फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   Sukhbir Badal resign from shiromani akali dal president after 16 years

सुखबीर बादल का इस्तीफा: 16 साल बादल छोड़ी शिअद की प्रधानगी, कौन होगा नया अध्यक्ष, पार्टी के पतन की ये बड़ी वजह

Sun, 17 Nov 2024 02:30 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Sun, 17 Nov 2024 02:30 PM IST
सार

 शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान सुखबीर बादल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पंजाब में शिअद के पतन भले ही बेअदबी की घटनाओं के बाद शुरू हो गया था लेकिन जब तक प्रकाश सिंह बादल जीवित रहे, पार्टी में विरोधी सुर मुखर नहीं हुए।

विज्ञापन
Sukhbir Badal resign from shiromani akali dal president after 16 years
सुखबीर बादल - फोटो : X @Akali_Dal_

विस्तार

आखिरकार 16 साल बाद सुखबीर बादल ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के प्रधान पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा अकाली दल के कार्यकारी अध्यक्ष बलविंदर सिंह भूंदड़ को सौंपा। सुखबीर 2008 से लगातार शिअद के प्रधान थे। उनके अचानक इस्तीफा देने से अकाली दल में हलचल मच गई। 

विज्ञापन


पार्टी की वर्किंग कमेटी ने बादल के इस्तीफे पर 18 नवंबर को चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में बैठक बुला ली है। इस बैठक में इस्तीफे पर विचार करने और पार्टी के नए अध्यक्ष के चुनाव कराने सहित आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। इस्तीफा सौंपते हुए सुखबीर सिंह बादल ने पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के प्रति उनके निरंतर समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिस तरह से उनके पार्टी के कार्यकर्ता उनके साथ चट्टान की तरह खड़े रहे और उनके कार्यकाल के दौरान उन्हें पूरा सहयोग दिया इसके लिए वह हमेशा उनके आभारी रहेंगे।
विज्ञापन


बादल के इस्तीफे पर पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि पार्टी के अध्यक्ष पद और संगठनात्मक ढांचे के लिए पिछला चुनाव 14 दिसंबर 2019 को हुआ था। उन्होंने कहा कि चूंकि अगले महीने चुनाव होने वाले हैं, इसीलिए सुखबीर बादल ने इस प्रक्रिया के संचालन का रास्ता साफ करने के लिए इस्तीफा देने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया के दौरान पहले सदस्यता अभियान चलाया जाएगा, जिसके बाद सर्कल प्रतिनिधियों का चुनाव किया जाएगा। सर्कल प्रतिनिधि फिर जिला प्रतिनिधियों का चयन करेंगे जो राज्य प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य प्रतिनिधि जोकि जनरल हाउस का गठन करते हैं, वह आगे पार्टी अध्यक्ष और पदाधिकारियों के साथ-साथ वर्किंग कमेटी का चुनाव करेंगे

विज्ञापन
विज्ञापन

पार्टी में बगावत के बाद से बढ़ा इस्तीफे का दबाव
पंजाब में शिअद के पतन भले ही बेअदबी की घटनाओं के बाद शुरू हो गया था लेकिन जब तक प्रकाश सिंह बादल जीवित रहे, पार्टी में विरोधी सुर मुखर नहीं हुए। उनके निधन के बाद से ही वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी प्रधान सुखबीर बादल पर निशाना साधना शुरू कर दिया। पार्टी प्रधान को बदलने की मांग उठने ली। सुखबीर प्रधानगी छोड़ने को राजी नहीं हुए तो कई वरिष्ठ नेताओं ने शिअद का साथ छोड़ अलग पार्टी बना ली। प्रेम सिंह चंदूमाजरा, गुरप्रताप वडाला और बीबी जागीर कौर समेत कई नेताओं ने सुधार लहर को शिअद के बराबर खड़ा कर दिया। बेअदबी के मामलों को लगातार उठाकर सुखबीर पर इस्तीफे के लिए दबाव डाला। इन्हीं मामलों में सुखबीर को श्री अकाल तख्त ने पिछले दिनों तनखइया भी घोषित कर दिया था। अभी उन्हें सजा सुनाई जारी बाकी है।

बेअदबी की घटनाओं से शिअद का ग्राफ गिरा
राज्य में शिअद के गिरते ग्राफ का बड़ा कारण बेअदबी की घटनाओं को माना जाता है। जून 2015 में बुर्ज जवाहर सिंह वाला (फरीदकोट) के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब की बीड़ चुराई गई। फिर 12 अक्टूबर 2015 को बरगाड़ी (फरीदकोट) के गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 110 अंग चुराकर फाड़ा दिए गए। सुखबीर बादल उस समय डिप्टी सीएम थे और गृह विभाग भी उनके पास था। कोटकपूरा और बहबल कलां में फायरिंग मामले के बाद बेअदबी की इन घटनाओं ने तूल पकड़ लिया। इसके बाद 2017 और 2022 में हुए विधानसभा और लोकसभा चुनाव में शिअद को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा। बादलों ने अपनी सियासी जमीन गंवा दी। अब हालात ये हैं कि इस बाद पार्टी ने उपचुनाव लड़ने से भी मना कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed