पंजाब में उफनाए दरिया: पठानकोट में चक्की खड्ड पर बना रेल पुल बंद, बाॅर्डर क्षेत्र में स्कूल नहीं खुले
पंजाब में भारी बरसात के बाद डैम के गेट खोल दिए गए हैं। ब्यास में करीब एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बॉर्डर एरिया के सैकड़ों गांव और घरों में पानी घुस गया है। हजारों एकड़ भूमि जलमग्न हो गई है। फसलों का काफी नुकसान हुआ है। सड़कें बह जाने की वजह से यातायात प्रभावित हुआ है।
विस्तार
पहाड़ों और पंजाब में हो रही मूसलाधार बारिश के कारण सूबे में दरिया उफान पर हैं। बांधों का जलस्तर खतरे के निशान की तरफ बढ़ता जा रहा है। इस वजह से भाखड़ा, पौंग, रणजीत सागर डैम से हजारों क्यूसेक पानी रोजाना सतलुज, ब्यास और रावी में छोड़ा जा रहा है। जिससे आठ जिलों पठानकोट, कपूरथला, मोगा, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोजपुर, अमृतसर और होशियारपुर में हालात खराब होते जा रहे हैं।
धुस्सी बांध टूटने से पठानकोट का गांव पम्मा डूबा
पहाड़ों और जिला पठानकोट में बारिश का तांडव पिछले चार दिनों से जारी है। मंगलवार सुबह छह बजे बॉर्डर क्षेत्र के गांव पम्मा में रावी दरिया का जलस्तर बढ़ जाने से धुस्सी बांध टूट गया है। जिसके चलते करीब 10 गांव डूब गए है। चार हजार के करीब आबादी प्रभावित हुई है।
अंग्रेजों के जमाने का रेल पुल एक तरफ से बंद
वहीं, रेलवे ने पठानकोट के साथ लगते चक्की खड्ड पर बना अंग्रेजों के जमाने के रेलवे पुल डाउन लाइन को अस्थाई तौर पर बंद कर दिया है। उसके साथ वाले रेल पुल की अप लाइन से कुछ ट्रेनें निकाली जा रही है। रेल अधिकारियों का कहना है कि रेलवे ने लोगों की सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया है क्योंकि जिस तरह पहाड़ी क्षेत्रों में हो रही बारिश से खड्डे, दरिया, नाले उफान पर है उससे किसी भी तरह का जानी नुकसान भी हो सकता है। अब पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन से वाया अमृतसर-ब्यास से ट्रेनों को दिल्ली-कटड़ा अप-डाउन करवाया जा रहा है।
गांव पम्मा में धुस्सी बांध टूटने के बाद लोगों का कहना है कि रणजीत सागर डैम से छोड़ा जा रहा पानी रावी दरिया से होकर उनके घरों और खेतों तक पहुंचा है। लोग घरों का सामान छतों और रिश्तेदारों के पास रख रहे हैं। कई गांव तो खाली हो चुके हैं। लोग अपने रिश्तेदारों के घर पहुंच रहे है।
कंट्रोल रूम नंबर जारी
जिला प्रशासन ने नरोट जैमल सिंह बमियाल के रावी दरिया साथ लगते क्षेत्रों में जहां-जहां भी कलस्टर सेंटर बनाए गए हैं उन अधिकारियों की लिस्ट भी सोशल मीडिया पर अपलोड की है। अगर लोग किसी तरह की परेशानी में है तो उक्त अधिकारियों से संपर्क कर सकते हैं। दूसरी तरफ, जिला प्रशासन ने दो शरणार्थी स्थल भी बनाए है जिनमें एक राधा स्वामी सत्संग भवन पठानकोट 1 डल्हौजी बाईपास और राधा स्वामी सत्संग घर पठानकोट 2 निकट गांव गौंसाईपुर है। बाढ़ संभावित पठानकोट कंट्रोल रूम नंबर.01862-346944 है, इस पर भी लोग संपर्क कर सकते है।
फिरोजपुर के गांव टेंडी वाला में बाढ़
फिरोजपुर के हुसैनीवाला बॉर्डर से सटे सीमावर्ती गांव टेंडी वाला में बाढ़ आ गई। सभी घर पानी की चपेट में आ गए हैं। सूचना मिलते ही जिला प्रशासन व सेहत विभाग की टीमें लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए गांव में पहुंची। इस मौके पर सिविल सर्जन डॉक्टर राजविंदर कौर ने कहा कि उन्होंने इमरजेंसी के तौर पर लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एंबुलेंस मंगवाई हैं। जरूरत पड़ने पर और भी वाहन मंगवाए जा रहे हैं। लोगों को गांव से सुरक्षित जगह पर पहुंचा जा रहा है। गांव में पानी प्रवेश करना शुरू कर गया है। स्थिति गंभीर होती जा रही है।
रणजीत सागर डैम के सातों गेट खोले गए
पठानकोट के शाहपुरकंडी क्षेत्र स्थित रणजीत सागर झील में सोमवार को जलस्तर 526 मीटर पर पहुंच गया। भारी बारिश के अलर्ट की वजह से डैम प्रशासन ने सोमवार सुबह 9:30 बजे डैम के सातों गेट एक मीटर तक खोल रावी दरिया में 80 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा। पानी छोड़ने की वजह से आसपास के इलाके डूब गए। एक परिवार के चार लोग जंगल क्षेत्र में फंस गए जिन्हें बचाव दल ने रेस्क्यू किया।
एक छह साल का बच्चा साहिल पैर फिसलने की वजह खड्ड में गिरकर तेज बहाव में बह गया, जिससे उसकी मौत हो गई। उसका शव कुछ दूरी पर झाड़ियों में फंसा मिला।
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सड़कें जलमग्न होने और कटाव की वजह से यातायात प्रभावित हो रहा है। बाढ़ की वजह से ट्रैफिक जाम हो गया है जिससे नेशनल हाइवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। जम्मू-कश्मीर-पठानकोट का कुछ हिस्सा बंद होने के चलते पठानकोट जिला पुलिस ने अन्य रूटों से वाहनों को निकाला है। पठानकोट के रंजीत सागर डैम रोड धार कलां की तरफ भूस्खलन से रास्ता बंद हो गया है जिससे जनता को परेशानी हो रही है। सोमवार को कई जगह भारी बारिश दर्ज की गई। बसोहली में 166.5 मिमी, शाहपुरकंडी में 88.5, डैम साइड 147.0, महानपुर 83.0, भूड 46.0, बनी 136.2, पट्टी 146.2, खेरी 142.02, सारटी 163.4, सुरंगानी 46.0 एवं चंबा 84.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने आगामी तीन दिनों के लिए भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। जिला प्रशासन ने लोगों को नदियों और खड्डों से दूर रहने की सलाह दी है।
स्कूलों में छुट्टी
बाढ़ के कहर को देखते हुए डीसी आदित्य उप्पल ने पठानकोट के सभी स्कूलों और कॉलेजों समेत अन्य शिक्षक संस्थाओं में मंगलवार की छुट्टी घोषित की है। जिन स्कूलों में बोर्ड की परीक्षाएं और प्रेक्टीकल जारी हैं, उन पर यह आदेश लागू नहीं होंगे। होशियारपुर की डीसी आशिका जैन ने भी बारिश से बिगड़े हालातों को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में दो दिन मंगलवार और बुधवार को अवकाश की घोषणा की है। वहीं फिरोजपुर और गुरदासपुर में भी स्कूल बंद हैं।
पाकिस्तान की तरफ छोड़ा 1.40 हजार क्यूसेक पानी
हुसैनीवाला बैराज से 1,40,000 क्यूसेक पानी पाकिस्तान की तरफ छोड़ा गया है। अगर पाकिस्तान इस पानी को आगे जाने से रोकता है तो इसके वापस आने का खतरा है जिससे बाढ़ विकराल रूप धारण कर सकती है। ब्यास भी डेंजर मार्क तक पहुंच गई है, जिसमें 100,161 क्यूसिक पानी छोड़ा गया है। इस कारण सुल्तानपुर लोधी के 25 गांवों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
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