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राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग: पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों के आरोपों की होगी जांच, चार हफ्ते में मांगी रिपोर्ट
Tue, 03 Nov 2026 09:13 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 03 Nov 2026 09:13 AM IST
सार
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को स्वतंत्र जांच कराकर 10 दिसंबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है।
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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में कथित फर्जी मुठभेड़ों और हिरासत में यातना के मामलों को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है।
आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और गृह सचिव को मामले की स्वतंत्र जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि जांच ऐसे विभागीय अधिकारी से कराई जाए, जिसका मामले में आरोपित डीजीपी कार्यालय से संबंध न हो। आयोग ने चार सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग के आदेश के मुताबिक, मोहाली निवासी अधिवक्ता निखिल सराफ ने 12 जुलाई 2025 को शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाब पुलिस के मुखिया पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त न्यायिक हत्याओं यानी मुठभेड़ों को अंजाम देने के निर्देश दे रहे हैं।
आयोग ने 24 नवंबर 2025 को पंजाब के गृह विभाग के सचिव को शिकायत की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, 23 सितंबर 2026 को भेजी गई रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय से तैयार होकर आई। इस पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीरता से लिया और विभाग के रवैये को लापरवाहीपूर्ण बताया।
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आयोग ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को स्वतंत्र जांच कराकर 10 दिसंबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। ऐसा नहीं होने पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत आयोग अपनी वैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है।
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आयोग ने पंजाब के मुख्य सचिव और गृह सचिव को मामले की स्वतंत्र जांच कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही स्पष्ट किया है कि जांच ऐसे विभागीय अधिकारी से कराई जाए, जिसका मामले में आरोपित डीजीपी कार्यालय से संबंध न हो। आयोग ने चार सप्ताह के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।
आयोग के आदेश के मुताबिक, मोहाली निवासी अधिवक्ता निखिल सराफ ने 12 जुलाई 2025 को शिकायत दी थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि पंजाब पुलिस के मुखिया पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त न्यायिक हत्याओं यानी मुठभेड़ों को अंजाम देने के निर्देश दे रहे हैं।
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आयोग ने 24 नवंबर 2025 को पंजाब के गृह विभाग के सचिव को शिकायत की जांच कर 15 दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। हालांकि, 23 सितंबर 2026 को भेजी गई रिपोर्ट डीजीपी कार्यालय से तैयार होकर आई। इस पर आयोग ने नाराजगी जताते हुए इसे गंभीरता से लिया और विभाग के रवैये को लापरवाहीपूर्ण बताया।
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आयोग ने मुख्य सचिव और गृह सचिव को स्वतंत्र जांच कराकर 10 दिसंबर 2026 तक विस्तृत रिपोर्ट भेजने को कहा है। ऐसा नहीं होने पर मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 13 के तहत आयोग अपनी वैधानिक शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है।