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India-Pak Ceasefire: ड्रोन अटैक में मारी गई महिला के परिजनों का अंतिम संस्कार से इनकार, सरकार से की ये मांग
Wed, 14 May 2025 11:52 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Wed, 14 May 2025 11:52 AM IST
सार
सरहद पर केवल उन स्कूल व कॉलेज को अभी बंद रखा गया है, जहां भारतीय सेना की टुकड़ी रुकी हुई हैं। इसके अलावा राज्य के हर जिले में अब बाजार, दुकानें, कार्यालय, स्कूल व कॉलेज नियमित तौर पर खुलने लगे हैं।
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अमृतसर में खुले स्कूल
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भारत-पाकिस्तान सीजफायर के बाद पंजाब के सरहदी इलाकों में भी स्थिति सामान्य होने लगी है। फाजिल्का, फिरोजपुर, अमृतसर समेत अन्य सरहदी इलाके में स्कूल व कॉलेज खुल गए हैं। सरहदी इलाकों के डिप्टी कमिश्नरों की ओर से इस संदर्भ में आदेश जारी किए गए हैं।
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सरहद पर केवल उन स्कूल व कॉलेज को अभी बंद रखा गया है, जहां भारतीय सेना की टुकड़ी रुकी हुई हैं। इसके अलावा राज्य के हर जिले में अब बाजार, दुकानें, कार्यालय, स्कूल व कॉलेज नियमित तौर पर खुलने लगे हैं। एहतियात के तौर पर रात के समय सरहदी इलाकों में कुछ जगहों पर ब्लैकआउट और मॉक डि्रल किया जा रहा है।
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भाजपा के नेता सोढ़ी ने रणबीर से कहा कि आप हलके के एमएलए हैं और पीड़ित परिवार के घर पर आए हो। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करें ताकि पीड़ित परिवार को तसल्ली मिल सके। दोनों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। इसी दाैरान वहां मौजूद गांव के लोगों ने भी कहा कि पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की जाए। रणबीर भुल्लर ने कहा कि यह घोषणा मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद करेंगे तो वहां पर मौजूद पीड़ित परिवार के परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें सरकारी नौकरी देने और एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा नहीं की जाती, वह सुखविंदर कौर का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
युद्ध विराम के बाद भी अभी वह लोग अपने घरों पर नहीं लाैटे हैं क्योंकि उनका कहना है कि जब तक पूर्ण तौर पर युद्ध विराम नहीं होगा तब तक वे घर नहीं लौटेंगे। आज बच्चों की संख्या स्कूलों में बहुत कम देखी गई है।
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सरहद पर केवल उन स्कूल व कॉलेज को अभी बंद रखा गया है, जहां भारतीय सेना की टुकड़ी रुकी हुई हैं। इसके अलावा राज्य के हर जिले में अब बाजार, दुकानें, कार्यालय, स्कूल व कॉलेज नियमित तौर पर खुलने लगे हैं। एहतियात के तौर पर रात के समय सरहदी इलाकों में कुछ जगहों पर ब्लैकआउट और मॉक डि्रल किया जा रहा है।
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सरकारी नाैकरी और एक करोड़ के मुआवजे की मांग
फिरोजपुर के गांव खाईफेमीकी में पाकिस्तान ड्रोन हमले में मारी गई महिला सुखविंदर कौर के परिवार ने अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है। बुधवार को पीड़ित परिवार ने आम आदमी पार्टी के विधायक रणबीर भुल्लर से कहा कि पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाए। यदि नहीं देंगे तो वह अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। इस मौके पर मौजूद भाजपा के सीनियर नेता राणा गुरमीत सिंह सोढ़ी और विधायक रणबीर भुल्लर के बीच में बहस भी हुई।भाजपा के नेता सोढ़ी ने रणबीर से कहा कि आप हलके के एमएलए हैं और पीड़ित परिवार के घर पर आए हो। पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये देने की घोषणा करें ताकि पीड़ित परिवार को तसल्ली मिल सके। दोनों के बीच काफी देर तक बहस चलती रही। इसी दाैरान वहां मौजूद गांव के लोगों ने भी कहा कि पीड़ित परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी और एक करोड़ रुपये देने की घोषणा की जाए। रणबीर भुल्लर ने कहा कि यह घोषणा मुख्यमंत्री भगवंत मान खुद करेंगे तो वहां पर मौजूद पीड़ित परिवार के परिजनों ने कहा कि जब तक उन्हें सरकारी नौकरी देने और एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की घोषणा नहीं की जाती, वह सुखविंदर कौर का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे।
फिरोजपुर के सीमावर्ती गांवों में खुले स्कूल, कम बच्चे पहुंचे
फिरोजपुर के सीमावर्ती गांव भाने वाला में बुधवार सरकारी स्कूल खुल गए लेकिन स्कूलों में बच्चों की संख्या बहुत कम है। गांव भाने वाला स्थित सरकारी स्कूल में लगभग 10 फीसदी बच्चे पहुंचे हैं। यही हाल सरहदी गांव के बाकी स्कूलों का भी है क्योंकि बहुत से परिवार भारत पाक के बीच चल रहे तनाव को लेकर अपने बच्चों और कीमती सामान के साथ सुरक्षित जगहों पर अपने रिश्तेदारों के पास गए हुए हैं।युद्ध विराम के बाद भी अभी वह लोग अपने घरों पर नहीं लाैटे हैं क्योंकि उनका कहना है कि जब तक पूर्ण तौर पर युद्ध विराम नहीं होगा तब तक वे घर नहीं लौटेंगे। आज बच्चों की संख्या स्कूलों में बहुत कम देखी गई है।
पठानकोट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी ने जेएंडके के रहने वाला संदिग्ध को किया काबू
पठानकोट रेलवे कैंट स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है। जानकारी के मुताबिक उक्त व्यक्ति रात 11 बजे के करीब जम्मू से आ रही पूजा एक्सप्रेस में सफर कर रहा था। उसके पास बैठे लोगों को उस पर शक हुआ। जब लोगों ने उससे नाम पूछा तो उक्त शख्स ने खुद को चौधरी बताते हुए हिन्दू बताया। जब लोगों ने उससे आधार कार्ड मांगा तो वह टाल मटोल करने लगा। लोगों ने संदिग्ध व्यक्ति की सूचना ट्रेन में मौजूद जेएंडके पुलिस को दी। जिसके बाद जेएंडके पुलिस ने जब उक्त व्यक्ति का आधार कार्ड चेक किया तो वह जेएंडके के राजौरी क्षेत्र का रहने वाला मुस्लिम निकला।ट्रेन में मौजूद पुलिस ने कठुआ पुलिस को सूचित किया। इसके बाद कठुआ पुलिस ने पठानकोट में जीआरपी पुलिस को उक्त व्यक्ति संबंधी सूचित कर तुरंत हिरासत में लेने के लिए कहा। इसके बाद पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन पर जीआरपी पुलिस ने उक्त व्यक्ति को हिरासत में लेकर तुरंत जेएंडके पुलिस के हवाले किया। संदिग्ध व्यक्ति की आगे की जांच जेएंडके पुलिस द्वारा ही की जाएगी। हालांकि उक्त व्यक्ति अपनी पहचान क्यों छुपा रहा था और उसका क्या मकसद था यह सब जांच का विषय है।