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आपदा फंड पर सियासी टकराव: आंकड़ेबाजी पर विवाद, विस्तृत रिपोर्ट के बाद केंद्र अतिरिक्त पैकेज पर करेगा विचार
Thu, 02 Oct 2025 10:49 AM IST
निवेदिता वर्मा
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 02 Oct 2025 10:49 AM IST
सार
बाढ़ से सूबे में नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 13,832 करोड़ रुपये है जबकि यह बढ़कर 20 हजार करोड़ तक जा सकता है। मौजूदा एसडीआरएफ/एनडीआरएफ मानदंडों के मुताबिक इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। लिहाजा नाॅर्म्स में बदलाव जरूरी है।
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पानी में बाढ़
- फोटो : संवाद/फाइल
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विस्तार
पंजाब में बाढ़ के बाद आपदा फंड के लिए छिड़ा विवाद और सियासी टकराव बढ़ गया है। फंड की आंकड़ेबाजी पर तकरार के चलते केंद्र व सूबा सरकार आमने-सामने है।
पंजाब सरकार जहां केंद्र से बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष पैकेज की मांग कर रही है, वहीं केंद्र का कहना है कि पंजाब सरकार नुकसान और आपदा फंड के खर्च से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन रिपोर्ट प्रस्तुत करे, उसके बाद आगे विचार किया जाएगा। दरअसल, मान सरकार चाहती है कि केंद्र पंजाब के लिए पीएम द्वारा घोषित आपदा फंड 1600 करोड़ से अलग अतिरिक्त राहत पैकेज घोषित करे।
सरकार का दावा है कि बाढ़ से सूबे में नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 13,832 करोड़ रुपये है जबकि यह बढ़कर 20 हजार करोड़ तक जा सकता है। मौजूदा एसडीआरएफ/एनडीआरएफ मानदंडों के मुताबिक इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। लिहाजा नाॅर्म्स में बदलाव जरूरी है।
दूसरी ओर, केंद्र का दावा है कि पंजाब के पास एसडीआरएफ में 12,589.59 करोड़ रुपये की पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। इस फंड में 2021-22 में 528 करोड़, 2022-23 में 554 करोड़, 2023-24 में 582.40 करोड़, 2024-25 में 611.20 करोड़ व साल 2025-26 में 642.40 करोड़ रुपये पंजाब को दिए गए हैं। इस फंड में पहले से माैजूद राशि पर ब्याज भी लगा है।
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लिहाजा पंजाब सरकार इसका इस्तेमाल करे जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान माैजूदा नुकसान के मद्देनजर इस फंड को नाकाफी बताते हैं और इसके इस्तेमाल में मौजूदा नाॅर्म्स को बड़ा रोड़ा मानते हैं।
सीएम ने केंद्र पर पंजाब के साथ साैतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। केंद्र सरकार सरकार ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पंजाब राज्य से ज्ञापन प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना ही 1 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने 3 से 6 सितंबर तक राज्य में मौके पर नुकसान के आकलन के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना बाकी है। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद ही आगे विचार होगा।
किस मद में कितनी राशि खर्ची
बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र बहुत गंभीर है। हमारा सवाल सिर्फ इतना है कि एसडीआरएफ के तहत जो राशि राज्य सरकार के पास है, वह कितनी किस मद में खर्च की गई। केंद्र की ओर से पिछले पांच साल में हरियाणा और हिमाचल से ज्यादा आपदा फंड पंजाब को जारी किया गया है। - अनिल सरीन, महासचिव, पंजाब भाजपा
खर्च का हिसाब मांगना गलत नहीं
एसडीआरएफ में कितना आपदा फंड पड़ा है और कितना खर्च हुआ है। यही बात हमने विधानसभा में भी सरकार से पूछी थी। ठीक है केंद्र पर अतिरिक्त फंड के लिए दबाव बनाना चाहिए मगर फंड के खर्च का हिसाब मांगना तो गलत नहीं है। - प्रताप बाजवा, नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस
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पंजाब सरकार जहां केंद्र से बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष पैकेज की मांग कर रही है, वहीं केंद्र का कहना है कि पंजाब सरकार नुकसान और आपदा फंड के खर्च से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन रिपोर्ट प्रस्तुत करे, उसके बाद आगे विचार किया जाएगा। दरअसल, मान सरकार चाहती है कि केंद्र पंजाब के लिए पीएम द्वारा घोषित आपदा फंड 1600 करोड़ से अलग अतिरिक्त राहत पैकेज घोषित करे।
सरकार का दावा है कि बाढ़ से सूबे में नुकसान का प्रारंभिक अनुमान 13,832 करोड़ रुपये है जबकि यह बढ़कर 20 हजार करोड़ तक जा सकता है। मौजूदा एसडीआरएफ/एनडीआरएफ मानदंडों के मुताबिक इस नुकसान की भरपाई नहीं हो सकती। लिहाजा नाॅर्म्स में बदलाव जरूरी है।
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दूसरी ओर, केंद्र का दावा है कि पंजाब के पास एसडीआरएफ में 12,589.59 करोड़ रुपये की पर्याप्त धनराशि उपलब्ध है। इस फंड में 2021-22 में 528 करोड़, 2022-23 में 554 करोड़, 2023-24 में 582.40 करोड़, 2024-25 में 611.20 करोड़ व साल 2025-26 में 642.40 करोड़ रुपये पंजाब को दिए गए हैं। इस फंड में पहले से माैजूद राशि पर ब्याज भी लगा है।
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लिहाजा पंजाब सरकार इसका इस्तेमाल करे जबकि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान माैजूदा नुकसान के मद्देनजर इस फंड को नाकाफी बताते हैं और इसके इस्तेमाल में मौजूदा नाॅर्म्स को बड़ा रोड़ा मानते हैं।
सीएम ने केंद्र पर पंजाब के साथ साैतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया है। केंद्र सरकार सरकार ने इस आरोप को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पंजाब राज्य से ज्ञापन प्राप्त होने की प्रतीक्षा किए बिना ही 1 सितंबर को एक अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम का गठन किया गया था। इस टीम ने 3 से 6 सितंबर तक राज्य में मौके पर नुकसान के आकलन के लिए प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। हालांकि, राज्य सरकार द्वारा अभी एक विस्तृत ज्ञापन प्रस्तुत करना बाकी है। ज्ञापन प्राप्त होने के बाद ही आगे विचार होगा।
पीड़ितों को आफत से उबारेंगे
वन-नेशन, वन-टैक्स की वजह से पहले ही सूबा राजस्व नुकसान झेल रहा है। अब संकट की घड़ी में केंद्र की ओर से आपदा फंड के आंकड़ों में उलझाने का काम किया जा रहा है। कम से कम हमारा बकाया ही दे दें। आप सरकार बाढ़ पीड़ितों का न हाथ छोड़ेगी और न साथ। लोगों को आफत से जरूर उबारेंगे। - हरपाल सिंह चीमा, वित्तमंत्रीकिस मद में कितनी राशि खर्ची
बाढ़ पीड़ितों के लिए केंद्र बहुत गंभीर है। हमारा सवाल सिर्फ इतना है कि एसडीआरएफ के तहत जो राशि राज्य सरकार के पास है, वह कितनी किस मद में खर्च की गई। केंद्र की ओर से पिछले पांच साल में हरियाणा और हिमाचल से ज्यादा आपदा फंड पंजाब को जारी किया गया है। - अनिल सरीन, महासचिव, पंजाब भाजपा
खर्च का हिसाब मांगना गलत नहीं
एसडीआरएफ में कितना आपदा फंड पड़ा है और कितना खर्च हुआ है। यही बात हमने विधानसभा में भी सरकार से पूछी थी। ठीक है केंद्र पर अतिरिक्त फंड के लिए दबाव बनाना चाहिए मगर फंड के खर्च का हिसाब मांगना तो गलत नहीं है। - प्रताप बाजवा, नेता प्रतिपक्ष, कांग्रेस