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कॉमनवेल्थ में बरसेंगे अमृतप्रीत के मुक्के
ब्यूरो/अमर उजाला, पटियाला
Updated Mon, 14 Jul 2014 10:34 PM IST
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अब देश की साख हरियाणा के खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन पर ही नहीं टिकी होगी, बल्कि पंजाब के बॉक्सर भी कामनवेल्थ में नाम कमाएंगे। पटियाला के बॉक्सर 20 साल के अमृतप्रीत सिंह का सिलेक्शन ग्लासगो कॉमनवेल्थ के लिए हो गया है। अमृतप्रीत का कहना है कि 91 किलो भारवर्ग में वह अपने देश के लिए गोल्ड मेडल जीत कर लाएंगे और अपने कोच हरप्रीत सिंह हुंदल और पिता रणजीत सिंह का नाम रोशन करेंगे।
अमर उजाला से बातचीत में अमृतप्रीत ने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर बहुत उत्साहित है। पिछले छह-सात सालों में उसने यहां तक पहुंचने के लिए खूब पसीना बहाया है। अमृतप्रीत ने कहा कि वह पंजाब के नौजवानों को यही संदेश देना चाहता है कि वह नशों को छोड़कर खेलों की तरफ अपना रुझान करें, जिससे उनकी जिंदगी संवर सके।
पटियाला में गुरु नानक नगर की गली नंबर 18 में रहने वाले अमृतप्रीत के पिता एएसआई रणजीत सिंह, माता परमजीत कौर और बहनें नवनीत कौर व गुरप्रीत भी अपने लाड़ले के लिए काफी उत्साहित हैं। नवनीत और परमजीत के मुताबिक अमृतप्रीत समाना कॉलेज से बीए कर रहा है। उसका बाक्सिंग खेल की तरफ पहले से ही रुझान था। लेकिन ग्यारहवीं क्लास में जब उसका दाखिला मल्टीपर्पस स्कूल में कराया, तो वहां कोच हरप्रीत सिंह हुंदल की प्र्रेरणा से अमृत प्रीत ने पूरे मन से बॉक्सिंग करना शुरू किया।
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अमृतप्रीत की मेहनत का नतीजा यह निकला कि वह जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश का बेस्ट बॉक्सर चुना गया। जूनियर नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप में भी उसने सिल्वर मेडल जीता। पिता रणजीत सिंह ने कहा कि अब तो वाहेगुरु से यही अरदास है कि अमृतप्रीत सिंह शानदार प्रदर्शन करके देश और उनका नाम रोशन करे। जो सपना उन्होंने देखा है, बस अब सच हो जाए।
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अमर उजाला से बातचीत में अमृतप्रीत ने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर बहुत उत्साहित है। पिछले छह-सात सालों में उसने यहां तक पहुंचने के लिए खूब पसीना बहाया है। अमृतप्रीत ने कहा कि वह पंजाब के नौजवानों को यही संदेश देना चाहता है कि वह नशों को छोड़कर खेलों की तरफ अपना रुझान करें, जिससे उनकी जिंदगी संवर सके।
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पटियाला में गुरु नानक नगर की गली नंबर 18 में रहने वाले अमृतप्रीत के पिता एएसआई रणजीत सिंह, माता परमजीत कौर और बहनें नवनीत कौर व गुरप्रीत भी अपने लाड़ले के लिए काफी उत्साहित हैं। नवनीत और परमजीत के मुताबिक अमृतप्रीत समाना कॉलेज से बीए कर रहा है। उसका बाक्सिंग खेल की तरफ पहले से ही रुझान था। लेकिन ग्यारहवीं क्लास में जब उसका दाखिला मल्टीपर्पस स्कूल में कराया, तो वहां कोच हरप्रीत सिंह हुंदल की प्र्रेरणा से अमृत प्रीत ने पूरे मन से बॉक्सिंग करना शुरू किया।
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अमृतप्रीत की मेहनत का नतीजा यह निकला कि वह जूनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में देश का बेस्ट बॉक्सर चुना गया। जूनियर नेशनल बाक्सिंग चैंपियनशिप में भी उसने सिल्वर मेडल जीता। पिता रणजीत सिंह ने कहा कि अब तो वाहेगुरु से यही अरदास है कि अमृतप्रीत सिंह शानदार प्रदर्शन करके देश और उनका नाम रोशन करे। जो सपना उन्होंने देखा है, बस अब सच हो जाए।