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पंजाब में सेवा केंद्रों पर लटके ताले: 544 केंद्रों पर काम ठप होने से लोग परेशान, चंडीगढ़ में आज जुटेंगे ऑपरेटर

Fri, 30 Oct 2026 09:24 AM IST
Nivedita संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा/पठानकोट
संवाद न्यूज एजेंसी, बठिंडा/पठानकोट Published by: Nivedita Updated Fri, 30 Oct 2026 09:24 AM IST
सार

बठिंडा के मुख्य सेवा केंद्र सहित जिले के शहरी और ग्रामीण केंद्रों पर कामकाज बंद रहने से लोग परेशान हुए। जरूरी दस्तावेज बनवाने और उनमें संशोधन कराने पहुंचे कई लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा

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Service centers in Punjab Operations at 544 centers come to standstill, operators gather in Chandigarh
हड़ताल - फोटो : ए़डोव

विस्तार

पंजाब के 544 सेवा केंद्रों में कामकाज ठप होने से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ऑपरेटरों पर एक से डेढ़ लाख तक की पेनल्टी लगाने के विरोध में कर्मियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है।
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इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ रहा है, जो आधार कार्ड में संशोधन, जाति व निवास प्रमाणपत्र, मैरिज रजिस्ट्रेशन, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और राशन कार्ड जैसी जरूरी सेवाओं के लिए सेवा केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। ऑपरेटरों ने साफ कर दिया है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के हस्तक्षेप और पेनल्टी प्रक्रिया रद्द होने तक आंदोलन जारी रहेगा। आज ऑपरेटर चंडीगढ़ में जुटकर अगली रणनीति तय करेंगे।
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दूर-दराज से पहुंचे लोग लौटे खाली हाथ
बठिंडा के मुख्य सेवा केंद्र सहित जिले के शहरी और ग्रामीण केंद्रों पर कामकाज बंद रहने से लोग परेशान हुए। जरूरी दस्तावेज बनवाने और उनमें संशोधन कराने पहुंचे कई लोगों को बिना काम कराए लौटना पड़ा। दूर-दराज के गांवों से बसों में सफर कर पहुंचे लोगों को भी निराशा हाथ लगी। हड़ताल लंबी खिंचने पर नागरिक सेवाओं से जुड़े काम और प्रभावित होने की आशंका है।
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सीएम से दखल की मांग 
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष जसविंदर सिंह गिल और जिला प्रतिनिधियों ने कहा कि वे पेनल्टी के मुद्दे पर पहले भी विभागीय अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन समाधान नहीं निकला।


यूनियन ने पुरानी और मनमानी पेनल्टी रद्द करने, तकनीकी त्रुटियों की निष्पक्ष जांच के लिए पारदर्शी नीति बनाने और मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। कर्मचारी नेताओं के अनुसार, प्रदेश स्तरीय बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
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