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कनाडा में छात्र की हत्या: गलतफहमी में चली गई 16 साल के करणवीर की जान, लुधियाना के गांव बस्सीआं में पसरा मातम
Sun, 17 Apr 2022 09:20 AM IST
निवेदिता वर्मा
कंवरपाल, संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा/लुधियाना (पंजाब)
कंवरपाल, संवाद न्यूज एजेंसी, हलवारा/लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 17 Apr 2022 09:20 AM IST
सार
हमला करने वाले भी भारतीय मूल के ही 7 छात्र थे, जिन्हें कनाडा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
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करणवीर की हत्या के बाद गांव बस्सिआं में पसरा मातम।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
भारतीय मूल के 16 वर्षीय छात्र करणवीर सिंह सहोता की कनाडा के एडमिंटन में छात्रों के एक गुट द्वारा तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई। हमले के बाद करणवीर एक हफ्ते से एडमिंटन के अस्पताल में दाखिल था। भारतीय समय के अनुसार शनिवार रात 9 बजे उसने दम तोड़ दिया।
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मृतक करणवीर के पिता सतनाम सिंह सहोता जिला लुधियाना के गांव बस्सीआं के रहने वाले हैं। सहोता परिवार 18 साल पहले कनाडा जाकर बस गया था। बस्सीआं में इस घटना की सूचना मिलने के बाद पूरा गांव शोक में डूब गया है। बस्सीआं गांव में अब करणवीर के दादा भाग सिंह और दादी जसविंदर कौर रहते हैं।
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भाग सिंह और जसविंदर कौर ने बताया कि पिछले हफ्ते स्कूल में ही छात्रों के एक गुट ने उनके पोते करणवीर पर तेजधार हथियारों से हमला कर दिया था। ये हमला पहचान के अभाव में किया गया। असल में हमलावर किसी अन्य छात्र को मारने आए थे जिसकी शक्ल उनके पोते करणवीर से मिलती जुलती थी। हमला करने वाले भी भारतीय मूल के ही 7 छात्र थे, जिन्हें कनाडा की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है लेकिन उनकी पहचान उजागर नहीं की गई है।
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आरोपी छात्रों ने पुलिस को दिए अपने बयान में माना है कि करणवीर से उनका कोई झगड़ा नहीं था। पहचान के अभाव में करणवीर निशाना बन गया जबकि वे किसी अन्य छात्र को मारने आए थे। दादा भाग सिंह और दादी जसविंदर कौर ने बताया कि उनका पोता करणवीर कनाडा में ही पैदा हुआ था। शिक्षा और खेलों के क्षेत्र में करणवीर बहुत आगे रहता था। माता पिता की इकलौती औलाद करणवीर बहुत ही शांत स्वभाव का था। कनाडा के पंजाबी भाईचारे में भी इस घटना को लेकर भारी रोष पाया जा रहा है।