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पंजाब में आतंकी साजिश नाकाम: मोगा थाना ग्रेनेड हमले के 17 आरोपी काबू, पैसों का लालच देकर करवाया था काम
Tue, 21 Jul 2026 01:50 PM IST
Nivedita
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा
संवाद न्यूज एजेंसी, मोगा
Published by: Nivedita
Updated Tue, 21 Jul 2026 01:50 PM IST
सार
पकड़े गए आरोपी आतंकी इकबाल सिंह उर्फ रवि धालीवाल के साथी हैं। धालीवाल अभी यूके में है और कथित तौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
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आरोपियों से बरामद सामान
- फोटो : X @DGPPunjabPolice
विस्तार
मोगा के सदर थाना परिसर में आठ जुलाई की सुबह हुए ग्रेनेड हमले के मामले में मोगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम करने का दावा किया है। आरोपियों के कब्जे से इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED), विस्फोटक सामग्री, एक इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर तथा मैगजीन सहित 9 मिमी ग्लॉक पिस्तौल बरामद की गई है।
आईजी फरीदकोट रेंज नीलांबरी जगदले विजय ने बताया कि 8 जुलाई की सुबह मोगा सदर थाना परिसर में ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(ए), एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की धारा 3 और 6 तथा प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद मोगा पुलिस की 10 टीमों, तकनीकी विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।।
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आईजी फरीदकोट रेंज नीलांबरी जगदले विजय ने बताया कि 8 जुलाई की सुबह मोगा सदर थाना परिसर में ग्रेनेड विस्फोट हुआ था। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 326(ए), एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की धारा 3 और 6 तथा प्रिवेंशन ऑफ डैमेज टू पब्लिक प्रॉपर्टी एक्ट की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया। इसके बाद मोगा पुलिस की 10 टीमों, तकनीकी विशेषज्ञों और खुफिया एजेंसियों ने संयुक्त रूप से जांच शुरू कर पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया।।
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पैसों के लालच में की थी वारदात
जांच में सामने आया कि इस वारदात के मुख्य आरोपी गगन उर्फ काली, राजेश और शुभम, जो फिरोजपुर के रहने वाले हैं, ने मिलकर इस हमले को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार गगन उर्फ काली ने ग्रेनेड फेंका, जबकि एक आरोपी घटना का वीडियो बना रहा था और तीसरा मोटरसाइकिल पर मौजूद था। तीनों आरोपियों को फिरोजपुर से गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें लाजर उर्फ अमन का नाम सामने आया। पुलिस ने लाजर उर्फ अमन को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से IED, विस्फोटक सामग्री, इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर तथा 9 मिमी ग्लॉक पिस्तौल बरामद की।पूछताछ में यह भी सामने आया कि लाजर की सोशल मीडिया के माध्यम से विदेश में बैठे इकबाल उर्फ रवि धालीवाल से बातचीत हुई थी। पुलिस के अनुसार पैसों का लालच देकर इस पूरी साजिश को अंजाम देने की योजना बनाई गई थी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि जम्मू-तवी ट्रेन को उड़ाने की साजिश भी रची गई थी, जिसे पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार बरामद हथियार और विस्फोटक सामग्री पाकिस्तान के रास्ते अमृतसर रूरल और जलालाबाद बॉर्डर के रास्ते डीएलबी के जरिए भारत पहुंचाई गई थी। विदेश में बैठे इकबाल उर्फ रबी धालीवाल के अन्य नेटवर्क और संपर्कों की जांच अभी जारी है।
धालीवाल की महिला दोस्त ने भी की मदद
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के कुछ रिश्तेदारों की भी इस साजिश में भूमिका सामने आई है। इकबाल उर्फ रवि धालीवाल की सहेली कुलजीत कौर ने भी पैसा और पिस्टल लाने में मदद की थी। अब तक इस मामले में कुल 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच में यह भी सामने आया कि लाजर उर्फ अमन हलवाई का काम करता था, जबकि गगन उर्फ काली, राजेश और शुभम मजदूरी करते थे।पुलिस का कहना है कि इन सभी को पैसों का लालच देकर इस आतंकी गतिविधि में शामिल किया गया। इसके अलावा, सदर थाना ग्रेनेड हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान में बैठे शहजाद भट्टी द्वारा सोशल मीडिया पर केएलए के नाम से लेने की बात भी सामने आई है। पुलिस इस पहलू की भी गंभीरता से जांच कर रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों पर यूएपीए की धारा 16, 17, 18, 20, 38 और 40, BNS की धारा 109, 111 और 113, तथा एक्सप्लोसिव सब्सटेंस एक्ट की धारा 4 और 5 भी जोड़ दी गई हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना है। मोगा पुलिस का दावा है कि उसने समय रहते एक बड़ी आतंकी साजिश को विफल कर दिया है।