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मोगा में बिजली कटौती से हाहाकार: सड़क पर उतरे 10 गांवों के किसान, लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे चार घंटे जाम
Sat, 05 Sep 2026 03:12 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा
Published by: Nivedita
Updated Sat, 05 Sep 2026 03:12 PM IST
सार
किसान नेताओं जगजीत सिंह और संदीप सिंह ने बताया कि सरकार आठ घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि गांवों में चार-चार घंटे की कटौती हो रही है। उन्होंने कहा कि पिछले बीस दिनों से बिजली नहीं मिल रही है।
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मोगा में किसानों का प्रदर्शन
- फोटो : संवाद
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विस्तार
मोगा में बिजली कटौती से परेशान किसानों ने शनिवार को लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे जाम कर दिया। अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने 10 गांवों के किसानों ने चार घंटे तक धरना प्रदर्शन किया। धान की फसल को पानी की सख्त जरूरत के बीच लगातार बिजली कट से किसान नाराज थे।
किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। धरना समाप्त करने के लिए बिजली बोर्ड के अधिकारी ने आठ घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। किसान नेताओं जगजीत सिंह और संदीप सिंह ने बताया कि सरकार आठ घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि गांवों में चार-चार घंटे की कटौती हो रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले बीस दिनों से बिजली नहीं मिल रही है। धान के खेतों के लिए बिजली बहुत जरूरी है क्योंकि बारिश कम हुई है। गांवों में नहरी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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किसान नेताओं ने सरकार को झूठा बताते हुए कहा कि मजबूर होकर उन्हें सड़क जाम करनी पड़ी। बिजली विभाग के अधिकारी ने एक-दो दिन में समस्या ठीक होने का आश्वासन दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि आपूर्ति पूरी नहीं हुई तो वे बड़े संघर्ष का एलान करेंगे।
बिजली कटौती से किसानों का रोष
मोगा जिले के 10 गांवों के किसान बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। धान की फसल को पानी की आवश्यकता है, लेकिन बिजली नहीं मिल रही है। किसान नेताओं ने बताया कि पिछले बीस दिनों से बिजली की आपूर्ति बाधित है। सरकार के आठ घंटे बिजली देने के दावे के विपरीत, गांवों में केवल चार घंटे बिजली मिल रही है।
अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त
किसानों ने अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे को चार घंटे तक बंद रखा। बिजली बोर्ड के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को आठ घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि एक-दो दिन में स्थिति नहीं सुधरी तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
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किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार रोष प्रदर्शन किया। धरना समाप्त करने के लिए बिजली बोर्ड के अधिकारी ने आठ घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। किसान नेताओं जगजीत सिंह और संदीप सिंह ने बताया कि सरकार आठ घंटे बिजली देने का दावा कर रही है। हालांकि, जमीनी हकीकत यह है कि गांवों में चार-चार घंटे की कटौती हो रही है।
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उन्होंने कहा कि पिछले बीस दिनों से बिजली नहीं मिल रही है। धान के खेतों के लिए बिजली बहुत जरूरी है क्योंकि बारिश कम हुई है। गांवों में नहरी पानी की कोई व्यवस्था नहीं है, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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किसान नेताओं ने सरकार को झूठा बताते हुए कहा कि मजबूर होकर उन्हें सड़क जाम करनी पड़ी। बिजली विभाग के अधिकारी ने एक-दो दिन में समस्या ठीक होने का आश्वासन दिया है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि आपूर्ति पूरी नहीं हुई तो वे बड़े संघर्ष का एलान करेंगे।
बिजली कटौती से किसानों का रोष
मोगा जिले के 10 गांवों के किसान बिजली कटौती से जूझ रहे हैं। धान की फसल को पानी की आवश्यकता है, लेकिन बिजली नहीं मिल रही है। किसान नेताओं ने बताया कि पिछले बीस दिनों से बिजली की आपूर्ति बाधित है। सरकार के आठ घंटे बिजली देने के दावे के विपरीत, गांवों में केवल चार घंटे बिजली मिल रही है।
अधिकारियों के आश्वासन पर धरना समाप्त
किसानों ने अजीतवाल पावर ग्रिड के सामने लुधियाना-फिरोजपुर हाईवे को चार घंटे तक बंद रखा। बिजली बोर्ड के अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर किसानों को आठ घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि एक-दो दिन में स्थिति नहीं सुधरी तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।