फिर डंकी रूट का जाल: अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने की घटना से नहीं लिया सबक, पांच माह में 153 युवाओं से ठगी
फरवरी से जुलाई तक 153 युवा विदेश भेजने के नाम पर ठगी का शिकार हो चुके हैं। आए दिन कोई न कोई युवा पनामा और अमेजन के जंगलों में महीनों खाक छानने के बाद जान बचाकर पंजाब लौटता है। फिर वही रूह कंपा देने वाले किस्से और रोते-बिलखते चेहरे सामने आ रहे हैं। न तो युवाओं ने सबक लिया और न उनके अभिभावकों ने। विदेश जाने की चाहत में युवा सब कुछ लुटाने को तैयार हैं।
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विस्तार
इस साल 5 फरवरी को जब अमेरिकी प्रशासन का सी-17 सैन्य विमान डिपोर्ट किए गए 104 भारतीयों को लेकर अमृतसर के श्री गुरु रामदास इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उतरा था तो यह घटना देश भर में सुर्खियां बनी थी। एक के बाद बाद कई दिन तक यह सिलसिला चलता रहा। डिपोर्ट होकर लौटे युवाओं ने विदेश जाने के लिए दोबारा कभी गलत तरीका न अपनाने की शपथ ली। उनके अभिभावकों ने भी यही कसम खाई कि भले कुछ भी हो जाए, वे अपने बच्चों को फिर कभी विदेश नहीं भेजेंगे।
इस घटना को 5 महीने बीत चुके हैं लेकिन पंजाब के युवाओं का डंकी रूट से विदेश जाना जारी है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने हाल ही में पंजाब और हरियाणा में डंकी रूट के नेटवर्क से जुड़े 18 ठिकानों पर छापे मारे। 30 पासपोर्ट जब्त कर करोड़ों रुपये के हवाला व मनी‑लॉन्ड्रिंग रैकेट का पर्दाफाश किया। इससे एक बात तो साफ हो गई कि यह रैकेट बड़े पैमाने पर संगठित रूप से सक्रिय है और युवाओं को फांस कर करोड़ों रुपये कमा रहा है।
शरीर पर ब्लेड से काटे जाने के निशान, पिघले हुए प्लास्टिक से जली हुई चमड़ी, खाने के लिए घास और घने जंगल में मीलों पैदल सफर... यह किसी फिल्म का दृश्य नहीं बल्कि मौत के मुंह से बचकर लौटे कपूरथला के युवक बलविंदर सिंह की दर्द भरी दास्तां है। राैंगटे खड़े कर देने वाली इस कहानी के वे अकेले पात्र नहीं है। उन जैसे सैकड़ों युवा हर साल ऐसे ही खौफनाक मंजर से गुजरते हैं।
बलविंदर सिंह हाल ही में विदेश भेजने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह से बचकर अपने गांव पहुंचे हैं। आठ देशों व अमेजन के जंगल में भटकने के बाद बलविंदर जब अपने गांव बाज पहुंचे तो उनके अभिभावक फूट कर रो पड़े। बलविंदर भी अपने आंसू नहीं रोक पाए। बलविंदर ने बताया कि वह पिछले वर्ष जुलाई में अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। ट्रैवल एजेंट उन्हें पहले दिल्ली से मुंबई ले गए। वहां से
नीदरलैंड, सिएरा लियोन और घाना आदि देशों में घुमाते रहे। बाद में अमेजन के जंगल के रास्ते ब्राजील पहुंचाया। बोलिविया, पेरू और इक्वाडोर होते हुए वह अंत में कोलंबिया पहुंचे जहां उन्हें दलालों के हवाले कर दिया। उनका पासपोर्ट और फोन भी छीन लिया गया। उन्हें एक कमरे में बंद कर दिया गया। वहां पंजाब, हरियाणा और अन्य देशों से युवकों को भी बंदी बनाकर रखा गया था। इनमें नेपाल की कुछ लड़कियां भी थीं। दलाल उन्हें क्रूर यातनाएं देते और वीडियो बनाकर उनके अभिभावकों को भेजते। वीडियो के दम पर परिवार से फिरौती की मांग करते। बहुत से अभिभावक तो डर के मारे पैसे भेज भी देते थे।
बलविंदर ने बताया कि उन्हें अपहरणकर्ताओं ने धमकी दी कि तुम्हें गोली मार दी जाएगी। वह किसी तरह वहां से भाग निकले। कई दिन जंगल में भटकने के बाद वह मुख्य मार्ग तक पहुंचे। इस दौरान जिंदा रहने के लिए उन्हें घास भी खानी पड़ी। एक बाइक सवार ने उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। पांच महीने उनका परिवार से संपर्क हुआ और राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल की मदद से अपने गांव पहुंच सके। सुल्तानपुर लोधी पहुंची बलविंदर की माता शिंदर कौर ने संत सीचेवाल के निवास निर्मल कुटिया पहुंच कर उनका धन्यवाद किया। उन्होंने कहा- यह मेरे बेटे का दूसरा जन्म है। एजेंटों के जाल में फंस कर हमारा घर और जमीन तक बिक गई।
दुखद पहलू यह है कि अमेरिका से डिपोर्ट किए जाने की घटना के बाद भी युवाओं में विदेश जाने की चाहत कम नहीं हुई है। रोज किसी न किसी युवक के ठगे जाने की घटना सामने आ जाती है। 40 से 60 लाख रुपये चुका कर भी युवाओं के हाथ कुछ नहीं लगता। परिवार भी कर्ज में डूब जाता है। शिकायत पर पुलिस केस दर्ज करती है लेकिन ट्रैवल एजेंट हाथ नहीं आते।
हवाला के जरिये हो रहा पैसों का लेनदेन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 11 जुलाई को पंजाब व हरियाणा में कई जगह छापे मारे। कुछ 18 ठिकानों पर की गई कार्रवाई के जांच में जो खुलासा हुआ, उसके अनुसार ईडी को बड़ी मात्रा में फर्जी दस्तावेज व विभिन्न देशों की नकली मुहरें, वीजा से संबंधित दस्तावेज बरामद हुए। जांच के मुताबिक फर्जी इमिग्रेशन स्टांप और विदेशी वीजा स्टांप का इस्तेमाल कर रिकॉर्ड में हेरफेर किया जाता है। हवाला के जरिये करोड़ों रुपये का लेनदेन हो रहा है। एजेंट इस पैसे से अवैध संपत्तियां खरीद रहीं हैं। अवैध इमिग्रेशन व डंकी रूट से जुड़े इस नेटवर्क में बिचौलिए, ट्रैवल एजेंट, भारतीय और विदेश के नागरिक शामिल हैं।
तीन वर्षों में ट्रैवल एजेंटों पर तीन हजार से ज्यादा केस दर्ज
शहर केस
मोहाली 398
जालंधर 375
होशियारपुर 293
पटियाला 235
लुधियाना 228
अमृतसर 188
जालंधर (ग्रामीण) 141
नवांशहर 127
(पंजाब में तीन वर्षों में ट्रैवल एजेंटों पर 3225 मामले दर्ज किए गए हैं।)
मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम में केस
शहर केस
जालंधर 294
अमृतसर 141
होशियारपुर 110
मोहाली 287
लुधियाना 161
फरवरी में अमेरिका ने पंजाब से कुल 131 युवाओं को डिपोर्ट किया।
मार्च से मई के बीच अमेरिका से 332 भारतीय डिपोर्ट हुए इनमें 126 पंजाब के थे।
केस स्टडी-1
26 लाख रुपये ठगे, नहीं भेजा विदेश
लुधियाना में अलग-अलग चार मामलों में ट्रैवल एजेंटों ने 26 लाख रुपये ठग लिए लेकिन विदेश नहीं भेजा। लुधियाना के न्यू अमर नगर निवासी इंद्रजीत सिंह से न्यू शिवाजी नगर निवासी जसविंदर कौर ने खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। जसविंदर कौर ने एक लाख 66 हजार रुपये लेने के बावजूद उसे विदेश नहीं भेजा।
इसी तरह धांधरा के सतजोत नगर इलाके के राजेश मल्होत्रा की शिकायत पर हरियाणा के सोनीपत स्थित मोहल्ला कलां निवासी जिगल किशोर और उसके बेटे राहुल कुमार के खिलाफ केस दर्ज करवाया है। सात लाख 33 हजार रुपये लेने के बावजूद वीजा नहीं लगवाया।
बाजड़ा इलाके के रूपविंदर सिंह की शिकायत पर मोहाली के सेक्टर-38 निवासी ट्रैवल एजेंट अमनदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। रूपविंदर सिंह ने बताया कि अमनदीप ने विदेश भेजने के नाम पर उससे 19 लाख 60 हजार रुपये लिए लेकिन विदेश नहीं भेजा।
दशमेश नगर निवासी मंजीत सिंह की शिकायत पर पुलिस ने कैलाश सेठी, गौतम, अमन गिल, तिवाड़ी, गुरप्रीत सिंह और मनप्रीत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। मंजीत सिंह का बेटा विदेश में जाकर सेटल होना चाहता था। आरोपियों ने उसके बेटे को विदेश में वर्क परमिट दिलाने का झांसा देकर उससे सात लाख पांच हजार रुपये ले लिए।
केस स्टडी-2
अमेरिका बता कर कई देशों में घुमाया, 38 लाख हड़पे
गुरदासपुर की जसबीर कौर निवासी नैनोकोट ने बताया कि उसका बेटा विदेश जाकर आजीविका कमाना चाहता था। आरोपियों ने उनके बेटे तेजपाल सिंह को अमेरिका भेजने के नाम पर 38.24 लाख रुपये ले लिए। पैसे लेने के बाद उनके बेटे को अमेरिका भेजने की जगह पर विभिन्न देशों में घुमाया गया। तेजपाल सिंह काफी समय तक परेशान होने के बाद घर लौट आया। पुलिस ने आरोपी राहुल मिन्हास निवासी बागड़ियां थाना भैणी मियां खां, शाहबाज खां निवासी जितवाल कलां जिला मालेरकोटला, हरमनदीप सिंह, अमृतपाल सिंह निवासी माखेवाल थाना झुनीर मानसा और चमकौर सिंह निवासी चीमा जिला संगरूर के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है।
केस स्टडी-3
फर्जी वर्क परमिट पर भेज 60 लाख की चपत लगाई
वर्क परमिट पर विदेश भेजकर वहां सेटल करवाने का झांसा देकर लुधियाना के कारोबारी से 60 लाख रुपये ठग लिए गए। पुलिस ने मॉडल टाउन निवासी हरदीप की शिकायत पर मोहल्ला ताजगंज निवासी ट्रैवल एजेंट हरपाल सिंह के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हरदीप सिंह ने बताया कि वह विदेश जाना चाहता था। आरोपी के साथ उसकी मुलाकात किसी ने करवाई थी। आरोपी ने उसे विदेश में वर्क परमिट दिलाने और वहीं सेटल करवाने का झांसा दिया। आरोपी ने उससे साठ लाख रुपये ले लिए लेकिन विदेश नहीं भेजा।
मोहल्ला बाबा दीप सिंह नगर निवासी सुरिंदर कुमार की शिकायत पर शिमलापुरी के मठाड़ू चौक निवासी जतिंदर कुमार और ऑक्सफोर्ड वीजा दफ्तर के बलजीत सिंह व प्रीतम सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सुरिंदर कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है कि वह अपनी बहू और पोते को कनाडा भेजना चाहता था। इसके लिए आरोपियों को साढ़े छह लाख रुपये दिए लेकिन विदेश नहीं भेजा।
संगरूर निवासी हरपाल सिंह की शिकायत पर पुलिस ने ग्लोबल वे के ही अमित मल्होत्रा और करुण के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपियों ने हरपाल सिंह के बेटे गुरविंदर सिंह और सिमरनजीत कौर को विदेश भेजने का वादा किया और वर्क परमिट दिलाने का भी वादा किया। आरोपियों ने दोनों से साढ़े 15 लाख रुपये लिए थे।