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Women World Cup: सरकारी स्कूल में पढ़ीं... पिता क्लर्क, विदेश में भाई-बहन, मोगा की बेटी हरमनप्रीत कौर की कहानी
Fri, 31 Oct 2025 03:22 PM IST
अंकेश ठाकुर
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा (पंजाब)
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Fri, 31 Oct 2025 03:22 PM IST
सार
भारतीय महिला टीम ने गत चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को सेमीफाइनल में हराकर उसका विजय रथ रोक उन्हें वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया। वहीं भारतीय टीम अब फाइनल में साउथ अफ्रीका के साथ भिड़ेगी।
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हरमनप्रीत कौर
- फोटो : PTI
विस्तार
भारतीय महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर इतिहास रचने से एक कदम दूर हैं। पंजाब के मोगा की शान हरमनप्रीत कौर ने अपने जज्बे, कौशल और नेतृत्व से 1.5 सौ करोड़ भारतीयों की उम्मीदों को पंख लगा दिए हैं। वीरवार को नवी मुंबई में खेले गए रोमांचक सेमीफाइनल मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया को हराकर भारतीय महिला क्रिकेट टीम विश्व कप के फाइनल में पहुंच गई है। हरमनप्रीत ने कप्तानी पारी खेलते हुए 89 रन बनाए। 88 गेंदों का सामना करते हुए 10 चौके और दो छक्के भी लगाए। यह जीत भारतीय क्रिकेट के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज की जाएगी।
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मोगा जिले के अभिनेता सोनू सूद के बाद, हरमनप्रीत कौर पहली ऐसी लड़की बनी हैं जिसने दुनिया भर में मोगा का नाम रोशन किया है। आज मोगा में हर कोई अपनी इस बेटी पर गर्व महसूस कर रहा है। लोगों को अब उस ऐतिहासिक पल का इंतजार है जब हरमनप्रीत कौर भारत को विश्व कप जिताकर न केवल देश बल्कि पूरे विश्व में मोगा का नाम और ऊंचा करेंगी।
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8 मार्च 1989 को पंजाब के मोगा में जन्मी हरमनप्रीत कौर की कहानी संघर्ष, समर्पण और सफलता की मिसाल है। उनके पिता हरमिंदर सिंह, जो स्थानीय जिला अदालत में क्लर्क हैं और माता सत्विंदर कौर ने हमेशा बेटी के खेल के प्रति जुनून को प्रोत्साहित किया। बचपन में हरमनप्रीत अपने पिता के साथ खेल मैदानों में जाया करती थीं, जहां खेल के प्रति उनका प्रेम और आत्मविश्वास पनपा। हरमनप्रीत की जर्नी मोगा की मिट्टी से लेकर विश्व क्रिकेट के सबसे बड़े मंच तक हर उस लड़की के लिए प्रेरणा है, जो अपने सपनों को साकार करने का साहस रखती है।
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हरमनप्रीत ने पढ़ाई मोगा के सरकारी कन्या विद्यालय में प्राप्त की और बाद में क्रिकेट को गंभीरता से आगे बढ़ाने के लिए निजी स्कूल में दाखिला लिया। उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए कमलदीश सिंह सोढी, जो मोगा-फिरोजपुर रोड स्थित ज्ञान ज्योति क्रिकेट अकादमी और स्कूल के मालिक हैं, ने उन्हें प्रशिक्षण और मंच प्रदान किया। हरमनप्रीत के परिवार ने हमेशा उनका साथ दिया। उनकी एक बहन कनाडा में और भाई ऑस्ट्रेलिया में सैटल हैं, जबकि उनके माता-पिता इस समय मुंबई गए हैं और स्टेडियम से बेटी का हौसला बढ़ा रहे हैं।
हरमनप्रीत एक आक्रामक दाहिने हाथ की बल्लेबाज और उपयोगी ऑफ-स्पिन गेंदबाज हैं। उनका 2017 विश्व कप सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली गई 171 रनों की नाबाद पारी आज भी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार पारियों में गिनी जाती है। वह पहली भारतीय महिला क्रिकेटर हैं जिन्हें किसी विदेशी टी-20 फ्रेंचाइजी (ऑस्ट्रेलिया की वीमेंस बिग बैश लीग) में खेलने का मौका मिला। वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला हैं और अब तक 3,000 से अधिक टी-20 अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाली इकलौती भारतीय महिला क्रिकेटर हैं। सभी प्रारूपों में उनके नाम 8,000 से अधिक अंतरराष्ट्रीय रन दर्ज हैं। हरमनप्रीत कौर सिर्फ एक कप्तान नहीं, बल्कि नई, आत्मविश्वासी भारत की प्रतीक हैं।