ ऐसे और तथ्यों के आधार पर जांच सही ना होने का आरोप रिज्वायंडर में लगाया गया है।
उल्लेखनीय है कि चहल अपनी जमानत अर्जी में पहले ही इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर चुके हैं।
रंगदारी न देने पर झूठे मामले में फंसाया!
जगदीश भोला मामले में पुलिस ने चहल को सह अभियुक्त बनाते हुए गिरफ्तार किया था।
उनके बद्दी स्थित फार्मासियूटिकल युनिट में छापेमारी कर ड्रग तैयार करने का पाउडर बरामद किया गया था।
इस मामले में जमानत अर्जी दाखिल करते वक्त चहल ने आरोप लगाया था कि उसका इस मामले में कोई लेना देना नहीं है और उसे दुर्भावनापूर्ण फंसाया गया है।
चहल ने आरोप लगाया था कि उनका अमृतसर में कारोबार था और एक पूर्व अकाली विधायक को यह नागवार गुजरा और यह नेता कारोबार से होने वाले लाभ में रंगदारी मांगने लगा।
इसी वजह से उसने अपना कारोबार बद्दी शिफ्ट कर लिया था, लेकिन इसके बाद भी उससे रंगदारी मांगी जाती रही। जब उसने रंगदारी देने से इनकार कर दिया तो राजनीतिक प्रभाव के कारण इस मामले में झूठा फंसा दिया गया है।