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पंजाब में पराली जलाने के मामले: आयोग ने कसा शिकंजा, पांच जिलों के एसएसपी और डीसी को नोटिस
Thu, 05 Nov 2026 08:39 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Thu, 05 Nov 2026 08:39 PM IST
सार
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जालंधर, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला और फाजिल्का के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं।
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पंजाब में पराली जलाने के मामले
- फोटो : ANI
विस्तार
पंजाब में पराली जलाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसे लेकर वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने जालंधर, फरीदकोट, बठिंडा, बरनाला और फाजिल्का के डीसी और एसएसपी को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। अधिकारियों से पूछा गया है कि आदेशों का पालन न करने पर उनके खिलाफ वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों न शुरू की जाए।
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पराली जलाने के मामलों में 32 प्रतिशत बढ़ोतरी
आयोग के अनुसार, जालंधर में 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच पराली जलाने के 57 मामले सामने आए। 2025 में इसी अवधि के दौरान 43 मामले दर्ज हुए थे। इस तरह घटनाओं में 32 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। फरीदकोट में पराली जलाने की 66 घटनाएं दर्ज की गईं लेकिन इनमें से केवल 49 का ही मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। इस पर आयोग ने चिंता जताई है। वहीं, बठिंडा में भी पराली जलाने की घटनाएं बढ़ने पर आयोग ने नाराजगी जाहिर की है। यहां 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच 148 मामले सामने आए।
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बरनाला में आग लगने की 82 घटनाएं दर्ज की गईं लेकिन इनमें से सिर्फ 28 यानी 34 प्रतिशत मामलों में ही मौके पर जाकर निरीक्षण किया गया। आयोग ने इस लापरवाही पर अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उधर, फाजिल्का में 15 सितंबर से 3 नवंबर के बीच पराली जलाने की 52 घटनाएं सामने आईं जबकि 2025 में इसी अवधि के दौरान 42 मामले दर्ज किए गए थे। इस तरह यहां घटनाओं में 23.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। आयोग ने चेतावनी दी है कि अधिनियम की धारा-14 के तहत आदेशों का पालन नहीं करने पर पांच साल तक की कैद, एक करोड़ रुपये तक जुर्माना या दोनों सजाएं हो सकती हैं।
फील्ड सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश
आयोग ने प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर फील्ड सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि एक दिन निरीक्षण करने के बाद अगले दिन दोबारा मौके पर जाकर जांच करें ताकि पराली को फिर से आग न लगाई जा सके।
फील्ड सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश
आयोग ने प्रदेश के सभी जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर फील्ड सर्विलांस बढ़ाने के निर्देश दिए हैं ताकि पराली जलाने की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके। अधिकारियों को यह भी कहा गया है कि एक दिन निरीक्षण करने के बाद अगले दिन दोबारा मौके पर जाकर जांच करें ताकि पराली को फिर से आग न लगाई जा सके।