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पंजाब फायर एंड इमरजेंसी एक्ट लागू: अब ग्रामीण इलाकों में भी लगेगा फायर टैक्स-फीस, अधिसूचना जारी
Wed, 04 Dec 2024 07:57 AM IST
निवेदिता वर्मा
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 04 Dec 2024 07:57 AM IST
सार
हाई रिस्क वाले भवनों को अधिक एनओसी फीस व जुर्माना देना होगा, जबकि मीडियम व लॉक रिस्क वाले भवनों पर कम फीस लगेगी। राज्य में तीन साल के लिए फायर एनओसी जारी की जाएगी, जो भवन मालिकों के लिए बड़ी राहत है।
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सीएम भगवंत मान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब फायर एंड इमरजेंसी सर्विस एक्ट सूबे में लागू हो गया है। पंजाब सरकार की तरफ से इसकी अधिसूचना जारी कर दी गई है। इस टैक्स में ग्रामीण एरिया में भी फायर टैक्स लगाने का प्रावधान है।
यह टैक्स सभी सरकारी, व्यावसायिक व रिहायशी भवनों पर लागू होगा। साथ ही म्युनिसिपल लिमिट के बाहर फीस भी वसूली जा सकेगी। इसमें कंपाउंडिंग फीस लगाने की भी नगर निकायों को शक्ति दी गई है। कुछ नियमों का अनुपालन नहीं होने पर कंपाउंडिंग फीस देकर उसे नियमित कराया जा सकेगा। इससे राज्य सरकार को अपना राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि राज्य सरकार की तरफ से सभी तरह के टैक्स व नियम बाद में तय किए जाएंगे।
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यह टैक्स सभी सरकारी, व्यावसायिक व रिहायशी भवनों पर लागू होगा। साथ ही म्युनिसिपल लिमिट के बाहर फीस भी वसूली जा सकेगी। इसमें कंपाउंडिंग फीस लगाने की भी नगर निकायों को शक्ति दी गई है। कुछ नियमों का अनुपालन नहीं होने पर कंपाउंडिंग फीस देकर उसे नियमित कराया जा सकेगा। इससे राज्य सरकार को अपना राजस्व बढ़ाने में मदद मिलेगी। हालांकि राज्य सरकार की तरफ से सभी तरह के टैक्स व नियम बाद में तय किए जाएंगे।
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तीन श्रेणियों में बांटे गए भवन
केंद्र सरकार की तरफ से ही नया एक्ट बनाने के निर्देश दिए गए थे, जिसके बाद ही राज्य सरकार ने यह एक्ट तैयार किया था। इसमें भवनों को हाई, मीडियम व लॉ रिस्क कैटेगरी में बांटा गया है। अब इन भवनों पर एनओसी फीस व जुर्माना भी इसी हिसाब से लगेगा। हाई रिस्क वाले भवनों को अधिक एनओसी फीस व जुर्माना देना होगा, जबकि मीडियम व लॉक रिस्क वाले भवनों पर कम फीस लगेगी। राज्य में तीन साल के लिए फायर एनओसी जारी की जाएगी, जो भवन मालिकों के लिए बड़ी राहत है। फायर टैक्स पर सेस लगाने का प्रावधान भी शामिल है।इसके अलावा अब अग्निशमन विभाग जनता को आग की रोकथाम और नियंत्रण से संबंधित अग्रिम सेवाएं प्रदान करने के लिए उपयोगकर्ता शुल्क एकत्र कर सकता है। फायर विभाग को मजबूत करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड का प्रावधान किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने के लिए निदेशक व स्थानीय अथॉरिटी मंजूरी के बाद एग्रीमेंट कर सकेंगे।
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अधिकारियों को अधिक शक्तियां, राज्यस्तरीय अग्नि और आपातकालीन सेवा बनेगी
एक्ट में अग्निशमन विभाग के अधिकारियों व स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को अधिक शक्तियां दी गई हैं। अब अनुपालन न करने वालों के खिलाफ विभागीय अधिकारी अपने स्तर पर कार्रवाई शुरू कर सकेंगे। अगर इमरजेंसी के समय फायर बिग्रेड के काम में बाधा डालने का प्रयास किया जाएगा तो विभाग के पास सख्त कार्रवाई करने का अधिकार होगा। एक राज्यस्तरीय अग्नि और आपातकालीन सेवा बनाई जाएगी। इसका नेतृत्व स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक करेंगे, जिन्हें तकनीकी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों के निर्वहन में सहायता करेंगे। वहीं इसमें कड़ी सजा का प्रावधान भी रहेगा। इसी तरह अधिकारियों को भवनों के निरीक्षण करने के भी विशेष अधिकार दिए गए हैं।एक्ट की अन्य विशेषताएं
- लड़कियों के भर्ती नियम बदलेंगे। लड़कों के समान नहीं उठाना पड़ेगा फिजीकल टेस्ट में वजन
- बीमा योजना का प्रावधान, व्यावसायिक भवन मालिकों को संपत्ति का बीमा कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा
- फायर प्रिवेंशन एंड लाइफ सेफ्टी फंड का गठन
- एक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना और नियम बनाना
- सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर फायर हाइड्रेंट और अन्य उपकरणों की स्थापना का प्रावधान