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Sanjeev Arora: चर्चाओं में रहा राज्यसभा से इस्तीफा, छह माह में बने पावरफुल मंत्री; अब ईडी के निशाने पर

Mon, 11 May 2026 08:59 AM IST
Nivedita न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: Nivedita Updated Mon, 11 May 2026 08:59 AM IST
सार

पंजाब के मंत्री संजीव अरोड़ा के आवास और कार्यालय पर ईडी पहले भी दबिश दे चुकी है, उस समय वे राज्यसभा सांसद थे। इस बार उनकी गिरफ्तारी के बाद सियासत गर्मा गई है।

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Sanjeev Arora resignation from Rajya Sabha sparked widespread discussion
मंत्री संजीव अरोड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पंजाब सरकार में मंत्री संजीव अरोड़ा पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई से एक बार फिर से सूबे की सियासत गर्मा गई है। दो साल से अरोड़ा ईडी के निशाने पर थे क्योंकि इससे पहले भी ईडी अरोड़ा के आवास और कार्यालय पर दबिश दे चुकी है, उस समय वे राज्यसभा सांसद थे। यहां तक कि अरोड़ा का राज्यसभा से इस्तीफा भी चर्चाओं में रहा था और छह महीने के अंदर ही राज्य सरकार में पॉवरफुल मंत्री बने हैं।
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लुधियाना पश्चिम से जीते थे उपचुनाव

लुधियाना पश्चिम चुनाव जीतने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था और उन्हें उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और एनआरआई मामले का विभाग सौंपा गया था। कुछ समय बाद ही उन्हें बिजली और निकाय विभाग सौंप दिया गया और इस तरह इतने कम समय के अंदर ही वह महत्वपूर्ण विभागों की कमान संभालने वाले मंत्री बन गए लेकिन इससे पहले राज्यसभा से इस्तीफे के दौरान आम आदमी पार्टी (आप) विरोधियों के निशाने पर आ गई थी।

विपक्ष ने आरोप लगाया था कि आप दिल्ली हाईकमान से किसी नेता को राज्यसभा में भेजना चाहती है। हालांकि आप हाईकमान ने इन आरोपों से इन्कार कर दिया था और बाद में इन चर्चाओं पर विराम लगाते हुए उद्योगपति राजिंदर गुप्ता को राज्यसभा में भेज दिया था। अरोड़ा पर जून 2024 में भी धन शोधन जांच के मामले में ईडी ने कार्रवाई की थी और लुधियाना के साथ गुरुग्राम में विभिन्न स्थानों पर रेड की थी।

उद्योग मंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रदेश में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने का प्रयास किया और राज्य में तीन दिवसीय प्रगतिशील पंजाब निवेशक सम्मेलन का आयोजन किया जिसमें सरकार ने 15 करोड़ रुपये के निवेश आने का दावा किया। इसके अलावा उन्होंने अपने साथी उद्योगपतियों को भी प्रदेश में निवेश करने के लिए प्रोत्साहित किया।

अलग तरह की राजनीति के लिए पहचान

अरोड़ा की पहचान अलग तरह के राजनेता के रूप में है। लुधियाना पश्चिम चुनाव के दौरान ही भी उन्होंने विपक्षी उम्मीदवारों पर सीधा और निजी हमले बोलने से परहेज किया। यहां तक कि राज्यसभा के कार्यकाल के दौरान भी वह बहुत सक्रिय रहे। इस दौरान उन्होंने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) की प्रमुख परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की वकालत की। अरोड़ा अक्सर गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के साथ मिलते रहे।

रेड से सियासत तेज, भाजपा और आप ने हमले किए तेज 

वर्ष 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले अरोड़ा पर ईडी की कार्रवाई से सियासत तेज हो गई है। भाजपा और आप ने एक दूसरे पर हमला भी तेज कर दिया है। आप जहां इस कार्रवाई को राजनीति प्रेरित बता रही है वहीं भाजपा इसे लेकर आप पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है। इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस व शिअद को भी दोनों दलों पर हमला बोलने का एक मौका मिला गया है।
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