बाढ़ वाले गणेश के चरणों में अरदास: केंद्रीय मंत्री ने की पंजाब की मदद की अपील, बोले- पंजाबियों को प्रणाम
पंजाब में बाढ़ से 20972 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। 4.24 लाख एकड़ फसल डूब चुकी है। एनडीआरएफ की 31 व सैन्य और अर्धसैनिक बल की 29 टुकड़ियां राहत कार्यों में जुटी हैं। अबतक बाढ़ से 43 लोगों की मौत हो चुकी है।
विस्तार
मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में बाढ़ वाले गणेश जी के चमत्कारिक मंदिर में पहुंचे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने बप्पा के चरणों में अरदास की और वहीं धार्मिक मंच से पूरे देश से पंजाब की मदद करने की अपील की। यहां मंत्री शिवराज ने पाठ भी किया। यहां धार्मिक मंच से चौहान बोले, मैं कल पंजाब में था। देर रात तक बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया और वहां पीड़ित भाई-बहनों से मिला। पंजाबियों में मैंने अद्भुत सेवा की भावना देखी। मैं उन्हें प्रणाम करता हूं। संकट के समय में हम सभी को पंजाब की सेवा के लिए हाथ बढ़ाना चाहिए।
शिवराज ने कहा, संकट की इस घड़ी में मैंने पंजाब में पीड़ितों की सेवा करने की मिसाल देखी। अपने-अपने गांव से ट्रैक्टरों में भोजन, कपड़े, दवाइयां लेकर हजारों समाजसेवी निकल पड़े हैं और गांव-गांव में सेवा कर रहे हैं। मैंपंजाबियों को सलाम करता हूं। पीड़ित मानवता की सेवा ही भगवान की पूजा है। इस आपदा की घड़ी में न सिर्फ पंजाब, बल्कि आसपास के राज्यों के लोगों ने भी मदद के हाथ बढ़ाए हैं। एकता और सेवा का यही भाव हमें बड़े से बड़े संकट से भी बाहर निकलने की शक्ति देता है। हम इस संकट से भी पंजाब की जनता को उबार देंगे।
मंदिर से जुड़ा है यह चमत्कार
भोपाल से करीब 60 किलोमीटर दूर विदिशा में बेतवा नदी के किनारे स्थित गणेश जी का मंदिर बहुत चमत्कारी माना जाता है। बताया जाता है कि साल 2005 में यहां मिट्टी के गणेश जी की झांकी लगी थी। जबरदस्त बारिश होनी लगी और बेतवा नदी ओवरफ्लो हो गई। हालात यह रहे कि क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति बन गई। बाढ़ में मूर्ति समेत आसपास पूरा क्षेत्र डूब गया। 5 से 6 दिन बाद जब बाढ़ का पानी उतरा तो वहां सबकुछ बह गया था मगर गणेश जी की मूर्ति ज्यों की त्यों स्थापित थी। मूर्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ। उसके बाद इस मंदिर को बाढ़ वाले गणेश जी कहा जाने लगा। यह चमत्कार जब शिवराज चौहान की पत्नी को मालूम चला तो उन्होंने यहां गणपति जी का मंदिर बनावाने का संकल्प लिया, जो 2008 में बनकर तैयार हुआ। यहीं बाढ़ वाले गणेश जी के मंदिर में कार्यक्रम के दौरान मंच से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज चौहान ने पूरे देश से आह्वान करते हुए पंजाब को बाढ़ के संकट से उबारने के लिए मदद मांगी।
अवैध खनन से कमजोर हुए पंजाब में दरियाओं के बांध
पंजाब में बाढ़ ग्रस्त इलाकों का दौरा कर विदिशा पहुंचे शिवराज चौहान ने कहा कि पंजाब के दरिया अवैध खनन के कारण कमजोर हो गए हैं। पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी और पंजाब के पूर्व सीएम प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल में फसलों को बाढ़ से बचाने के लिए सतलुज, ब्यास, रावी और घग्गर इत्यादि दरियाओं के किनारों पर बांध मजबूत व ऊंचे किए गए थे लेकिन अवैध खनन के कारण वे कमजोर हो गए। इसी वजह से आज बाढ़ का पानी गांवों तक पहुंच गया। अब उन संरचनाओं को मजबूत करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी त्रासदी से पंजाब को बचाया जा सके।
संकट बड़ा है, केंद्र सरकार नहीं छोड़ेगी कोई कसर
शिवराज ने कहा कि पंजाब में संकट बड़ा है लेकिन इस संकट से निकलने के लिए केंद्र सरकार कोई भी कसर नहीं छोड़ेगी। पंजाब में बाढ़ की जो परिस्थितियां हैं, उससे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बेहद चिंतित हैं। उन्हीं के निर्देश पर मैं पंजाब के हालात समझने गया था। वहां बाढ़ग्रस्त इलाकों के पुनर्निमाण के लिए हमें योजनाबद्ध तरीके से काम करने की जरूरत है। पंजाब को इस संकट से बाहर निकालने के लिए अल्पकालिक, मध्यकालिक और दीर्घकालिक योजनाएं बनानी होंगी। मैं प्रधानमंत्री को पंजाब के नुकसान की विस्तृत रिपोर्ट सौंपूंगा। कृषि मंत्री के अनुसार साथ ही राज्य सरकार को भी पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम करना होगा। जब पानी उतरेगा तो बीमारी फैलने का खतरा सामने होगा। मरे हुए पशुओं का सुरक्षित तरीके से निस्तारण करना होगा। खेतों में सिल्ट जमा हो गई है, उसे हटाने की योजना बनानी होगी, ताकि अगली फसल पर संकट न रहे।