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Amritpal Singh: खडूर साहिब के सांसद की सदस्यता के लिए केंद्र ने बनाई कमेटी, जेल में बंद है अमृतपाल
Tue, 25 Feb 2025 10:36 AM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Tue, 25 Feb 2025 10:36 AM IST
सार
खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर संसद सत्र में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। यदि कोई सांसद लगातार 60 दिनों तक संसद की कार्यवाही में अनुपस्थित रहता है, तो उसकी संसदीय सीट खाली घोषित कर दी जाती है। अमृतपाल सिंह अब तक 46 से अधिक दिनों तक संसद की बैठकों से अनुपस्थित रहे हैं।
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अमृतपाल सिंह
- फोटो : फाइल
विस्तार
खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की सदस्यता के लिए भारत सरकार ने कमेटी गठित कर दी है। लोकसभा स्पीकर ने कमेटी बनाई है।
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सांसद अमृतपाल के सदन में शामिल होने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से पूछा था कि सांसदों की छुट्टी मंजूर करने वाली कमेटी गठित की गई है या नहीं। खंडपीठ ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल सत्य पाल जैन को निर्देश लेकर 25 फरवरी को अदालत को सूचित करने को कहा था।
याची का वकील बीमार होने के कारण अब इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। अमृतपाल सिंह ने बताया कि उसे 2023 से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम में हिरासत में रखा गया है। सिंह के वकील का कहना है कि उन्होंने अवकाश के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें इस पर कोई निर्णय नहीं बताया गया है। इसके अलावा, अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में यह भी प्रार्थना की है कि उन्हें सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठकों में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
अमृतपाल सिंह की ओर से दलील दी कि जेल प्रशासन उनके पत्रों को समय पर उन्हें उपलब्ध नहीं कराता। उन्होंने कहा कि लोकसभा सचिवालय से आने वाले पत्रों को रोका या सेंसर नहीं किया जा सकता। याची ने बताया कि अभी उनके पास अब केवल छह दिन बचे हैं। खंडपीठ ने इस पर टिप्पणी की कि संसद के बजट सत्र का पहला चरण पहले ही समाप्त हो चुका है, और जब अगली बार सिंह को संसद में भाग लेने के लिए समन प्राप्त होगा, तब वह फिर से अदालत का रुख कर सकते हैं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने कहा कि सांसद संसद से अवकाश के लिए आवेदन कर सकता है और इसके लिए बनी समिति यह तय करती है कि अनुपस्थिति के कारण वैध हैं या नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिरासत में रहना संसद से अवकाश का एक आधार हो सकता है।
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सांसद अमृतपाल के सदन में शामिल होने की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर केंद्र सरकार से पूछा था कि सांसदों की छुट्टी मंजूर करने वाली कमेटी गठित की गई है या नहीं। खंडपीठ ने अतिरिक्त सालिसिटर जनरल सत्य पाल जैन को निर्देश लेकर 25 फरवरी को अदालत को सूचित करने को कहा था।
याची का वकील बीमार होने के कारण अब इस मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई होगी।
खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह ने याचिका दाखिल करते हुए लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेने की अनुमति मांगी थी। अमृतपाल सिंह ने बताया कि उसे 2023 से राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम के तहत असम में हिरासत में रखा गया है। सिंह के वकील का कहना है कि उन्होंने अवकाश के लिए आवेदन दिया था, लेकिन अब तक उन्हें इस पर कोई निर्णय नहीं बताया गया है। इसके अलावा, अमृतपाल सिंह ने अपनी याचिका में यह भी प्रार्थना की है कि उन्हें सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजना के तहत अधिकारियों और मंत्रियों के साथ बैठकों में भाग लेने की अनुमति दी जाए।
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अमृतपाल सिंह की ओर से दलील दी कि जेल प्रशासन उनके पत्रों को समय पर उन्हें उपलब्ध नहीं कराता। उन्होंने कहा कि लोकसभा सचिवालय से आने वाले पत्रों को रोका या सेंसर नहीं किया जा सकता। याची ने बताया कि अभी उनके पास अब केवल छह दिन बचे हैं। खंडपीठ ने इस पर टिप्पणी की कि संसद के बजट सत्र का पहला चरण पहले ही समाप्त हो चुका है, और जब अगली बार सिंह को संसद में भाग लेने के लिए समन प्राप्त होगा, तब वह फिर से अदालत का रुख कर सकते हैं। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सत्य पाल जैन ने कहा कि सांसद संसद से अवकाश के लिए आवेदन कर सकता है और इसके लिए बनी समिति यह तय करती है कि अनुपस्थिति के कारण वैध हैं या नहीं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि हिरासत में रहना संसद से अवकाश का एक आधार हो सकता है।
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