फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   People of Punjab are eating cheese and desi ghee containing dangerous chemicals

सेहत से खिलवाड़: पंजाबी खा रहे खतरनाक केमिकल युक्त पनीर और देसी घी, दूध के सैंपल भी फेल, चौंकाने वाली रिपोर्ट

Thu, 07 Aug 2025 04:22 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 07 Aug 2025 04:22 PM IST
सार

पंजाब के लोग खाने-पीने के शौकीन होते हैं। पंजाबी ज्यादा मसालेदार खाना पसंद करते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की मानें को पंजाब के लोग खतरनाक केमिकल वाला पनीर और देसी घी खा रहे हैं। वहीं दूध के सैंपल भी फेल हुए हैं। 

विज्ञापन
People of Punjab are eating cheese and desi ghee containing dangerous chemicals
paneer पनीर - फोटो : Adobe Stock

विस्तार

पंजाब के लोग केमिकल युक्त पनीर व देसी घी का सेवन कर रहे हैं जो सेहत के लिए बहुत हानिकारक है। पंजाब में पनीर के 43 प्रतिशत सैंपल फेल हुए हैं। इनमें 7.09 सैंपल तो सेहत के लिए असुरक्षित पाए गए हैं। इनमें खतरनाक केमिकल पाया गया है।

विज्ञापन


इसी तरह देसी घी के भी 15.78 सैंपल फेल पाए गए हैं जबकि 9.83 सैंपल असुरक्षित पाए गए हैं। पंजाब स्वास्थ्य विभाग ने पिछले तीन साल के अंदर विशेष अभियान चलाकर यह सैंपल लिए थे जिसकी रिपोर्ट जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का कहना है कि इनका सेवन सेहत के लिए हानिकारक है। लोगों को बाहर से खुला पनीर और देसी घी की खरीद से परहेज करना चाहिए। इसकी जगह दूध लेकर घर पर ही पनीर व देसी घी बनाना चाहिए। दूध में फिर भी उस तरह की मिलावट नहीं पाई गई है जो इन दोनों खाद्य पदार्थों में पाई गई है। विभाग ने पनीर के 2340 सैंपल लिए थे जिसमें से 1027 फेल हो गए। इसमें कुल 589 केस दर्ज किए गए।
विज्ञापन


देसी घी के 1160 सैंपल लिए गए जिनमें से 183 सैंपल फेल पाए गए और 73 मामलों में केस भी दर्ज किए गए। विभाग ने दूध के पिछले तीन साल में 2559 सैंपल लिए थे जिसमें से 700 सैंपल फेल हुए जबकि 11 सैंपल सेहत के लिए खतरनाक पाए गए। इसमें 467 मामले दर्ज किए गए। मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आरोप लगाया कि हरियाणा व यूपी से मिलावटरी पनीर आ रहा है
विज्ञापन
विज्ञापन


मसाले भी सुरक्षित नहीं
विभाग ने तरह मसालों के 729 सैंपल में से 94 फेल और 12 सैंपल अनसेफ थे। विभाग ने मिठाई व अन्य खाद्य पदार्थों के 1776 सैंपल लिए जिनमें 146 फेल हुए। 17 सैंपल ऐसे सामने आए जिनका सेवन के लिए खतरनाक था। पिछले पांच साल में 145 मामलों में कैद और जुर्माने की सजा भी हुई है।


फलों को पकाने में भी केमिकल का उपयोग
मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि फलों को पकाने के लिए भी कैल्शियम कार्बाइड केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा है। सब्जियों के साथ ही स्प्रिंग रोल और मोमो की भी चेकिंग कर रहे हैं। सभी रेहड़ीवालों के खाद्य पदार्थों की जांच की जा रही है। तय मानकों पर खरा उतरने पर रेहड़ी पर फूड सेफ्टी ऑफ इंडिया का स्टीकर लगा रहे हैं ताकि लोगों को यह जानकारी मिले कि यहां खाना सुरक्षित है। फूड बिजनेस ऑपरेटरों 3.17 लाख लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन अब तक की जा चुकी है।

तीन साल में मिलावटी खाद्य पदार्थ जब्त
खाद्य पदार्थ                   मात्रा (किलोग्राम में)

पनीर                             5311                    
देसी घी                           5128
मिल्क                            4000
मिठाई व फास्ट फूड              2589

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed