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बर्खास्त डीएसपी गुरशेर संधू को राहत नहीं: लाॅरेंस इंटरव्यू केस में HC ने नाै अप्रैल तक स्थगित की सुनवाई
Fri, 04 Apr 2025 03:47 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 04 Apr 2025 03:47 PM IST
सार
बर्खास्त डीएसपी गुरशेर संधू ने हाईकोर्ट को बताया कि लॉरेंस के हिरासत में इंटरव्यू के मामले में उसे बलि का बकरा बनाया गया है। इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है और लॉरेंस कभी उसकी हिरासत में नहीं था। लॉरेंस को खरड़ के सीआईए कॉम्प्लेक्स में रखा गया था क्योंकि उस समय एजीटीएफ के पास इंटेरोगेशन सेंटर नहीं था।
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बर्खास्त डीएसपी गुरशेर संधू को हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। संधू ने याचिका दाखिल करते हुए कहा था कि लॉरेंस बिश्नोई कभी भी उनकी हिरासत में नहीं था। वह पहले दिन से एजीटीएफ की हिरासत में था, जिसके बावजूद उसे बर्खास्त कर दिया गया।
हाईकोर्ट ने कहा कि आप इस मामले को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं, अब हाईकोर्ट कैसे इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है। हाईकोर्ट ने कोई राहत न देकर सुनवाई 9 अप्रैल तक स्थगित कर दी।
याचिका दाखिल करते हुए संधू ने हाईकोर्ट को बताया कि लॉरेंस के हिरासत में इंटरव्यू के मामले में उसे बलि का बकरा बनाया गया है। इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है और लॉरेंस कभी उसकी हिरासत में नहीं था। लॉरेंस को खरड़ के सीआईए कॉम्प्लेक्स में रखा गया था क्योंकि उस समय एजीटीएफ के पास इंटेरोगेशन सेंटर नहीं था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में उसे हिरासत में रखा गया था।
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संधू ने कहा कि इस मामले में केवल डीएसपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। संधू ने कहा कि पहले उसे सम्मानित किया गया था और उसकी प्रमोशन की भी तैयारी की जा रही थी। हालांकि मामले में उनका नाम सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
याची को कारण बताओ नोटिस देने के बाद बर्खास्त कर दिया गया। याची ने बताया कि उसे व उसके परिवार को गैंगस्टरों से खतरा है बावजूद इसके उनकी सुरक्षा हटा दी गई। उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की कि उनके परिवार की सुरक्षा को बहाल किया जाए।
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हाईकोर्ट ने कहा कि आप इस मामले को लेकर पहले ही सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर चुके हैं, अब हाईकोर्ट कैसे इस याचिका पर सुनवाई कर सकता है। हाईकोर्ट ने कोई राहत न देकर सुनवाई 9 अप्रैल तक स्थगित कर दी।
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याचिका दाखिल करते हुए संधू ने हाईकोर्ट को बताया कि लॉरेंस के हिरासत में इंटरव्यू के मामले में उसे बलि का बकरा बनाया गया है। इस मामले से उसका कोई लेना-देना नहीं है और लॉरेंस कभी उसकी हिरासत में नहीं था। लॉरेंस को खरड़ के सीआईए कॉम्प्लेक्स में रखा गया था क्योंकि उस समय एजीटीएफ के पास इंटेरोगेशन सेंटर नहीं था। सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड मामले में उसे हिरासत में रखा गया था।
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संधू ने कहा कि इस मामले में केवल डीएसपी स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है। संधू ने कहा कि पहले उसे सम्मानित किया गया था और उसकी प्रमोशन की भी तैयारी की जा रही थी। हालांकि मामले में उनका नाम सामने आने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई।
याची को कारण बताओ नोटिस देने के बाद बर्खास्त कर दिया गया। याची ने बताया कि उसे व उसके परिवार को गैंगस्टरों से खतरा है बावजूद इसके उनकी सुरक्षा हटा दी गई। उन्होंने हाईकोर्ट से अपील की कि उनके परिवार की सुरक्षा को बहाल किया जाए।