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डीए कम, वेतन ज्यादा: पंजाब सरकार का दावा, हमारे कर्मचारियों की सैलरी केंद्र से बेहतर; जारी किए आंकड़े
Mon, 03 Aug 2026 10:34 PM IST
शाहिल शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
अमर उजाला ब्यूरो, चंडीगढ़
Published by: शाहिल शर्मा
Updated Mon, 03 Aug 2026 10:34 PM IST
सार
सरकार का तर्क है कि केंद्र का 60 फीसदी डीए पंजाब के मौजूदा उच्च पे-स्केल पर लागू करना संभव नहीं है क्योंकि दोनों की वेतन संरचनाएं अलग-अलग हैं।
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सीएम भगवंत मान
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विस्तार
पंजाब सरकार ने कहा है कि राज्य के कर्मचारियों को वर्तमान में केंद्र सरकार के समान पदों पर कार्यरत कर्मचारियों की तुलना में 30 से 70 फीसदी तक अधिक वेतन मिल रहा है। सरकारी
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प्रवक्ता के अनुसार, इसका मुख्य कारण पंजाब का उच्च पे-स्केल है, जिसके चलते कम महंगाई भत्ता (डीए) मिलने के बावजूद कर्मचारियों का कुल मासिक वेतन केंद्र के कर्मचारियों से अधिक बनता है।
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वर्तमान में केंद्र सरकार अपने कर्मचारियों को 60 फीसदी महंगाई भत्ता दे रही है जबकि पंजाब में यह दर 42 फीसदी है। इसके बावजूद राज्य सरकार का कहना है कि पंजाब के अधिक मूल वेतन के कारण कुल वेतन केंद्र के मुकाबले बेहतर है। सरकार ने स्पष्ट किया कि वह केंद्रीय पे-स्केल और केंद्रीय डीए लागू करने के लिए तैयार है ताकि किसी भी कर्मचारी का वेतन केंद्र सरकार के कर्मचारियों से कम न रहे।
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सरकार का तर्क है कि केंद्र का 60 फीसदी डीए पंजाब के मौजूदा उच्च पे-स्केल पर लागू करना संभव नहीं है क्योंकि दोनों की वेतन संरचनाएं अलग-अलग हैं। सरकार द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में क्लर्क और हवलदार को 54,812 रुपये वेतन मिलता है, जो केंद्र से 17,852 रुपये अधिक है।
स्टेनोग्राफर का वेतन 56,374 है, जो 9,014 रुपये ज्यादा है। ड्राइवर को 40,612, (3,652 अधिक) जबकि ईटीटी शिक्षक को 67,592 वेतन मिलता है, जो केंद्र के समान पद से 1,832 रुपये अधिक है।
प्रवक्ता ने कहा कि वेतन और पेंशन पर पहले से ही भारी वित्तीय बोझ है जिसके कारण विकास कार्यों के लिए उपलब्ध बजट प्रभावित हो रहा है।