आज पंजाब बंद: जेलों में बंद बंदी सिंहों को रिहा करने की मांग, सात घंटे प्रभावित रह सकती है आवाजाही
कौमी इंसाफ मोर्चा ने पंजाब बंद का आह्वान किया है। मोर्चे का कहना है कि कई बंदी सिंह अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें जेलों से रिहा नहीं किया गया जिस कारण पंजाब बंद का आह्वान किया गया।
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जेलों में बंद बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर कौमी इंसाफ मोर्चा ने शुक्रवार को पंजाब बंद का आह्वान किया है। बंद सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक रहेगा। मोर्चे के आह्वान को किसान और सिख संगठनों का समर्थन मिला है। इसके चलते बाजारों, हाईवे और सार्वजनिक परिवहन पर असर पड़ने की संभावना है। बंद को किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम), भारतीय किसान यूनियन (राजेवाल) समेत कई संगठनों ने समर्थन का एलान किया है।
मोर्चे का कहना है कि कई बंदी सिंह अपनी सजा पूरी कर चुके हैं, लेकिन अब तक जेलों से रिहा नहीं किए गए। इसे मानवाधिकारों का उल्लंघन बताते हुए मोर्चे ने केंद्र और राज्य सरकार से उनकी रिहाई की मांग की है।
मोर्चा के कन्वीनर गुरदीप सिंह बठिंडा ने कहा कि बंद के दौरान हाईवे पर आवाजाही प्रभावित हो सकती है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों से दोपहर दो बजे तक बसों और ट्रकों को सड़कों से दूर रखने की अपील की गई है। हालांकि एंबुलेंस समेत जरूरी सेवाओं और शादी या अंतिम संस्कार में जाने वालों को आवाजाही की अनुमति रहेगी।
मोर्चे ने व्यापारियों और दुकानदारों से स्वेच्छा से बाजार बंद रखने की अपील की है। इसके लिए पंजाब प्रदेश व्यापार मंडल से भी बातचीत की जा रही है। किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने दुकानदारों और संस्थानों से सात घंटे के दौरान बंद का समर्थन करने को कहा है।
स्कूल-कॉलेज भी रह सकते हैं प्रभावित
मोर्चे ने स्कूलों और कॉलेजों को भी बंद रखने की अपील की है। कई निजी स्कूल शुक्रवार को कैंपस बंद रखने पर विचार कर रहे हैं। हालांकि सरकारी स्कूलों को बंद रखने संबंधी कोई निर्देश जारी नहीं हुआ है। दूध विक्रेताओं से सुबह सात बजे से पहले या शाम को दूध बांटने की सलाह दी गई है।
फैक्टरियों में कामकाज पर भी असर
मोर्चे ने कहा है कि सुबह सात बजे से पहले शुरू होने वाली फैक्टरी शिफ्ट में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। वहीं, सुबह सात बजे से दोपहर दो बजे तक श्रमिकों को सड़कों पर आवाजाही की अनुमति नहीं देने की चेतावनी दी गई है। इससे औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित होने की आशंका है।