बेअदबी कानून पर हंगामा: गनीव काैर बोलीं-सरकार ने श्री अकाल तख्त को चुनाैती दी, स्पीकर बोले-किसी की हिम्मत नहीं
कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेसी विधायकों ने रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी की। कांग्रेस विधायकों ने काम रोको प्रस्तावों पर सरकार से स्टेटस मांगा जिस पर स्पीकर में कहा कि जो प्रस्ताव कांग्रेसी विधायकों की तरफ से दिए गए हैं उन्हें स्वीकार किया जाता है।
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पंजाब विधानसभा के मानसून सत्र में बुधवार को बेअदबी रोधी कानून में संशोधन पर चर्चा के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा और अधिकार को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष आमने-सामने आ गए। शिरोमणि अकाली दल की विधायक गनीव कौर मजीठिया ने सरकार पर श्री अकाल तख्त साहिब के अधिकार क्षेत्र को चुनौती देने का आरोप लगाया। उनके आरोपों का कांग्रेस विधायकों ने भी समर्थन किया। इसके बाद सदन का माहौल गरमा गया और विपक्षी विधायक नारेबाजी करते हुए वेल में पहुंच गए। बाद में सभी विपक्षी सदस्य वॉकआउट कर गए।
चर्चा के दौरान गनीव कौर मजीठिया ने कहा कि सरकार ने बेअदबी रोधी कानून में संशोधन का मसौदा तैयार करने से पहले सिख संस्थाओं और श्री अकाल तख्त साहिब से सलाह-मशविरा नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से जिस तरह अकाल तख्त साहिब के निर्देशों और अधिकार क्षेत्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं वह बेहद गंभीर मामला है।
गनीव कौर के आरोपों पर आम आदमी पार्टी के विधायक और मंत्री आक्रामक हो गए। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने विधानसभा अध्यक्ष कुलतार सिंह संधवां से आग्रह किया कि विधायक की इस संबंध में की गई टिप्पणी को सदन की कार्यवाही से हटाया जाए। स्पीकर ने चीमा के आग्रह पर टिप्पणी रिकॉर्ड से हटाने के निर्देश दिए।
इस दौरान स्पीकर संधवां ने गनीव कौर को नसीहत देते हुए कहा कि किसी भी विषय पर बोलने से पहले सिख पंथक इतिहास का पूरा अध्ययन कर लेना चाहिए। हालांकि गनीव कौर अपने आरोपों पर कायम रहीं और कहा कि सरकार अकाल तख्त साहिब की गरिमा को चुनौती देने का काम कर रही है। इस दौरान विपक्ष लगातार नारेबाजी करता रहा।
स्थिति बिगड़ने पर स्पीकर ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख समुदाय की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उसकी मर्यादा का सम्मान सभी को करना चाहिए। इसके बावजूद हंगामा नहीं थमा और विपक्षी विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
सुखबीर बादल ने कार्रवाई की मांग की
शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने आरोप लगाया कि विधानसभा के भीतर अकाली विधायक गनीव कौर मजीठिया को धमकाया गया और उनके खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां की गईं। उन्होंने जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। बादल ने चेतावनी दी कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो शिरोमणि अकाली दल इस मुद्दे को जनता के बीच लेकर जाएगा।
पंजाब में हुए पेपर लीक मामले के विरोध में एबीवीपी की ओर से प्रदर्शन किया जा रहा है। विद्यार्थियों ने विधानसभा का घेराव करने की घोषणा की थी। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की हुई है। विद्यार्थी इस बैरिकेडिंग को पार करने की कोशिश कर रहे थे तो उन पर वॉटर कैनन का प्रयोग किया गया है।