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Punjab: प्रदर्शन करेंगे किसान, 70 हजार प्रति एकड़ मुआवजा मांगा, पराली जलाने पर क्या बोले एसकेएम नेता पंधेर?
Sun, 28 Sep 2025 01:00 PM IST
अंकेश ठाकुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 28 Sep 2025 01:00 PM IST
सार
संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से सरकार के खिलाफ प्रदर्शन का एलान किया गया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर का कहना है कि बाढ़ हुए नुकसान के लिए किसानों को 70 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
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किसान नेता सरवन सिंह पंधेर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
किसान मजदूर मोर्चा (एसकेएम) की शनिवार को एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में एलान किया गया कि 6 अक्टूबर को पंजाब भर में किसान प्रदर्शन करेंगे। यह प्रदर्शन बाढ़ से हुए नुकसान के मुआवजे के लिए प्रदर्शन किया जाएगा। मोर्चा के नेताओं ने कहा कि बाढ़ में नुकसान झेल रहे किसानों को कम से कम 70 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलना चाहिए। खेत मजदूरों को भी कुल मुआवजे का 10 प्रतिशत दिया जाए। बैठक के दौरान मोर्चा ने पंजाब सहित सभी राज्यों के उन लोगों का आभार व्यक्त किया जो बाढ़ के दौरान मदद के लिए आगे आए थे।
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पराली जलाने के मुद्दे पर बात करते हुए मोर्चा के नेताओं सरवन सिंह पंधेर समेत अन्य ने ताजा आंकड़े और अध्ययन दिखाए जिनके अनुसार प्रदूषण में किसानों का योगदान 6 प्रतिशत से भी कम है। कहा कि इसके बावजूद अदालतें और सरकारें सारा दोष किसानों पर डाल रही हैं और उनके लिए कठोर जुर्माने और सजा तय की गई है।
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दूसरी ओर सरकार ने उद्योगों के खिलाफ बनाए गए कानूनों में भारी ढील दी है। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए कम से कम 6000 रुपये प्रति एकड़ मिलने चाहिए। मोर्चा ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और स्थानीय पंचायतों से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रहने वाले किसानों से किसी भी तरह का ठेका शुल्क न लेने की भी अपील की। मोर्चा ने कहा कि पुलिस ने ट्रॉली चोरी मामले में आप नेता पंकज पप्पू को बचाया और संबंधित डीएसपी ने कानून के अनुसार कार्रवाई न करके पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया।
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पंजाब में 82 हुए पराली जलाने के मामले, 46 में एफआईआर दर्ज
पंजाब के खेतों में लगातार पराली जल रही है और शनिवार को कुल मामलों की गिनती बढ़कर 82 हो गई। पराली जलाने में सबसे अधिक 46 मामले अमृतसर जिले में सामने आए हैं। पंजाब में 15 सितंबर से सैटेलाइट के जरिये खेतों की मॉनीटरिंग हो रही है और तब से लगातार पराली जल रही है। पहले दिन 15 को पराली जलाने के पांच मामले हुए। 16 को 18 मामले, 17 को 17 मामले, 18 को 11 मामले, 19 को एक मामला, 20 को भी एक मामला, 21 को 9 मामले, 22 को छह, 23 सितंबर को आठ मामले सामने आए। इस तरह से अब तक कुल मामलों की गिनती बढ़कर 82 हो गई है।
1 लाख 70 रुपये जुर्माना राशि वसूली
अमृतसर के बाद पटियाला में सबसे अधिक 10 मामले, तरनतारन में 9, बरनाला में दो, बठिंडा, फरीदकोट, फिरोजपुर, व जालंधर में एक-एक मामला, कपूरथला व मालेरकोटला में तीन-तीन मामले, होशियारपुर में दो, संगरूर में भी दो और एसएएस नगर में भी एक मामला हुआ है। 46 मामलों में 2 लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इस जुर्माना राशि में से 1 लाख 70 रुपये की वसूली भी कर ली गई है। वहीं 46 मामलों में सेक्शन 223 बीएनएस के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पराली जलाने पर पंजाब में 32 रेड एंट्रियां की गई हैं। भूमि रिकॉर्ड में रेड एंट्री होने पर संबंधित किसान न तो अपनी जमीन बेच सकता है और न ही उसे गिरवी या फिर उस पर लोन ले सकता है।