Punjab: शिअद ने किया उपराष्ट्रपति चुनाव के बहिष्कार का एलान, कहा- पंजाब में त्रासदी, सरकार ने मदद नहीं की
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने एलान किया है कि पंजाब में बाढ़ के मद्देनजर मंगलवार को होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करेंगे। पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल बठिंडा से शिअद की एकमात्र सांसद हैं।
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शिरोमणि अकाली दल (शिअद) ने उपराष्ट्रपति चुनाव के बहिष्कार का एलान किया है। पार्टी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा है कि जब पंजाब इस त्रासदी से जूझ रहा है, देश में उपराष्ट्रपति का चुनाव हो रहा है। पंजाब के लोग राज्य सरकार और केंद्र सरकार से बेहद परेशान और नाराज हैं, क्योंकि न तो पंजाब सरकार और न ही केंद्र सरकार उनकी मदद के लिए आगे आई है। शिरोमणि अकाली दल पंजाब के लोगों की भावनाओं और आवाज का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए पार्टी ने उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है।
पंजाब और पंजाबी हमेशा राष्ट्र के साथ खड़े रहे हैं। जब भी और जहां भी कोई संकट आया है लेकिन आज पंजाबियों को अभूतपूर्व बाढ़ के कारण स्वयं एक बहुत ही गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। राज्य का लगभग एक-तिहाई हिस्सा पानी में डूबा हुआ है और घर और फसलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं। बता दें कि पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल बठिंडा से शिअद की एकमात्र सांसद हैं।
अपने लोगों की मदद के लिए शिअद तत्पर
शिअद की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि न तो राज्य सरकार और न ही केंद्र सरकार पंजाबियों की किसी भी तरह से मदद के लिए आगे आई है। इस संकट से आम तौर पर पंजाबी और खासकर सिख, राज्य या केंद्र की किसी भी मदद के बिना लड़ रहे हैं। राज्य के ग्रामीण युवा गुरु साहिबान की कृपा और प्रेरणा से प्रेरित होकर धार्मिक समर्पण की भावना से बाढ़ के खिलाफ इस लड़ाई में सबसे आगे हैं।
शिरोमणि अकाली दल उनकी भावना और प्रतिबद्धता के आगे नतमस्तक है। शिअद अपने लोगों की मदद के लिए पूरी तरह से तत्पर है। जब पंजाब इस त्रासदी का सामना कर रहा है, देश में कल उपराष्ट्रपति चुनाव होने वाले हैं। लेकिन पंजाब के लोग राज्य सरकार और केंद्र सरकार से बहुत परेशान और नाराज हैं क्योंकि न तो पंजाब सरकार, न ही केंद्र सरकार और न ही कांग्रेस उनकी मदद के लिए आगे आई है।
पंजाबियों के सामने बढ़ गई चुनौतियां
उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल पंजाब के लोगों की भावनाओं और आवाज़ का प्रतिनिधित्व करता है। इसलिए पार्टी ने कल होने वाले उपराष्ट्रपति चुनाव का बहिष्कार करने का फैसला किया है। 21 जुलाई को जगदीप धनखड़ के इस्तीफे के बाद उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव जरूरी हो गया था। पंजाब इस समय दशकों में आई सबसे भीषण बाढ़ आपदाओं में से एक का सामना कर रहा है। यह बाढ़ सतलुज, व्यास और रावी नदियों के उफान के साथ-साथ हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण आई मौसमी नालों का परिणाम है। इसके अलावा, पंजाब में हाल के दिनों में हुई भारी बारिश ने भी बाढ़ की स्थिति को और गंभीर बना दिया है, जिससे पंजाबियों के सामने आने वाली चुनौतियां और बढ़ गई हैं।